चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में बचा है सिर्फ 48 घंटे का ईंधन, इसके बाद क्या है खतरा ? यूक्रेन ने बताया
कीव, 9 मार्च : यूक्रेन का चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट पर रूस ने कब्जा कर रखा। लेकिन, अब उसके खतरे को लेकर यूक्रेन ने बहुत बड़ी चेतावनी दी है, जिससे पूरे यूरोप में हड़कंप मच गया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि प्लांट में डीजल जेनरेटरों के लिए सिर्फ 48 घंटे का ईंधन बचा हुआ है। इसके बाद कूलिंग सिस्टम ठप हो जाएगा, जिसके चलते रेडिएशन होना तय है। उन्होंने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन की वजह से पूरे यूरोप पर खतरा मंडरा रहा है। यूक्रेन इस संबंध में इंटरनेशनल ऑटोमेटिक एनर्जी एजेंसी से भी दखल देने की मांग कर चुका है।

चोर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट से रेडिएशन निश्चित- यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि 'चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट को चलाने के लिए रिजर्व डीजल जनरेटरों में सिर्फ 48 घंटे की क्षमता है। इसके बाद,खर्च हुए परमाणु ईंधन की स्टोरेज फैसिलिटी का कूलिंग सिस्टम बंद हो जाएगा, जिससे रेडिएशन का लीक होना तय है। पुतिन के बर्बर युद्ध ने पूरे यूरोप को खतरे में डाल दिया है।'
न्यूक्लियर पॉवर प्लांट की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग
उन्होंने इस संबंध में खुद ही ट्वीट भी किए हैं और इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- 'चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट को सप्लाई करने वाला एकमात्र बिजली ग्रिड और इसके रूसी कब्जे वाले सभी परमाणु संयंत्र क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। चोर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट की सभी बिजली आपूर्ति ठप हो चुकी है। मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करता हूं कि रूस से तत्काल युद्ध विराम की मांग करे और मरम्मत करने वालों को बिजली आपूर्ति बहाल करने की अनुमति दी जाए।'
यूक्रेन ने आईएईए से लगाई गुहार
दरअसल, इससे पहले यूक्रेन कह चुका है कि इस प्लांट के स्टाफ की हालत नाजुक होती जा रही है और रूसी हमले की वजह से इस प्लांट की सारी विद्युत आपूर्ति बाधित हो चुकी है। इसके स्टाफ को मुश्किल से ही खाना-पानी और दवाइयां मिल पा रही हैं। यूक्रेन ने इंटरनेशनल ऑटोमिक एनर्जी एजेंसी से भी कहा है कि वहां मौजूद कर्मचारियों को बदलने के लिए योजना तैयार करे। यह बयान आईएईए की ओर से ही जारी किया गया है।
गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूसी हमले की शुरुआत के 14 दिन गुजर चुके हैं। लेकिन, वह ना तो इसपर पूरी तरह से कब्जा ही कर पाया है और ना ही जंग रोकने के लिए तैयार हो रहा है। इसकी वजह से 20 लाख से ज्यादा नागरिक दूसरे देशों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं और कितनों की ही जान जा चुकी है। इस बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब रूस ने कहा है कि वह बातचीत करना चाहता है और यूक्रेन सरकार को हटाने की कोशिश नहीं कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications