ब्रिटेन की शिक्षा व्यवस्था को बदलना मेरा व्यक्तिगत लक्ष्य... ऋषि सुनक जारी करेंगे 2023 के लिए एजेंडा
ऋषि सुनक के सामने सबसे बड़ी चुनौती साल 2024 के आखिर में होने वाले आम चुनाव में अपनी पार्टी को जीत दिलाना है, जो आपसी कलह की वजह से काफी मुश्किलों में घिरी है।

Math Classes in UK: यूनाइटेड किंगडम में अब 18 साल की उम्र तक के बच्चों के लिए गणित की पढ़ाई करना अनिवार्य होने वाला है और यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सनक बुधवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं, जिसमें सभी विद्यार्थियों को 18 साल की उम्र तक गणित की पढ़ाई करना जरूरी होगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री साल 2023 के लिए अपने एजेंडे का निर्धारण करने वाले हैं, जिसमें वो कई मुद्दों को संबोधित करेंगे। इस दौरान उनका मकसद अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के लिए जनाधार को भी मजबूत करना था।

शिक्षा सुधारों की तरह कदम
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का लक्ष्य ब्रिटेन की घरेलू नीति के एजेंडे में शिक्षा में सुधार की नीति को सामने रखना है और इसके लिए वो अपने सांसदों के सवालों का भी जवाब दे रहे हैं, जिसका उन्हें पॉजिटिव रिस्पॉंस मिल रहा है। प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने साल 2023 के लिए अपने एजेंडे को देश के सामने रखने वाले है, जिसमें उन्होंने "ब्रिटेन के लिए बेहतर भविष्य के लिए महत्वाकांक्षा" का अनावरण करेंगे। उनके एजेंडे में इंग्लैंड में सभी स्कूली विद्यार्थियों को 18 वर्ष की आयु तक गणित सीखने की आवश्यकता पर जोर होगा। इंग्लैंड में फिलहाल 80 लाख ही ऐसे वयस्क हैं, जिन्होंने सिर्फ प्राथमिक विद्यालय तक ही गणित की पढ़ाई की है, और 16 से 19 साल की उम्र के छात्रों को गणित का काफी कम ज्ञान हैं, लिहाजा सरकार की कोशिश ये है, कि ऐसे छात्रों को गणित की जरूरी जानकारी जरूर होनी चाहिए।

गणित पर सरकार की नीति क्या है?
हालांकि, ए-लेवल की पढ़ाई के लिए गणित अनिवार्य नहीं होगा और प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ किया है, कि गणित के अलावा कुछ और रास्तों की तलाश की जा रही है, जिसमें छात्रों को टेक्निकन नॉलेज दी जा सके। हालांकि, ये फैसला कब से प्रभावी होगा, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सरकार का कहना है, कि चुनाव से पहले इसपर काम शुरू हो जाएगा। ऋषि सुनक ने कहा कि, ब्रिटेन में शिक्षा की दिशा में सुधार करना उनका प्राथमिक एजेंडारहा है और ये मेरा व्यक्तिगत एजेंडा रहा है और ब्रिटिश राजनीति में आने का सबसे महत्वपूर्ण कारणों में एक कारण शिक्षा में सुधार करना है।

शिक्षा में सुधार एजेंडे से कितना फायदा?
ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी बीते एक सालों में भारी उथल-पुथल से गुजरी है और पिछले चुनाव में रिकॉर्डतोड़ बहुमत हासिल करने वाली पार्टी के लिए आगामी चुनाव काफी मुश्किलों से भरा है। बीते दिनों कराए गये सर्वे में पता चला था, कि कंजर्वेटिव पार्टी, देश की मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी से 20 प्रतिशत अंकों से पीछे हो गई है। यानि, ऋषि सुनक की पार्टी आगामी चुनाव बुरी तरह से हार सकती है, लिहाजा अब ऋषि सुनक अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने में जुट गये हैं। ऋषि सुनक का एजेंडा उस वक्त सामने आने वाला है, जब ब्रिटेन कोविड संकट, अलग अलग हड़तालों और आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है।

अगले चुनाव के लिए बनाएंगे प्लान
ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सनक बुधवार को जब साल 2023 के लिए अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करेंगे, को उनकी कोशिश अपनी अशांत कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों को आश्वस्त करने की होगी, कि उनकी पार्टी के अंदर सब ठीक है और उनके पास अगले राष्ट्रीय चुनाव में उनका नेतृत्व करने के लिए क्या है। पिछले साल प्रधानमंत्री बनने के एक असफल प्रयास के बाद, सुनक ने अपने पूर्ववर्ती और एक बार के प्रतिद्वंद्वी, लिज़ ट्रस के इस्तीफे के बाद काम संभाला था। लेकिन, ऋषि सुन की सरकार भी काफी मुश्किलों का सामना कर रही है और ब्रिटेन के हजारों कर्मचारी अलग अलग मांगों और वेतन वृद्धि के लिए बार बार हड़ताल कर रहे हैं। वहीं, मुद्रास्फीति ने पिछले 40 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।












Click it and Unblock the Notifications