फिलीस्तीन पर बार बार विवादित टिप्पणी.. क्या ऋषि सुनक भारतीय मूल की गृहमंत्री को करेंगे बर्खास्त?
ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन अपनी कठोर टिप्पणियों के लिए जानी जाती हैं। लेकिन फिलिस्तीन समर्थन मार्च पर की गई टिप्पणी से वे मुश्किल में घिर गई हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पर सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
डाउनिंग स्ट्रीट ने जोर देकर कहा कि उसे ब्रेवरमैन पर पूरा भरोसा है, लेकिन वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि द टाइम्स में एक ओपिनियन लेख में उसकी टिप्पणियाँ बिना पीएम सुनक की सहमति के बिना कैसे प्रकाशित की गईं।

सुनक के एक प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय का जिक्र करते हुए संवाददाताओं से कहा, "ओपिनियन लेख, पीएम के विचारों से मेल नहीं खाते हैं।" मामले से परिचित लोगों के अनुसार, ब्रेवरमैन का लेख सुनक के कार्यालय को भेजा गया था, जिसमें उन बदलावों का अनुरोध किया गया था जो नहीं किए गए थे।
दरअसल बीते महीने गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने इजराइल-गाजा संघर्ष को लेकर देश में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को 'नफरती मार्च' करार देते हुए कहा था कि 'घृणित' तत्वों से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर वह आतंकवाद रोधी कानून को बदलने में संकोच नहीं करेंगी
फिलिस्तीन समर्थक रैलियों को "नफरती मार्च" करार दिया था। इस दौरान ब्रेवरमैन ने फिलिस्तीन समर्थक मार्च के पुलिसिंग की आलोचना की थी। ब्रेवरमैन ने लिखा, "आक्रामकता में शामिल दक्षिणपंथी और राष्ट्रवादी प्रदर्शनकारियों को पुलिस की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ता है, मगर फिलिस्तीन समर्थक भीड़ को बड़े पैमाने पर नजरअंदाज कर दिया जाता है, भले ही वे स्पष्ट रूप से कानून तोड़ रहे हों।"
आंतरिक मंत्री ने कहा कि उनका मानना नहीं है कि विरोध प्रदर्शन "महज गाजा के लिए मदद की गुहार" था, बल्कि "कुछ समूहों - विशेष रूप से इस्लामवादियों द्वारा प्रधानता का दावा" था।
ब्रेवरमैन कहा कि गाजा पर इजराइल के हमलों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बुरे तत्व देखे गए हैं, जो जानबूझकर आपराधिक काम कर रहे हैं। सुएला ने पुलिस से आह्वान किया था कि वह यहूदी विरोधी भावना को कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख बनाए रखे।
लेकिन इस बीच ये अटकलें तेज हो गई हैं कि ब्रैवरमैन की आक्रमकता के पीछे उनका भविष्य में खुद को पीएम पद के लिए तैयार करना है या फिर अगले आम चुनाव से पहले दक्षिणपंथियों को लुभाने के लिए सुनक की पार्टी की एक चाल है।
स्वयं ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने शनिवार को लंदन में आयोजित फिलिस्तीन समर्थक मार्च को "भड़काऊ और अपमानजनक" बता चुके हैं और लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस को इस पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दे चुके हैं।
पिछले महीने सुनक ने कहा था कि जो लोग हमास का समर्थन करते हैं वे इजराइल पर हुए इस भयावह हमले के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। वे उग्रवादी नहीं हैं। वे स्वतंत्रता सेनानी नहीं हैं। वे आतंकवादी हैं।












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