बस 9 दिन ही चला टिकटॉक अकाउंट, चीन से संबंध के शक में ब्रिटेन की संसद ने किया बंद

ब्रिटेन के कई सांसदों द्वारा संसद सदस्यों की जानकारी चीन के साथ शेयर किए जाने की आशंका जताए जाने के बाद ब्रिटिश पार्लियामेंट टिकटॉक अकाउंट को बंद कर दिया है।

लंदन, 05 अगस्तः ब्रिटेन के कई सांसदों द्वारा संसद सदस्यों की जानकारी चीन के साथ शेयर किए जाने की आशंका जताए जाने के बाद ब्रिटिश पार्लियामेंट टिकटॉक अकाउंट को बंद कर दिया है। युवा लोगों को राजनीति से जोड़ने के उद्देश्य से कुछ दिन पहले ही यह अकाउंट शुरू किया गया था। पिछले साल कई ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त रूप से 'हाउस ऑफ कॉमन्स' और 'हाउस ऑफ लॉर्ड्स' दोनों सदनों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर बीते महीने के आखिर में शुरू हुए इस खाते को बंद करने की मांग की थी।

बस 9 दिन ही चला टिकटॉक

बस 9 दिन ही चला टिकटॉक

27 जुलाई को लाइव हुए इस खाते को लॉक कर दिया गया है और इसकी सामग्री को एक सप्ताह से भी कम समय में रिमूव कर दिया गया है। पाकिस्तानी मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद नुस गनी ने ट्वीट कर इस पत्राचार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टिकटॉक के अधिकारी सांसदों को ये समझाने में विफल रहे कि कंपनी डेटा हस्तांतरण को रोक सकती है। संसद के एक प्रवक्ता ने कहा कि सदस्यों की प्रतिक्रिया के आधार पर हम ब्रिटेन की संसद के टिकटॉक खाते को बंद कर रहे हैं।

27 जुलाई को शुरू हुआ था अकउंट

27 जुलाई को शुरू हुआ था अकउंट

27 जुलाई को लाइव हुए इस खाते को लॉक कर दिया गया है और इसकी सामग्री को एक सप्ताह से भी कम समय में रिमूव कर दिया गया है। पाकिस्तानी मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद नुस गनी ने ट्वीट कर इस पत्राचार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टिकटॉक के अधिकारी सांसदों को ये समझाने में विफल रहे कि कंपनी डेटा हस्तांतरण को रोक सकती है। संसद के एक प्रवक्ता ने कहा कि सदस्यों की प्रतिक्रिया के आधार पर हम ब्रिटेन की संसद के टिकटॉक खाते को बंद कर रहे हैं।

चीन की सरकार से संबंध को किया इनकार

चीन की सरकार से संबंध को किया इनकार


पूर्व टोरी नेता सर इयान डंकन स्मिथ ने टिकटॉक अकाउंट के बंद करने के निर्णय का स्वागत किया। टिकटॉक की मूल कंपनी चीन स्थित बाइटडांस है, लेकिन वह चीन की सरकार से किसी भी प्रकार के संबंधों से इनकार करती है। कंपनी का दावा है कि सभी डेटा अमेरिका और सिंगापुर में संग्रहित हैं। टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने कहा, "हालांकि यह निराशाजनक है कि संसद अब ब्रिटेन में टिकटॉक का उपयोग करने वाले लाखों लोगों से नहीं जुड़ पाएगी। हम संसद के उन सदस्यों को आश्वस्त करने के प्रस्ताव को दोहराते हैं।"

भारत और ऑस्ट्रेलिया में है बैन

भारत और ऑस्ट्रेलिया में है बैन

गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया में टिकटॉक पूरी तरह बैन हो चुका है। पाकिस्तान ने ने भी टिकटॉक पर अक्टूबर 2020 में प्रतिबंध लगाया था। उसने कहा था कि उसे ऐप पर सामग्री कथित तौर पर अनैतिक, अश्लील और अशिष्ट पाए जाने को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। हालांकि पाकिस्तान ने चार महीने बाद यह प्रतिबंध हटा लिया था। इसके अलावा अन्य कई देशों में चीनी सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक को बैन करने की मांग तेज हो गयी है।

अमेरिका में भी उठ रही मांग

अमेरिका में भी उठ रही मांग

बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के 24 सांसदों ने खत लिखकर सरकार से टिकटॉक पर बैन लगाने की मांग की है। इन सांसदों ने कहा है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाकर एक रास्ता दिखाया है और अब अमेरिका को भी यही करना चाहिए। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कुछ दिन पहले कहा था कि अमेरिका भी कई चीनी ऐप्स पर बैन लगाने की दिशा में जरूरी कदम उठा रहा है। वहीं, ब्रिटेन में भी ऐसी मांग लगातार उठती रही है।

दूसरा सबसे अधिक डॉउनलोड किया जाने वाला एप है टिकटॉक

दूसरा सबसे अधिक डॉउनलोड किया जाने वाला एप है टिकटॉक

टिकटॉक एक सोशल मीडिया एप है जिसकी मूल कंपनी बाइटडांस है। इस पर यूजर्स शॉर्ट वीडियो, संगीत वीडियो और जीआईएफ बना सकते हैं। टिकटॉक की टैगलाइन मेक एवरी सेकेंड काउंट है। 2019 में यह व्हाट्सएप के बाद विश्वस्तर पर दूसरा सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला एप बन गया। 2016 में लांच हुए टिकटॉक को चीन में डॉयन नाम से जाना जाता था। 2017 में यह पूरी दुनिया में लांच किया गया। भारत में इसे पहले म्यूजिकली के नाम से जाना जाता था। बीते साल 2021 की तिमाही में यह एक अरब वैश्विक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच गया था। 2022 के अंत तक इसे 1.8 उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है।

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