विदेश ले जाते वक्त पिंजरे से निकल गये दो शेर, सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर मची अफरातफरी
सिंगापुर की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांगी एयरपोर्ट पर उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब लोगों को पता चला कि पिंजरे से दो शेर बाहर निकल गये हैं
चांगी एयरपोर्ट/सिंगापुर, दिसंबर 13: जरा सोचिए, उस वक्त क्या स्थिति बनी होगी, जब आप एयरपोर्ट पर मौजूद हों और आपको अचानक पता चले, कि एयरपोर्ट पर दो शेर पिंजरे से बाहर आ गये हैं? जाहिर है, उस स्थिति की कल्पना करना भी आसान नहीं होगा। लेकिन, सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर ऐसा ही हुआ है, जब विदेश ले दो शेर पिंजरे से बाहर आ गये।

पिंजरे से बाहर निकले दो शेर
सिंगापुर की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांगी एयरपोर्ट पर उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब लोगों को पता चला कि पिंजरे से दो शेर बाहर निकल गये हैं। 'द स्ट्रेट्स टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों शेरों को मंजई वन्यजीव समूह की देखरेख में विदेश ले जाया जा रहा था, लेकिन एयरपोर्ट पर कंटेनर का मुंह खुल गया और दोनों शेर कंटेनर से बाहर आ गये। जिसके बाद एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बन गया।

विदेश ले जाये जा रहे थे दोनों शेर
रिपोर्ट के मुताबिक, पिंजरे से बाहर आने के बाद दोनों शेर लोगों की तरफ बढ़ने लगे, जिससे एयरपोर्ट पर मौजूद यात्री काफी घबरा गये, लेकिन इससे पहले की दोनों शेर किसी यात्री पर हमला कर पाते, उन्हें बेहोश करने वाली गोली मार दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि, दोनों शेरों को कहा ले जाया जा रहा था, लेकिन दोनों सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) द्वारा ले जाये जा रहे थए और सिंगापुर दैनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, शिपमेंट में सात शेर सवार थे।

पिंजरे के ऊपर बैठा था एक शेर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजाद होने के बाद एक शेर कंटेनर के ऊपर जाकर बैठ गया था और एयरपोर्ट के चारों तरफ देख रहा था। हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि, कंटेनर के चारों तरफ भी जाल लगा था, लिहाजा शेर बाहर नहीं आ सकता था। वहीं, एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के संचालन में भी कोई व्यवधान नहीं आया। एसआईए की रिपोर्ट के मुताकि, '' पूरी घटना की जांच की जा रही है और शेरों को सुरक्षित कर लिया गया है।

बेहोश नहीं थे शेर
रिपोर्ट के मुताबिक, पिंजरे में विदेश ले जाए जा रहे सातों शेरों को बेहोश नहीं किया गया था, जबकि नियमों के मुताबिक, एयरलाइंस से ले जाते वक्त शेरों को बेहोस करना जरूरी होता है। मंडई वन्यजीव समूह के प्रवक्ता ने कहा कि, शेरों को बेहोश करने की जरूरत थी ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाए। 'द स्ट्रेट्स टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, मंडई वन विभाग ने कहा है कि, 'शेरों पर नजर रखी जा रही है। वे कुछ समय के लिए हमारी देखभाल में रहेंगे और हम इस मामले में एसआईए के साथ निकट संपर्क में रहेंगे।'

पहली बार नहीं हुआ है ऐसा
यह पहली बार नहीं है जब किसी जानवर ने अपने आप को आश्चर्यजनक रूप से अपने घेरे से मुक्त पाया है। 2005 में एन्जिल नाम का एक जगुआर जूकीपर्स द्वारा बाड़े में मांस फेंकने के लिए इस्तेमाल किए गए एक छोटे से छेद से बच निकला था, जिससे चिड़ियाघर में अफरातफरी मचा दी थी और करीब 500 विजिटर्स को इमरजेंसी तरीके से बाहर निकाला गया था। वहीं, आधे घंटे के बाद जगुआर को काबू में किया गया था। वहीं, 2019 में, लिम चू कांग फार्म का एक बैल अपने परिसर से भाग गया और 14 घंटे से अधिक समय के बाद भी फरार रहा था।












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