तुर्की में चुन-चुनकर विपक्ष को ठिकाने लगा रहे अर्दोआन, हिरासत में लिए गए 110 लोग, पत्रकार और वकील भी शामिल
तुर्की में 14 मई को आम चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में इस गिरफ्तारी को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले एक साल में तुर्की के कई अभिनेताओं और कलाकारों को राष्ट्रपति के खिलाफ बोलने के आरोप में जेल भेजा गया है।

तुर्की में पुलिस ने कुर्द उग्रवादी संगठन से संबंध रखने के आरोप में 110 लोगों को हिरासत में लिया है। अरब न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिरासत में लिए गए इन लोगों में राजनेता, वकील से लेकर कई पत्रकार शामिल हैं। इसे तुर्की में 14 मई को होने वाले चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का ऑपरेशन दियारबकिर शहर पर केंद्रित था। ये दक्षिण पूर्व तुर्की का सबसे बड़ा शहर है और इसे कुर्द बहुल इलाका माना जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक देश में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) आतंकवादी समूह से संबंध रखने के आरोपी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (HDP) के विधायक तैयप टेमेल ने ट्विटर पर सरकार को घेरते हुए कहा कि "सरकार चुनाव से पहले सत्ता खोने के डर से एक बार फिर से विरोधियों को हिरासत में लेने में जुट गई है।" उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह दियारबकिर में हिरासत में लिए गए लोगों में उनकी पार्टी के सदस्य, पत्रकार, कलाकार और वकील सहित दसियों राजनेता शामिल थे।
आपको बता दें कि तुर्की में जून में चुनाव होने वाले थे लेकिन इसे एक महीने पहले कराया जा रहा है। बीते जनवरी में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप अर्दोआन ने घोषणा की थी कि देश में 14 मई को चुनाव होंगे।
इस चुनाव मनें यदि कोई उम्मीदवार 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल नहीं करता है, तो 28 मई को दूसरे दौर का मतदान होगा। तुर्की में अर्दोआन 2003 से पद पर बने हुए हैं। पहले वह तुर्की के प्रधानमंत्री के रूप में थे। 2014 से वे राष्ट्रपति के रूप में बने हुए हैं।
कौन हैं कुर्द?
तुर्की, सीरिया, इराक, ईरान और आर्मेनिया में एक बड़ा जातीय समूह रहता आ रहा है जो खुद को कुर्द कहता है। वर्तमान में इसकी आबादी करीब साढ़े तीन करोड़ से भी अधिक मानी जाती है। दुनिया में मध्य पूर्व के हिस्से में यह चौथा बड़ा जातीय समूह है।
करोड़ों की जनसंख्या वाले कुर्दों का कोई देश नहीं है। ये अलग-अलग देशों के अलग-अलग हिस्सों में फैले हैं। कुर्द वर्षों से अपने एक अलग देश यानी मातृभूमि के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। वर्तमान में तुर्की में सक्रिय कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी कुर्दों का सबसे बड़ा संगठन है, जिसकी विचारधारा मार्क्सवादी बताई जाती है।












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