स्कूल ड्रेस में हॉट दिखती हो!.. लड़की ने बताई आपबीती, जानें अश्लील वीडियो से क्या है कनेक्शन
कई सालों से पोर्न इंडस्ट्री में स्कूली ड्रेस को अश्लील बनाकर लोगों को परोसा जाता रहा है। यह आज के समाज की मानसिक विकृति को दर्शाता है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों पर बुरा असर पड़ रहा है।
लंदन, 19 जुलाई : स्कूल ड्रेस को पोर्न मूवी, अश्लील वीडियो बनाने के लिए धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि, इस प्रयोग से एक्ट्रेस को कम उम्र की दिखाकर ऑडियंस को अपनी ओर खींचने का प्रयास है। यह निंदा का विष्य है। ब्रिटेन में मैनचेस्टर शहर की टीनएजर्स इन दिनों ऐसी ही परेशानियों से गुजर रही हैं। वे जब स्कूल के लिए निकलती हैं, तो असभ्य लोग उनकी ड्रेस को लेकर फब्तियां कसते हैं। वे उनकी ड्रेस को लेकर उन्हें गलत निगाहों से देखने का प्रयास करते हैं। सड़कों पर कई लोग ऐसे होते जो स्कूली छात्रों को कैट कहकर संबोधित करते हैं। इससे परेशान छात्रों ने ब्रिटेन सरकार के समक्ष मदद की गुहार लगाई है (UK teenagers urge ban on school uniforms in some shops)। शिकायत में स्कूल ड्रेस को पोर्न मूवी और अन्य अश्लील वीडियो, दुकानों में इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है।

स्कूल ड्रेस में असभ्य लोग तंग करते हैं
कई सालों से पोर्न इंडस्ट्री में स्कूली ड्रेस को अश्लील बनाकर लोगों को परोसा जाता रहा है। यह आज के समाज की मानसिक विकृति को दर्शाता है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों पर बुरा असर पड़ रहा है। हालांकि, इस पर किसी का अब तक ध्यान नहीं गया था। जब बात हद से आगे गुजर गई तो, ब्रिटेन में मैनचेस्टर के छात्रों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई।

गंदी निगाहों से देखते थे...
एलिस नाम की 11 कक्षा की छात्र (बदला हुआ नाम) ने बताया कि, जब वो 11 साल की थी तो सार्वजनिक बसों से आती-जाती थी। उस समय भी कई असभ्य लोग उन्हें गलत निगाहों से देखते थे। वहीं, बस ड्राइवर को उनकी पुरानी और छोटी स्कर्ट पसंद थी। वह गंदी -गंदी बातें करता था। एलिस ने सवाल किया कि, क्यों लोग स्कूली बच्चों का यौन उत्पीड़न कर हमें इतना असहज महसूस कराते हैं। सैंडबैक हाईस्कूल में एक नारीवादी समूह ने सड़कों पर होने वाले यौन हिंसा के खिलाफ खुद को आगे करते हुए एक इस गंभीर विषय पर बहस को आगे बढ़ाया है।

लड़कियों का यौन उत्पीड़न
2018 के ऑनलाइन सर्वेक्षण के अनुसार, स्कूल ड्रेस पहनकर स्कूल जाने वाली 14 से 21 साल की लड़कियों के साथ असभ्य समाज के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर अभद्रता की। हम इसे लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा कहेंगे। एक सर्वेक्षण के अनुसार, ब्रिटेन में अधिकांश स्कूलों में छात्रों को 16 साल की आयु तक स्कूल ड्रेस पहनते हैं। अब डर की वजह से अधिकांश लड़कियों ने स्कूल ड्रेस पहनना छोड़ दिया है। लड़कियों का कहना है कि, जब से उन लोगों नॉन यूनिफार्म पहनना शुरू किया है, तब से लोग उन्हें गंदी निगाहों से नहीं देखते हैं या कहें यौन उत्पीड़न में कमी आई है।

यूनिफॉर्म समानता को बढ़ावा देता है
शोधकर्ताओं के अनुसार, आधुनिक यूनिफॉर्म 19वीं सदी की देन है। इसका उद्देश्य विभिन्न पृष्ठभूमि के छात्रों को समानता की भावना प्रदान करना था। हालांकि, सैंडबैक हाई स्कूल के प्रचारकों का मानना है कि स्कूलों से यूनिफॉर्म को पूरी तरह हटाने से स्थिति में सुधार हो सकता है।

हम जिम्मेदार नहीं हैं...
हालांकि, लंदन की एक सेक्स शॉप का मालिक उत्पीड़न के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानता है। वह कहता है कि, यह एक व्यक्ति के निजी विचार और उसकी सोच है। "मुझे नहीं लगता कि इन्हें दुकानों में बेचे जाने पर रोक लगाने से लड़कियों पर होने वाले यौन उत्पीड़न में कमी आएगी या रोक लगेगी। अगर कोई किसी स्कूली छात्रा से ऐसा-वैसी बात करना चाहता है तो वह करके मानेगा। स्टीफेंसन के अनुसार, अधिकांश वयस्क सेक्स-शॉप यूनिफॉर्म को छात्रों द्वारा पहनी जाने वाली वास्तविक वर्दी से अलग होते हैं।












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