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2024 राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिका में गृहयुद्ध की आशंका, तीन रिटायर्ट जनरलों ने कहा, बंट चुकी है सेना

''अगर 2024 राष्ट्रपति चुनाव में एक बार फिर से देश में तख्तापलट की कोशिश की जाती है, तो देश की गृहयुद्ध की तरफ जा सकता है''

वॉशिंगटन, दिसंबर 20: अमेरिका के तीन रिटायर्ड शीर्ष जनरलों ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि, 2024 राष्ट्रपति चुनाव में देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है। तीन शीर्ष रिटायर्ड जनरलों ने कहा कि, अमेरिका की सेना अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर दो हिस्सों में बट चुकी है और अगर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगे, तो पूरे देश में गृहयुद्ध की आग भड़क सकती है। अमेरिकी जनरलों ने कहा कि, ''अगर 2024 राष्ट्रपति चुनाव में एक बार फिर से देश में तख्तापलट की कोशिश की जाती है, तो देश की गृहयुद्ध की तरफ जा सकता है, क्योंकि 10 में से एक से ज्यादा अमेरिकी सैन्य अधिकारी देश की संसद पर हुए हमले में शामिल हैं''।

अमेरिका में गृहयुद्ध का खतरा

अमेरिका में गृहयुद्ध का खतरा

अमेरिकी सेना के पूर्व मेजर जनरल पॉल ईटन, पूर्व ब्रिगेडियर जनरल स्टीवन एंडरसन और पूर्व सेना मेजर जनरल एंटोनियो तागुबा ने वाशिंगटन पोस्ट के लिए एक कॉलम में देश के हालात पर चिंताजनक दावा किया है। उन्होंने अपने लेख में लिखा है कि, 'जैसे ही हम अमेरिकी संसद 'कैपिटल हिल' में घातक विद्रोह की पहली वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं, हम सभी पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी - 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद और हमारी सेना के अंदर घातक अराजकता की संभावना के बारे में चिंतित हो रहे हैं, जो कि सभी अमेरिकियों के ऊपर गंभीर जोखिम है। अमेरिकी जनरल्स ने साफ तौर पर कहा है कि, 2020 राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अमेरिकी सेना के एक हिस्से का मानना है कि, चुनाव में धांधली की गई है और वो इस नई सरकार को 'चुनी हुई' सरकार नहीं मानते हैं।

तख्तापलट हुई तो गृहयुद्ध

तख्तापलट हुई तो गृहयुद्ध

तीन रिटायर्ड जनरल्स ने लेख में लिखा है कि,"अगली बार तख्तापलट के विचार से हमारी हड्डियाँ ठंडी हो गई हैं।" रिटायर्ट अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने लिखा है कि, ''अमेरिका की राजनीति ध्रुवीकृत हो चुकी है, जहां वफादारी विभाजित हो चुकी है।'' उन्होंने लेख में लिखा है कि, ''ध्रुवीकृत माहौल में कुछ कमांडर इन चीफ सही आदेशों का पालन कर सकते हैं, जबकि कई कमांडर इन चीफ हारे हुए ट्रंप का पक्ष ले सकते हैं''।

''चरमरा जाएगी अमेरिकी सुरक्षा''

''चरमरा जाएगी अमेरिकी सुरक्षा''

उन्होंने लिखा है कि, ''इस संदर्भ में हमारी सेना के फंसने और विभाजित होने से अमेरिकी सुरक्षा चरमरा जाएगी। हमारा कोई भी दुश्मन हमारी संपत्ति या हमारे सहयोगियों पर चौतरफा हमला करके फायदा उठा सकता है''। पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि, 'हमारी सेना और सांसदों को 2024 में एक और विद्रोह होने से रोकने के लिए पिछली बार क्या हुआ था, इसका उदाहरण है, लेकिन वे तभी सफल होंगे जब वे अभी से निर्णायक कार्रवाई करेंगे'।

महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं पूर्व सैन्य अधिकारी

महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं पूर्व सैन्य अधिकारी

जिन रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका में गृहयुद्ध छिड़ने की आशंका जताई है, वो अमेरिकी सेना के लिए कई महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। 71 साल के पूर्व मेजर जनरल पॉल ईटन 2004 में ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान इराकी सेना को प्रशिक्षण देने के प्रभारी थे। रिटायर्ड होने के बाद, ईटन पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के मुखर आलोचक बन गए थे, जिन्होंने इराक में युद्ध का नेतृत्व किया था, और वर्तमान में वोटवेट्स के वरिष्ठ सलाहकार हैं। वहीं, 71 वर्षीय तागुबा ने सेना में 34 साल बिताए हैं और साल 2004 में एक लीक इराकी रिपोर्ट के बाद वो सुर्खियों में आये थे, जब इराकी जेल में गरीब कैदियों के साथ दुर्वव्यहार को लेकर एक रिपोर्ट लीक हो गई थी। वहीं, 65 साल के एंडरसन का सशस्त्र बलों में 31 साल का करियर रहा है, जिन्होंने इराक में जनरल डेविड पेट्रियस के तहत 15 महीने काम किया था।

''विभाजित हो चुकी है अमेरिकी सेना''

''विभाजित हो चुकी है अमेरिकी सेना''

तीनों रिटायर्ड जनरलों ने 6 जनवरी 2020 को अमेरिकी संसद पर हुए हमले तो लेकर गहरी चिंता जताई है, जिसमें हजारों ट्रंप समर्थकों ने देश की संसद पर हमला कर कैपिटल बिल्डिंग पर कब्जा करने और देश की सत्ता को तख्तापलट करने की कोशिश की थी। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना का जिक्र करते हुए रिटायर्ड जनरलों न लिखा है कि, ''ये घटना इस बात को दर्शाता है कि, हमारे सशस्त्र बलों में विद्रोह करने की संभावना भरी हुई है। तीनों जनरलों ने इस बात की संभावना पर पूरी तरह से जोर दिया है, कि अमेरिकी संसद पर हुए हमले में 10 में से एक से ज्यादा हमलावर अमेरकी सेना का था।

ट्रंप के समर्थकों ने की थी हिंसा

ट्रंप के समर्थकों ने की थी हिंसा

पिछले साल अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि यह एक कपटपूर्ण चुनाव था, और पूर्व जनरलों में इस बात की भारी नाराजगी है, कि रिपब्लिकन पार्टी ने अभी तक उन्हें 'जिम्मेदार' नहीं ठहराया है। हालांकि, रिटायर्ड जनरलों ने अपने लेख में लिखा है कि, उनके जैसे बहुत से लोग हैं, जो अमेरिका में हुए चुनाव को निष्पक्ष और ईमानदार मानते हैं। इसी साल मई महीने में अमेरिका के 124 रिटायर्ड एडमिरल्स और जनरलों के एक ग्रुप 'फ्लैग ऑफिसर्स 4 अमेरिका' ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव की वैधता पर सवाल उठाने के बजाय एक खुला पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिकी चुनाव को ईमानदार बताया था और लोगों की इच्छा के अनुरूप बताया था।

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