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Explainer: Telegram क्या भारत में होगा बैन? 4 साल में 2 गुना हुए यूजर्स, जासूसी को भी मात, ISIS की पहली पसंद!

Telegram News Update: इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल डुरोव (Pavel Durov) को फ्रांस की राजधानी पेरिस के बाहर बॉर्गेट एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर क्रिमिनल कंटेंट रोकने में नाकाम होने का आरोप है। डुरोव जैसे ही अपने प्राइवेट जेट से एयरपोर्ट पर पहुंचे, वहां पुलिस उनका स्वागत करने के लिए तैयार थी। डुरोव के खिलाफ अरेस्ट वारंट के चलते उन्हें फौरन गिरफ्त में लिया गया। फिलहाल, टेलीग्राम या फ्रांस के सरकार या पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

इस बीच, टेलीग्राम को लेकर काफी चर्चाएं सुर्खियां बटोर रही हैं, जिसमें ISIS, जासूसी को मात और ऐप को बैन करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। आतंकवाद से टेलीग्राम का नाम जुड़ते ही, भारत सरकार एक्शन मोड पर आ गई। खबरें तो यह भी हैं कि भारत सरकार ऐप को बैन करने पर विचार कर रही है। केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों की लगातार मॉनिटरिंग जारी है। आइए जानते हैं कैसे जुड़ा ISIS का नाम....

Telegram Journey

ISIS की पहली पसंदीदा ऐप
ISIS (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) ने 2015 के आसपास Telegram को अपना प्रमुख संचार माध्यम बनाया था। इसका मुख्य कारण था Telegram का सुरक्षित और निजी संचार का तरीका। ISIS ने Telegram के "चैनल" फीचर का इस्तेमाल किया, जो एकतरफा प्रसारण की अनुमति देता है, जिससे वे अपने प्रोपेगेंडा को बड़े पैमाने पर फैला सकते थे।

अक्टूबर 2015 तक ISIS के चैनल पर 9 हजार तक फॉलोअर्स हो गए थे। हालांकि, Telegram ने इसके बाद से कई बार ऐसे चैनल्स और ग्रुप्स को हटाने और बैन करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पिछले साल एक इंटरव्यू में डुरोव से इस विषय पर सवाल पूछे गए तो, उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि गोपनीयता का अधिकार, आतंकवाद जैसी बुरी घटनाओं के प्रति हमारे डर से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

जासूसी को कैसे देता है मात?
Telegram अपनी मजबूत सुरक्षा फीचर्स के लिए जाना जाता है। इसका सबसे खास फीचर है "एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन", जो संदेशों को केवल प्रेषक और प्राप्तकर्ता के बीच ही सीमित रखता है। इसका मतलब है कि बीच में कोई तीसरा व्यक्ति, यहां तक कि Telegram भी, उन संदेशों को नहीं पढ़ सकता। इसके अलावा, "सीक्रेट चैट्स" फीचर में भी एन्क्रिप्शन का स्तर और भी मजबूत होता है, और यूजर्स संदेशों को एक निश्चित समय के बाद अपने आप डिलीट होने के लिए भी सेट कर सकते हैं।

साल 2022 में रूस के क्रेमलिन द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण किए जाने के बाद से, टेलीग्राम युद्ध समर्थक ब्लॉगर्स द्वारा मास्को के आक्रमण को सही ठहराने और यूक्रेन और पश्चिम में गलत सूचना फैलाने के लिए उपयोग किए जाने वाले एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा। इसी साल रूस के साथ संघर्ष के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश को संबोधित करने के लिए टेलीग्राम का ही इस्तेमाल किया था।

टेलीग्राम का सफर

  • 14 अगस्त 2013 में टेलीग्राम की शुरुआत। तीन महीने में ही ऐप ने लोगों को लुभाया। अक्टूबर तक 1 लाख डेली एक्टिव यूजर्स ऐप को मिलने लगे।
  • 2014: टेलीग्राम के यूजर्स की संख्या 35 मिलियन थी। यह वह समय था जब टेलीग्राम ने अपने मजबूत एन्क्रिप्शन फीचर्स के कारण लोकप्रियता हासिल करना शुरू किया।
  • 2018: टेलीग्राम के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 200 मिलियन तक पहुंच गई।
  • 2020: यह आंकड़ा बढ़कर 400 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स तक पहुंच गया। COVID-19 महामारी के दौरान, टेलीग्राम का उपयोग और भी अधिक बढ़ा।
  • 2023: टेलीग्राम के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 700 मिलियन से भी अधिक हो गई। इस साल, टेलीग्राम ने 1 बिलियन डाउनलोड का आंकड़ा भी पार कर लिया।

वैश्विक स्तर पर यूजर्स की वृद्धि
टेलीग्राम ने वैश्विक स्तर पर भारी वृद्धि देखी है। 2018 में, इसके 200 मिलियन यूजर्स थे, जबकि 2023 तक यह संख्या 700 मिलियन से भी अधिक हो गई। डेटा एकत्र करने और विज़ुअलाइज़ेशन में माहिर Statista (जर्मन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म) संगठन के अनुसार, 2021 में टेलीग्राम के 500 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स थे। Sensor Tower (वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था अंतर्दृष्टि देने वाली संस्था) की रिपोर्ट में बताया गया कि 2022 में, टेलीग्राम के लगभग 150 मिलियन नए डाउनलोड हुए, जो इसे दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले मैसेजिंग ऐप्स में से एक बनाता है।

कैसे 4 साल में 2 गुना हुए मंथली एक्टिव यूजर्स?
देखते ही देखते बीते 11 साल में इस ऐप को 100 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स ने अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। भारत, रूस और इंडोनेशिया में इसके सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। वर्तमान में 1 बिलियन डाउनलोड का आंकड़ा भी पार कर लिया। अकेले भारत की बात करें तो, करीब 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। आइए आंकड़ों में समझें बीते 4 साल में कैसे दो गुना हुए?

  • 2020- 40 करोड़
  • 2021- 50 करोड़
  • 2022- 70 करोड़
  • 2023- 80 करोड़
  • 2024- 90 करोड़

टेलीग्राम के कहां-कहां ऑफिस हैं?
टेलीग्राम का कोई फिक्स्ड हेडक्वार्टर नहीं है, और यह एक "वर्चुअल" कंपनी के रूप में ऑपरेट होती है। यह एक ऐसी कंपनी है जिसके ऑफिस कई देशों में फैले हुए हैं, और इसके कर्मचारी दुनिया भर से रिमोटली काम करते हैं। इसके प्राइमरी ऑफिस यूएई (दुबई), लंदन और सिंगापुर में स्थित हैं।

टेलीग्राम कितने करोड़ की कंपनी है?
टेलीग्राम की वैल्यूएशन 2023 तक करीब 30-40 बिलियन डॉलर आंकी गई थी, जो इसे एक बहुमूल्य प्रौद्योगिकी कंपनी बनाती है। टेलीग्राम ने अपनी फंडिंग के लिए बाहरी निवेश पर कम निर्भरता दिखाई है और इसे प्रमुख रूप से पावेल ड्यूरोव के व्यक्तिगत वित्तपोषण से चलाया जाता है। हालांकि, कंपनी ने 2021 में अपनी सेवाओं को और विस्तार देने के लिए लगभग 1 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की थी।

नोट- खबर के इनपुट मीडिया रिपोट्स आधारित हैं। वनइंडिया संबंधित कटेंट को लेकर दावा नहीं करता है।

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