Taliban Pak Tension: तालिबान ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी, बोला- अब सीमा पार की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं
Taliban Pak Tension: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अफगानिस्तान किसी भी तरह की आक्रामकता बर्दाश्त नहीं करेगा।
तालिबान ने साफ कहा कि उसकी जमीन किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दी जाएगी। तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा - "अफगानिस्तान की जनता और उसकी भूमि की रक्षा करना इस्लामी अमीरात का धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है।"

यह बयान तब आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें और टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। तालिबान ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना के कुछ हिस्से झूठे बहाने बनाकर अफगानिस्तान के खिलाफ तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तान की नीतियों पर तालिबान का आरोप
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने 8 नवंबर को जारी बयान में पाकिस्तान की सेना के कुछ तत्वों पर आरोप लगाया कि वे "अफगान-विरोधी नीतियां अपना रहे हैं और झूठे बहाने बनाकर तनाव पैदा कर रहे हैं।" तालिबान ने यह भी कहा कि ऐसी हर कोशिश का "माकूल जवाब" दिया जाएगा।
मुजाहिद ने तुर्की और कतर को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने दोनों देशों के बीच हुई वार्ताओं की मेजबानी और मध्यस्थता की। लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। तालिबान ने अपने बयान में साफ कहा - "इस्लामी अमीरात किसी भी देश को अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ करने की अनुमति नहीं देगा, और न ही किसी देश को यह हक दिया जाएगा कि वह अफगानिस्तान की स्वतंत्रता या सुरक्षा को कमजोर करने के लिए कोई कदम उठाए।"
सीमा पर बढ़ सकता है तनाव
विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान पाकिस्तान के लिए एक सीधा संदेश है, खासकर तब जब पिछले कुछ महीनों से अफगान-पाक सीमा पर हिंसक झड़पें और हमले बढ़े हैं। दोनों देशों के बीच टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के मुद्दे को लेकर भी मतभेद जारी हैं।
तालिबान ने अंत में दोहराया अफगानिस्तान की भूमि और जनता की रक्षा हमारा इस्लामी और राष्ट्रीय कर्तव्य है, और हम किसी भी हमले का जवाब देने में संकोच नहीं करेंगे।यह बयान उस समय आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, और दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं।












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