तालिबान जर्मन पत्रकारों के घरों की ले रहा है तलाशी, एक के रिश्तेदार को मारी गोली
काबुल, अगस्त 20: तालिबान की कथनी और करनी में अब फर्क साफ नजर आने लगा है। विदेशी पत्रकारों को नुकसान ना पहुंचाने का दावा करने वाला तालिबान अब जर्नालिस्ट को निशाना बना रहा है। जर्मन सार्वजनिक प्रसारक ने कहा कि तालिाबान के लड़ाकों ने काबुल में काम कर रहे जर्मन न्यूज चैनल डॉयचे वेले के एक जर्नलिस्ट के रिश्तेदार की हत्या कर दी है। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉयचे वेले के एक पत्रकार की तलाश में तालिबान घर-घर जाकर तलाशी ले रहे थे। यह पत्रकार अब जर्मनी में काम करते हैं। इस तलाशी के दौरान पत्रकार के दो रिश्तेदारों को गोली मार दी गई जिनमें से एक की मौत हो गई। पत्रकार के अन्य रिश्तेदार आखिरी पलों में तालिबान से बच निकलने में कामयाब रहे और अब इधर-उधर छिपे हुए हैं। डॉयचे वेले के महानिदेशक पीटर लिंबोर्ग ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए जर्मनी की सरकार से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
लिंबोर्ग ने एक बयान जारी कर कहा, हमारे एक संपादक के परिजन की तालिबान द्वारा हत्या ऐसा हादसा है, जिसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। यह बताता है कि अफगानिस्तान में हमारे कर्मचारी और उनके परिवार कितने गंभीर खतरे में हैं। इससे स्पष्ट है कि तालिबानी पहले से ही काबुल और अन्य प्रांतों में पत्रकारों को खोज रहा हैय़ हमारे पास समय नहीं है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने तीन अन्य डी डब्ल्यू के पत्रकारों के घर पर छापा मारा था।
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डॉयचे वेलेऔर अन्य जर्मन मीडिया संगठनों ने जर्मन सरकार से अपने अफगान कर्मचारियों की मदद के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया है। काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने मीडिया की स्वतंत्रता और अपने सभी विरोधियों के लिए क्षमा का वादा करते हुए एक जनसंपर्क अभियान शुरू किया था। हालांकि एएफपी द्वारा देखे गए संयुक्त राष्ट्र के एक गोपनीय दस्तावेज में कहा गया है कि तालिबानी अमेरिका और नाटो बलों के साथ काम करने वाले लोगों की तलाश तेज कर रहे हैं।
वहीं, तालिबान ने एक स्थानीय निजी चैनल गरगश्त टीवी के हेड नेमातुल्लाह हेमात को अगवा कर लिया गया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक निजी रेडियो स्टेशन पाक्तिया गाग के प्रमुख तूफान उमर को तालिबान ने गोली मार दी। इससे पहले एक अफगानी अनुवादक अमदादुल्लाह हमदर्द को भी तालिबान ने 12 अगस्त को जलालाबाद में गोली मार दी थी। हमदर्द जर्मनी के अखबार डि त्साइट के लिए नियमित रूप से लिखते थे। पिछले महीने भारत के एक जानेमाने फोटो-पत्रकार पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके दानिश सिद्दीकी का कंधार में कत्ल हो गया था।












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