'अल्लाह-हू-अकबर' बोलकर पिता ने बीच समुद्र में फेंक दिया बेटा, दर्दनाक वीडियो देख कांपी दुनिया
जर्मन शरणार्थी बचाव संगठन, एसओएस ह्यूमैनिटी ने सोमवार को कहा है कि, पिछले सप्ताह में यूरोपीय अधिकारियों की कोई मदद नहीं करने के साथ केंद्रीय भूमध्य सागर में दिन बिताने के बाद कम से कम चार बच्चों की मृत्यु हो गई है।
अंकारा, सितंबर 19: बड़े देशों की राजनीति में छोटे देश कैसे बर्बाद होते हैं, उसका अंदाजा आप एक दर्दनाक वीडियो देखकर बहुत आसानी से लगा सकते हैं और बड़े देशों के पावर गेम में छोटे-छोटे देश कैसे पिसते हैं और उन छोटे देशों के नागरिकों की जिंदगी किस तरह से जहन्नुम बन जाती है, वो एक पिता के दर्द को देखकर आप बहुत आसानी से लगा सकते हैं। तुर्की से इटली के लिए निकली प्रवासियों से भरी एक नाव का एक वीडियो सामने आया है, जिसे देखने के बाद इस दुनिया में मौजूद हर संवेदनशील इंसान की आंखे नम हो जाएंगी।

तुर्की से इटली निकली थी नाव
अल-अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की से करीब 32 प्रवासियों को लेकर ये नाव इटली के लिए निकली थी, लेकिन समुद्र पार करते वक्त उनमें से कई शरणार्थियों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने सोमवार को कहा कि, एक अस्थायी नाव में भूमध्य सागर को पार करने का प्रयास करते समय दो बच्चों सहित छह सीरियाई लोगों की भूख और प्यास से मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवासियों से भरे इस नाव पर पानी, खाना और दवाइयां भी खत्म हो गईं थीं और नाव का पेट्रोल भी खत्म हो गया था। जिसके बाद नाव में सवार सभी लोग काफी हतोत्साहित हो गये थे और ज्यादातर प्रवासियों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। वहीं, जब तक इन लोगों का रेस्क्यू किया जाता, नाव में सवार 6 लोगों की मौत हो गई थी। इटली में यूएनएचसीआर के अधिकारी चियारा कार्डोलेटी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी पुष्टि की है और उन्होंने कहा है कि, "यह अस्वीकार्य है। इन त्रासदियों को रोकने के लिए समुद्र में बचाव को मजबूत करना ही एकमात्र तरीका है।"

सड़ने लगा था शव
यूएनएचसीआर के एक बयान के अनुसार, पीड़ितों में एक और दो साल की उम्र के दो बच्चे, एक 12 साल का बच्चा और तीन और वयस्क शामिल थे। वयस्क महिलाओं में एक दादी और मां शामिल थी। वहीं, बाद नाव पर बच गये लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया और सभी लोगों का इटली के सिसिली के पॉजालो में इलाज चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, भूख की वजह से इन बच्चों की मौत हो गई थी और फिर जब उनके शव नाव पर सड़ने लगे थे, उसके बाद कपड़े से बांधकर उन्हें बीच समुद्र में फेंक दिया गया।
वायरल हो रहा है वीडियो
वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नाव पर सवार एक पिता को अपने बच्चे को कपड़े में बांधकर समुद्र में फेंकते हुए देखा जा रहा है और पीछे से लोग अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते देखे जा रहे हैं। नाव में सवार लोग मृतक बच्चे के लिए प्रार्थना करते हुए देखे जा रहे हैं। ये नाव एक हफ्ते पहले लेबनान से रवाना हुई थी। वहीं, राहत और बचाव कार्य का काम करने वाली हॉटलाइन चलाने वाली एक संस्था ने कहा कि, माल्टा के तट पर अभी भी करीब 250 प्रवासियों को बचाव की जरूरत है।

काफी दर्दनाक था ये सफर
नाव में सवार बचाए गये लोगों ने कहा कि, नाव में भोजन और पानी पूरी तरह से खत्म हो गया था और बच्चों के खिलाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था। जिसकी वजह से सबसे पहले 3 महीने की एक बच्ची की मौत प्यास की वजह से हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मानवीय समूहों द्वारा भूमध्यसागर में पिछले कुछ दिनों में कई सौ प्रवासियों को बचाया है। वहीं, जर्मन एनजीओ सीवॉच ने सोमवार को कहा कि, एक जहाज पर 428 लोग सवार थे, जो एक बंदरगाह पर रूकने के लिए इजाजत मिलने का इंतजार कर रहे थे। मानवाधिकार समूह ने ट्वीटर पर कहा है कि, "नागरिक बेड़े ने पिछले दिनों सैकड़ों लोगों को बचाया है और अगर उन्हें नहीं बचाया जाता, तो उन्हें वापस लीबिया जाना पड़ता, या फिर समुद्र में ही उनकी जान चली जाती।"
भूमध्य सागर बनता जा रहा है कब्रगाह
जर्मन शरणार्थी बचाव संगठन, एसओएस ह्यूमैनिटी ने सोमवार को कहा है कि, पिछले सप्ताह में यूरोपीय अधिकारियों की कोई मदद नहीं करने के साथ केंद्रीय भूमध्य सागर में दिन बिताने के बाद कम से कम चार बच्चों की मृत्यु हो गई है, जिसमें एक चार साल की सीरियाई लड़की लूजिन भी शामिल थी। वहीं, सिसली में इटली के अधिकारियों ने बोट में सोमवार को सीरिया के रहने वाले दो बच्चों को नाव में मृत पाया, जिसमें 12 साल का एक बच्चा भी शामिल था और तीन वयस्कों के शव का सिसली में अंतिम संस्कार किया गया।












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