Hijab Ban: हिजाब पर बवाल के बीच अब स्विट्जरलैंड में बुर्का पर लगेगा प्रतिबंध, चेहरा ढका तो लगेगा भारी फाइन
स्विटजरलैंड में बुर्का बैन कानून के तहत चेहरा ढंकने पर 1000 फ्रैंक यानी 82 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। सरकार जल्द ला रही प्रावधान।
burqa ban: हिजाब को लेकर दुनिया के कई देशों में विवाद चल रहा है। ईरान में बीते महीने एक महीने से प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसमें कई लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की महिलाओं की मांग है कि उन्हें अपनी पसंद के कपड़े पहनने दिए जाएं। इसी विरोध को लेकर वे सड़कों पर हिजाब का बहिष्कार कर रही हैं इसी बीच एक और यूरोपीय देश ने सार्वजनिक जगहों पर बुर्का बैन करने की तैयारी कर ली है। स्विटजरलैंड में बुर्का बैन कानून के तहत चेहरा ढंकने पर 1000 फ्रैंक यानी 82 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
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कुछ जगहों पर मिलेगी छूट
स्विस फेडरल काउंसिल ने संसद में एक मसौदा कानून का प्रस्ताव करने की घोषणा की है। हालांकि इसमें कई छूटें भी शामिल हैं, जिनके तहत राजनयिक परिसरों, पूजा स्थलों और विमानों में चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय रीति-रिवाजों से संबंधित कारणों से चेहरा ढंकना कानूनी रूप सही होगा। कला और विज्ञापन के प्रदर्शन को भी इसमें छूट दी गई है।

स्विट्जरलैंड में 5 फीसदी हैं मुस्लिम
संसद द्वारा मसौदा कानून को हरी झंडी मिलने के बाद यह बिल स्विट्जरलैंड में लागू होगा। आपको बता दें कि स्विट्जरलैंड में कुल आबादी का 5 फीसदी मुस्लिम हैं। ये मुस्लिम तुर्की और बाल्कन मूल के हैं। इससे पहले सार्वजनिक स्थानों पर फेस कवरिंग पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को 2021 में एक जनमत संग्रह में मंजूरी दी गई थी। इससे पहले 7 मार्च 2021 को स्विट्जरलैंड ने सार्वजनिक स्थानों पर फेस कवरिंग पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर मतदान किया था।

सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून
स्विट्ज़रलैंड में चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध में घूंघट, बुर्का और नकाब शामिल थे। स्पुतनिक की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 51.21% मतदाताओं ने फेस कवरिंग पर प्रतिबंध का समर्थन किया। स्विस कैबिनेट ने 2022 में बुर्का कानून के उल्लंघन के लिए प्रस्तावित जुर्माने की राशि को 10,000 स्विस फ़्रैंक से कम करने का निर्णय लिया। स्विस कैबिनेट द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि फेस कवरिंग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था।

प्रस्ताव में 'बुर्के' का सीधा जिक्र नहीं
हालांकि चेहरा ढकने पर जुर्माने के कैबिनेट के प्रस्ताव में बुर्के का साफ-साफ जिक्र नहीं मिलता है। रिपोर्ट के मुताबिक तो इसका मकसद हिंसक प्रदर्शनकारियों को मास्क पहनने से रोकना है। लेकिन स्थानीय राजनेताओं, मीडिया और प्रचारकों ने इसे 'बुर्का बैन' करार देकर तूल दे दिया है। एक बयान में, कैबिनेट ने कहा कि चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है। सजा उसकी प्राथमिकता नहीं है।

मुस्लिम संगठनों ने की निंदा
डेलीमेल ने बताया कि प्रतिबंध के समर्थकों का कहना है कि 'चेहरा ढंकना कट्टरवाद, राजनीतिक इस्लाम का प्रतीक है। मुस्लिम समूहों ने मतदान को भेदभावपूर्ण बताते हुए निंदा की है और कानूनी चुनौती देने की बात कही है। गौरतलब है कि यूरोप में फ्रांस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और बुल्गारिया ने सार्वजनिक रूप से चेहरा ढंकने पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।












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