सूडान में जारी हिंसा के बीच फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत तैयार, जेद्दा में स्टैंडबाय मोड पर विमान
सूडान में 15 अप्रैल से वहां के दो सशस्त्र सैन्य बलों के बीच युद्ध के कारण जारी हिंसा के बीच हजारों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक वहां फंसे भारतीयों की संख्या 3000 से अधिक है।

पूरे सूडान में तबाही मची हुई है। देश में इंटरनेट ठप हो चुका है। वहीं, सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच 72 घंटे के संघर्ष विराम के बावजूद जंग जारी है। इस तनाव के बीच बाहरी देशों ने अपने नागरिकों को हिंसाग्रस्त मुल्क से निकालना शुरू कर दिया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब के जेद्दा में भारत को दो IAF C-130J विमान स्टैंडबाय मोड पर तैनात हैं। जबकि INS सुमेधा सूडान पोर्ट पहुंच चुका है। सूडान में फंसे भारतीयों को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास संयुक्त राष्ट्र, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और अमेरिका के संपर्क में है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत भी सूडान से सड़क मार्ग के रास्ते फंसे बाकी भारतीयों को निकालने की योजना बना रहा है।
मालूम हो कि विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अपने सऊदी अरब समकक्ष से बात करने के कुछ दिनों बाद सऊदी अरब ने सूडान से कई भारतीय लोगों को निकाला है। हिंसाग्रस्त सूडान से सऊदी अरब द्वारा निकाले गए 'मित्रवत और भाईचारे वाले देशों' के 66 लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
आपको बता दें कि सऊदी अरब ने शनिवार देर रात सूडान में फंसे 11 देशों के 158 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें कई भारतीय भी भी थे। इसके बाद अमेरिका ने खार्तूम में स्थित अपने दूतावास से स्टाफ और उनके परिवार को सुरक्षित निकाल लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कि सूडान में अमेरिकियों की यथासंभव सहायता करने के लिए चल रहे काम पर उन्हें अपनी टीम से नियमित रिपोर्ट मिल रही है। इस मिशन की जानकारी रखने वाले अमेरिका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दूतावास कर्मियों को इथियोपिया में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक जब से लड़ाई शुरू हुई है, तब से अब तक 400 से अधिक मौतें और 3,500 से अधिक घायल हो चुके हैं। गौरतलब है कि सूडानी सेना (SAF) और अर्धसैनिक बल (RSF) के बीच लगातार हिंसा ने सूडान में बेहद खराब स्थिति पैदा कर दी है।
अक्टूबर 2021 में सूडानी सेना और अर्धसैनिक बल ने मिलकर तख्तापलट किया था। इसके बाद दोनों ने एक नागरिक सरकार के गठन का समझौता किया था। अब तक इन दोनों के द्वारा ही सरकार चल रही थी लेकिन सरकार की असली कमान सेना प्रमुख जनरल अब्देल फतेह अल बुरहान के हाथों में है।
सूडान में मुख्य विवाद सेना और अर्धसैनिक बल 'RSF' के विलय को लेकर है। RSF के सेना में विलय के बाद बनने वाली नई सेना का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर सहमति नहीं बन पा रही है।












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