श्रीलंका सरकार को याद आए श्रीरामः पर्यटकों को लुभाने के लिए रामायण से जुड़े स्थलों की हो रही पहचान
श्रीलंका टूरिज्म के मुताबिक सरकार ने रामायण से जुड़े स्थलों की पहचान की है जिनका उपयोग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। सरकार अब तक ऐसे 50 स्थलों की पहचान कर चुकी है।

श्रीलंका काफी लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार ने अब तक कई कदम उठाएं हैं लेकिन वे सभी नाकाफी साबित हुए हैं। इस बीच श्रीलंकाई सरकार को देश के आर्थिक संकट का हल रामायण में नजर आता दिख रहा है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की सरकार रामायण से जुड़े स्थलों की पहचान करने और उन्हें पर्यटन स्थल बनाने की एक बड़ी योजना पर काम कर रही है।

50 स्थलों की हुई पहचान
श्रीलंका टूरिज्म के मुताबिक सरकार ने रामायण से जुड़े स्थलों की पहचान की है जिनका उपयोग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। सरकार अब तक ऐसे 50 स्थलों की पहचान कर चुकी है। इनका इस्तेमाल भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए किया जाएगा। इसके लिए श्रीलंका का पर्यटन मंत्रालय भारत में बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चलाएगा। सरकार न सिर्फ हिन्दू बल्कि बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों की भी पहचान कर रही है ताकि जापान सहित अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के सैलानियों को आकर्षित किया जा सके।

रामायण से जुड़े पर्यटन पर हो रहा काम
श्रीलंका टूरिज्म प्रमोशन के निदेशक जीवना फर्नांडो ने एजेंसियों को बताया कि भारत से द्वीप पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामायण से जुड़े 50 स्थलों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान श्रीलंका ने रामायण पर्यटन के लिए भारत में कई प्रचार किए। फर्नांडो ने कहा कि अधिकांश भारतीय छुट्टी बिताने के लिए लिए श्रीलंका आते हैं और यहां पर कम से कम एक रामायण से जुड़े स्थल पर अवश्य जाते हैं।

बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों की भी हो रही पहचान
जीवना फर्नांडो ने कहा कि न सिर्फ भारत बल्कि ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका में भी लोगों को सूचित किया जाएगा। इन देशों में बड़ी संख्या में भारतवंशी या ऐसे लोग रहते हैं, जिनकी रामायण में दिलचस्पी रही है। उन्होंने कहा- ‘जब हम अपनी बहुलता पर गौर करते हैं, तो साफ होता है कि इसके जरिए हम बड़ी संख्या में भारत और बौद्ध देशों के पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं।' आपको बता दें कि श्रीलंका की कमाई का अधिकांश हिस्सा टूरिज्म से आता है लेकिन कोरोना के बाद से इनकी संख्या में काफी गिरावट आई है।

एक साल में बढ़े 25 फीसदी पर्यटक
2022 में श्रीलंका जाने वाले लोगों की संख्या करीब 7.2 लाख थी। इसमें से सबसे अधिक भारतीय थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका जाने वाले लोगों में 1.23 लाख आगंतुक भारतीय थे। जानकारों के मुताबिक श्रीलंका के पर्यटन उद्योग की आमदनी के लिए भारत के सैलानी एक बड़ा जरिया रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पहले महीने जनवरी में भारत से श्रीलंका जाने वाले कुल पर्यटकों की संख्या 13,759 थी। यह संख्या 2022 की तुलना में लगभग एक चौथाई अधिक है। इस वृद्धि से श्रीलंका सरकार बेहद उत्साहित नजर आ रही है।












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