आतंक और पाकिस्तान मिलिट्री का गठजोड़ बर्बाद कर देगा दक्षिण एशिया की शांति
न्यूयॉर्क। न्यूक्लियर हथियारों से संपन्न मुल्क पाकिस्तान ने अपनी जमीन का प्रयोग उग्रवादियों और आतंकवादियों के लिए होने दिया है। उनमें से कई आतंकी संगठन को पाकिस्तान आर्मी का पूरा सपोर्ट मिलता है, जो कि ना सिर्फ पाकिस्तान की आम जनता के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में शांति के लिए खतरा बना हुआ है। जर्नलिस्ट अहमद रशीद ने 'मिलिटेंट और मिलिट्री: पाकिस्तान का अपवित्र गठबंधन' (Militants & Military: Pakistan's Unholy Alliance) बुक का रिव्यू किया है, जिसमें लिखा है कि पाकिस्तान पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरा बनता जा रहा है।

इस बुक के रिव्यू के मुताबिक, इंटरनेशनल कम्यूनिटी ने इस बात को स्वीकार किया है कि पाकिस्तान में कट्टरपंथी ताकतों ने मिलकर देश को अत्यंत पीड़ा और राजनीतिक अस्थिरता की ओर धकेलना का काम किया है। बुक में लिखा है कि पाकिस्तान में सत्ता के खालीपन की वजह से वहां की मिलिट्री ने इस्लामिक कट्टरपंथी ताकतों को पूरे देश में स्थापित करने की अनुमति दी है।
पाकिस्तान में सत्ता का खालीपन क्या होता है, वो पूरी दुनिया ने नवंबर में देखा था, जब एक इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी तेहरीक-ए-लब्बैक ने पूरे कई शहरों को जाम कर दिया था और सरकार को उनके सामने झुकना पड़ा था।
इस बुक में लिखा है कि पाकिस्तान की आर्मी ने अपने देश में ना सिर्फ कट्टरंपथी ताकतों को पुनर्जीवित करने और उन्हें पुनर्स्थापित करने में लगी है, बल्कि जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ जैसे तानाशाह जनरल को भी राजनीति में आने दे रही है। पाकिस्तान में अगले साल आम चुनाव और इसमें बहुत कुछ बदलाव देखने को मिलेगा, इसमें आर्मी की भी दखलअंदाजी होगी, जिसका परिणाम इस्लामाबाद सरकार और वहां कि अवाम के लिए बहुत ही खतरनाक होगा।












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