• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

शिंजो आबे के अंतिम संस्कार पर हो रहे भारी भरकम खर्च पर भड़की जनता, कहा- नहीं हैं इसके लायक

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय अंतिम संस्कार 27 सितंबर को होने जा रहा है। इस राजकीय अंतिम संस्कार में हो रहे बेतहाशा खर्च को लेकर जापान में बड़ी संख्या में लोग इसके खिलाफ हैं।
Google Oneindia News

टोक्यो, 25 सितंबरः जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय अंतिम संस्कार 27 सितंबर को होने जा रहा है। जापान टाइम्स के अनुसार टोक्यो के निप्पॉन बुडोकन में मंगलवार दोपहर 2 बजे से अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू होगा जिसमें 217 से अधिक देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधी हिस्सा लेंगे। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी जापान भी इस राजकीय अंतिम संस्कार शामिल होंगे और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से अलग से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, जापान का शाही परिवार भी अबे को उनके राजकीय अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।

बेतहाशा खर्च को लेकर जनता हुई नाराज

बेतहाशा खर्च को लेकर जनता हुई नाराज

आठ साल तक जापान का नेतृत्‍व करने वाले आबे के अंतिम संस्‍कार पर अब जनता नाराजगी जता रही है। इस राजकीय अंतिम संस्कार में हो रहे बेतहाशा खर्च को लेकर जापान में बड़ी संख्या में लोग इसके खिलाफ हैं और सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। अधिक खर्च की वजह से ही कई लोग राजकीय अंतिम संस्कार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते दिनों ही एक शख्स ने मौजूदा पीएम फुमियो किशिदा के कार्यालय के बाहर इस फैसले के विरोध में खुद को आग लगा लगा लिया था। उसे बचाने के दौरान एक पुलिसकर्मी भी झुलस गया था।

एलिजाबेथ के राजकीय संस्कार से अधिक खर्च

एलिजाबेथ के राजकीय संस्कार से अधिक खर्च

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जापानी सरकार इस आयोजन पर लगभग 1.7 बिलियन येन यानी भारतीय रुपये में लगभग 97 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जो कथित तौर पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार पर हुए खर्च से भी अधिक है। वहीं अगर बात ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ के अंतिम संस्कार में खर्च हुई राशि की, कि जाए तो यह रकम लगभग 75 करोड़ भारतीय रुपये थी। इसी बात पर जापान में घमासान हो रहा है। जनता आरोप लगा रही है कि सत्‍ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) उनके टैक्‍स की रकम इस तरह के आयोजन पर खर्च कर रही है।

शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में करीब 1 अरब होंगे खर्च

शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में करीब 1 अरब होंगे खर्च

हालांकि जापान सरकार अपना फैसला बदलने को तैयार नहीं है। राजकीय अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं हैं। आबे के अंतिम संस्कार के आयोजन का ठेका टोक्यो स्थित इवेंट ऑर्गेनाइजर मुरायामा को दिया गया है। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापानी सरकार ने राजकीय अंतिम संस्कार की अनुमानित लागत 250 मिलियन येन रखी थी। मुख्य कैबिनेट सचिव, हिरोकाजु मात्सुनो के अनुसार, इस आयोजन की पुलिसिंग पर लगभग 800 मिलियन येन खर्च होने का अनुमान है, जबकि गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी पर 600 मिलियन येन खर्च होने की उम्मीद है।

यूनिफिकेशन चर्च से जुड़े थे शिंजो आबे?

यूनिफिकेशन चर्च से जुड़े थे शिंजो आबे?

शिंजो आबे को यूनिफिकेशन चर्च से जुड़ा हुआ माना जाता है। हत्‍यारे ने कहा था कि आबे इसी ग्रुप को प्रमोट करते हैं। यह चर्च कम्युनिज्म का विरोध करता है। यह चर्च विवादों में भी काफी रहा है, जिसकी वजह से जापान के नागरिक अक्सर इसका विरोध करते रहे हैं। यूनिफिकेशन चर्च के आलोचकों का मानना है कि यह चर्च बड़े स्‍तर पर शादियां करता है और आक्रामक तरीके से फंड जुटाता है। शिंजो आबे के हत्यारे ने कहा था कि इस चर्च को उसकी मां ने करीब 5 करोड़ चंदा दिया था जिसकी वजह से उसका परिवार गरीब हो गया।

जापान में आधे से अधिक सांसदों के चर्च संग संबंध

जापान में आधे से अधिक सांसदों के चर्च संग संबंध

जापान में पार्टी के सर्वे में खुलासा हुआ है कि आधे से ज्यादा सांसदों-मंत्रियों के चर्च के साथ संबंध हैं। शिंजो आबे की हत्या के बाद मौजूदा प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने शपथ ली है कि उनकी सरकार चर्च के साथ सभी रिश्ते खत्म कर लेंगे। मगर जापान के आम लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस चर्च के साथ राजनीतिक पार्टियों की इतनी नजदीकियां क्यों हैं। आबे और चर्च के रिश्ते के खुलासे के बाद हाल ही में माइनिशी अखबार की तरफ से हुए एक सर्वे में 69 फीसदी लोगों ने इस आयोजन का विरोध किया। उन्‍होंने कहा है कि आबे इस तरह के सम्‍मान और इस खर्च के लायक नहीं हैं।

पीएम किशिदा की रेटिंग में भी आई गिरावट

पीएम किशिदा की रेटिंग में भी आई गिरावट

जापान ने आखिरी बार साल 1967 में अपने किसी पीएम का राजकीय अंतिम संस्‍कार किया था। इसका खर्च पार्टी और सरकार दोनों ने उठाया था। आम जनता और विपक्ष की मानें तो ऐसे समय में जब देश में कई लोगों को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इतना महंगा अंतिम संस्‍कार चोट पहुंचाने वाला है। इस मसले की वजह से पीएम किशिदा की अप्रूवल रेटिंग में भी गिरावट आई है। माइनिशी अखबार के पोल में किशिदा की रेटिंग 29 फीसदी तक गिर गई है। इसका मतलब है कि किशिदा की सरकार अगले कुछ दिनों में उनकी सरकार मुश्किल में आ सकती है। हालांकि पार्टी का कहना है कि वह जनता का दिल फिर से जीत सकती है।

बांग्लादेश ने म्यांमार बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाई, गृह मंत्री बोले- अब एक भी रोहिंग्या को नहीं घुसने देंगे

Comments
English summary
Shinzo Abe Funeral Controversy: Outrage in Japan over huge expenditure
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X