पाकिस्तान में अब केयरटेकर प्रधानमंत्री पर संग्राम, इमरान के इशारे पर शहबाज को नचा रहे राष्ट्रपति आरिफ अल्वी!

Pakistan Caretaker Prime Minister: इमरान खान भले ही जेल में बंद कर दिए गये हैं, लेकिन सिस्टम के शीर्ष पर मौजूद दो लोग, शहबाज शरीफ और उनकी गठबंधन सरकार को जमकर नचा रहे हैं। ये दो लोग हैं, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी।

एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने शहबाज शरीफ के न्यायिक अपील कानून, जिसे संसद में बनाया गया था, उसे खारिज कर दिया, जिससे नवाज शरीफ के पाकिस्तान लौटने का रास्ता करीब करीब बंद हो गया है और अब राष्ट्रपति ने केयरटेकर प्रधानमंत्री चुनने के लिए शहबाज शरीफ को आज शाम तक का वक्त दिया है।

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केयरटेकर प्रधानमंत्री पर संग्राम

पाकिस्तान के निवर्तमान प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ और विपक्षी नेता राजा रियाज़ इस साल के अंत में होने वाले संभावित आम चुनावों की देखरेख के लिए कार्यवाहक प्रधान मंत्री के नाम को अंतिम रूप देने के लिए रेस लगा रहे हैं।

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सख्ती दिखाते हुए शहबाज शरीफ को आज शाम तक केयरटेकर प्रधानमंत्री चुनने का अल्टीमेटम दे दिया है। 9 अगस्त को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले और संसद को भंग करने की सिफारिश करने वाले शहबाज शरीफ को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है, कि वो 12 अगस्त तक हर हाल में कार्यवाहक प्रधानमंत्री का चुनाव करें, जिसको लेकर शहबाज शरीफ ने कहा है, कि राष्ट्रपति को संविधान की समझ नहीं है।

शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा, कि वह और विपक्षी नेता राजा रियाज शनिवार तक नाम को अंतिम रूप दे देंगे और पूर्व गठबंधन दलों को भी राजनीतिक परामर्श के लिए शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "अंतिम फैसला लेने से पहले इस मामले पर गठबंधन सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा।"

शहबाज शरीफ ने कहा, कि उन्हें शुक्रवार को विपक्ष के नेता राजा रियाज से मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह अपनी कुछ पूर्व कार्यक्रमों की वजह से उनसे मिल नहीं पाए।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रियाज़, दोनों को एक पत्र में, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सूचित किया है, कि अनुच्छेद 224-A के तहत उन्हें नेशनल असेंबली के विघटन के तीन दिनों के भीतर अंतरिम प्रधान मंत्री के लिए एक नाम प्रस्तावित करना है।

राष्ट्रपति के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा, कि वह इस चिट्ठी को पाकर निराश हैं। शरीफ ने कहा, कि संविधान में संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली (एनए) के विघटन के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए आठ दिन का प्रावधान है।

क्या कहता है पाकिस्तान का संविधान?

पाकिस्तान के संविधान के जानकारों का कहना है, कि संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली में प्रधान मंत्री और निवर्तमान विपक्षी नेता के पास अंतरिम प्रधान मंत्री का नाम तय करने के लिए तीन दिन का समय होता है। यदि दोनों किसी नाम पर सहमत नहीं हो पाते हैं, तो मामले को संसदीय समिति के पास भेजा जाएगा। और यदि समिति भी कोई फैसला लेने में नाकाम रहती है, तो पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के पास, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता की तरफ से जो नाम आए रहते हैं, उनमें से किसी एक नाम को चुनने के लिए चुनाव आयोग के पास दो दिनों का वक्त होता है।

चुनाव आयोग जिस नाम को फाइनल करेगा, वो नाम अंतिम माना जाएगा और वही कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए डिनर कार्यक्रम का आयोजन किया था और इस मौके पर कार्यवाहक प्रधान मंत्री के मुद्दे पर बातचीत की गई है।

डिनर कार्यक्रम में, सभी निवर्तमान सत्तारूढ़ दलों ने उन्हें कार्यवाहक प्रमुख पद के लिए नाम चुनने का पूरा अधिकार दिया है।

डिनर में उपस्थित प्रमुख लोगों में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट - पाकिस्तान के संयोजक खालिद मकबूल सिद्दीकी और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के अख्तर मेंगल शामिल थे।

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किन नामों पर हो रही है चर्चा?

डिनर के दौरान इशाक डार, ख्वाजा आसिफ, मरियम औरंगजेब और शाहजैन बुगती भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, कि भुट्टो-जरदारी ने शरीफ को बता दिया है, कि उनकी पार्टी कार्यवाहक पद के लिए प्रधानमंत्री के उम्मीदवार को स्वीकार करेगी।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने पूर्व राजनयिक जलील अब्बास जिलानी और पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश तस्सदुक हुसैन जिलानी के नाम प्रस्तावित किए हैं, जबकि मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी का नाम आगे बढ़ाया है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने अपने पत्ते गुप्त रखे हैं, जिससे हर कोई अपने उम्मीदवार के बारे में अनुमान लगा रहा है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिम व्यवस्था के प्रमुख का नाम तय करने में देरी का एक कारण पीएमएल-एन की अपने खास व्यक्ति को कार्यालय में देखने की इच्छा माना जाता है।

राजनीतिक हलकों में कुछ लोगों का मानना है, कि प्रधानमंत्री शरीफ 14 अगस्त तक पद पर बने रहना चाहते हैं ताकि वह स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण समारोह में शामिल हो सकें, जिसके बाद एक कार्यवाहक प्रधानमंत्री शपथ लेंगे।

पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता ने अखबार को बताया, कि सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी "सबसे मजबूत उम्मीदवारों में से एक" हैं।

पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, कि "सीनेट अध्यक्ष छुपा रुस्तम हो सकते हैं।" उन्होंने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के नाम का भी जिक्र किया और उन्हें "डार्क हॉर्स" बताया है।

वहीं, अन्य संभावित दावेदारों में पूर्व वित्त मंत्री हफीज शेख और इशाक डार, पूर्व प्रधान मंत्री शाहिद खाकन अब्बासी, पूर्व प्रमुख सचिव फवाद हसन फवाद और पूर्व न्यायाधीश तसद्दुक जिलानी हैं।

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