Pakistan: शहबाज शरीफ का सऊदी अरब दौरा रद्द, मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान से क्यों बनाई दूरी?

कुछ साल पहले तक स्थिति ये थी, कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री एक फोन करते थे, और उन्होंने सऊदी से मनमाफिक लोन मिल जाता था। पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब और यूएई हमेशा खुला रहने वाला बैंक थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है

Shehbaz Sharif’s Saudi Visit

Shehbaz Sharif's Saudi Arabia Visit Cancelled: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब की आगामी यात्रा स्थगित कर दी गई है। News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद में मौजूदा राजनीतिक संकट के कारण सऊदी अरब ने शरीफ की यात्रा को "रद्द" कर दिया है। बताया जा रहा है, कि सऊदी अरब की तरफ से शहबाज शरीफ की यात्रा को कैंसिल किया गया है।

सऊदी अरब ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का दौरा क्यों रद्द किया? क्या दोनों सहयोगियों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं? इस्लामाबाद में राजनीतिक संकट क्यों है? इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

शहबाज शरीफ का सऊदी दौरा रद्द?

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के शीर्ष सूत्रों ने News18 को बताया, कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रहे टकराव के कारण शहबाज शरीफ की यात्रा रद्द कर दी गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अगले सप्ताह अपने मंत्रियों के साथ रियाद जाने वाले थे। हालांकि, रियाद से आ रही रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी रॉयल्स के साथ कोई बैठक तय नहीं होने के बाद शरीफ के दौरे को "कैंसिल" कर दिया गया। रिपोर्ट है, कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की तरफ से शहबाज शरीफ को मुलाकात के लिए समय नहीं दिया जा रहा था।

दिलचस्प ये है, कि पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री बनने के बाद शहबाज शरीफ ने अपने विदेशी दौरे की शुरुआत की सऊदी अरब से की थी। अपनी पहली विदेश यात्रा पर पिछले साल अप्रैल में शहबाज शरीफ ने तीन दिवसीय सऊदी अरब का दौरा किया था। तेल समृद्ध मध्य पूर्व देश की उनकी यात्रा किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हुई थी।

News18 के सूत्रों के मुताबिक, शरीफ अब मई में यूनाइटेड किंगडम जाएंगे, जहां वह किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक समारोह में शामिल होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि अपनी लंदन यात्रा के दौरान, वह अपने बड़े भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मिलेंगे, ताकि नकदी की तंगी वाले देश में चुनावी मुद्दे पर चर्चा की जा सके।

Shehbaz Sharif’s Saudi Visit

पाकिस्तान से दूरी बना रहा है सऊदी अरब?

माना जा रहा है, कि बार बार पाकिस्तान की आर्थिक मदद करने वाला सऊदी अरब, अब आर्थिक संकट से गुजर रहे इस इस्लामिक देश से दूरी बना रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सोमवार (17 अप्रैल) को संसद के निचले सदन को बताया था, कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने वित्तीय सहायता प्रदान करने का वचन दिया है।

आपको बता दें, कि आईएमएफ ने शर्त रख दी थी, कि वो पाकिस्तान को तभी लोन देगा, जब उसके सहयोगी देश आईएमएफ को लिख कर देंगे, कि वो पाकिस्तान की वित्तीय मदद करने के लिए तैयार हैं।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, शरीफ ने देश की संसद को संबोधित करते हुए कहा था, "बड़ी दया दिखाते हुए, सऊदी अरब ने हमें और 2 अरब डॉलर प्रदान किए हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी हमें 1 अरब डॉलर देने का वादा किया है।" उन्होंने यह भी कहा, कि पाकिस्तान ने 1.1 अरब डॉलर की राहत राशि हासिल करने के लिए आईएमएफ की सभी शर्तों को पूरा किया है।

आपको बता दें, सऊदी अरब अब एक नया कानून बनाने जा रहा है, जिसके तहत वो कर्ज की शर्तें आईएमएफ के मुताबिक ही करेगा, यानि, कोई देश उसका कर्ज कैसे वापस करेगा, इसकी लिखित गारंटी जब देगा, तभी वो उस देश को लोन देगा। माना जा रहा है, सऊदी अरब ये नया कानून, पाकिस्तान जैसे देशों को ही ध्यान में रखते हुए बनाने जा रहा है।

सऊदी ने काफी मुश्किल से दिया इस बार लोन

मिडिल ईस्ट आई (एमईई) ने मार्च में रिपोर्ट दी थी, कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान को आगे किसी भी तरह की खैरात देने से इनकार कर दिया है और कहा है, कि जब तक कि वह कुछ जरूरी शर्तों को पूरा नहीं करता, उसे लोन नहीं मिलेगा, जिसके बाद इस्लामाबाद सदमे में आ गया था।

इसके बाद शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को सऊदी अरब से खैरात की पैरवी करने की अपील की और फिर उसके बाद, कड़ी शर्तों के साथ सऊदी ने पाकिस्तान को नया लोन दिया है।

किंग फैसल सेंटर फॉर रिसर्च एंड इस्लामिक स्टडीज के एक सहयोगी साथी उमर करीम ने एमईई को बताया, कि इस्लामाबाद में अधिकारी, सऊदी अरब के ना कहने के बाद हैरान रह गये थे। करीम ने कहा, कि "पहले जहां सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश, विदेश मंत्री या प्रधान मंत्री के एक फोन कॉल के बाद पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबार लेते थे, वहीं इस बार वास्तव में उन्हें मुश्किल में डाला जा रहा है।"

इस साल जनवरी में, सऊदी के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जादान ने राज्य की कर्ज देने की नीति में बदलाव पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था, कि "हम बिना किसी शर्त के सीधे अनुदान और जमा देते थे, और हम इसे बदल रहे हैं। हम अब अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि हम अपनी कर्ज देने की प्रक्रिया में सुधार ला सकें।" उन्होंने कहा था, कि "हम अपने लोगों पर टैक्स लगा रहे हैं, तो हम दूसरों से भी ऐसा ही उम्मीद करते हैं।" उन्होंने कहा था, कि "हम दूसरों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन हम चाहते हैं, कि आप भी अपना काम करें।"

पाकिस्तान का राजनीतिक संकट

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पिछले साल अप्रैल में संसद में अविश्वास मत के जरिए सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से पाकिस्तान राजनीतिक उथल-पुथल में है। तब से, राजनीतिक संकट के कम होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इमरान खान जल्द से जल्द राष्ट्रीय चुनाव की मांग कर रहे हैं, जो इस साल के अंत में होने वाले हैं।

लेकिन, पाकिस्तानी सरकार देश की न्यायपालिका के साथ भी अनबन में लगी हुई है। शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) की शक्ति पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि, सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत, पंजाब में प्रांतीय चुनावों में देरी करने वाले चुनाव निकाय पर स्वत: संज्ञान लिया है।

1 मार्च को, शीर्ष अदालत की पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने 3-2 बहुमत से पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) को पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद शहबाज शरीफ सरकार भड़की हुई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+