Pak आर्मी चीफ की नियुक्त को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे इमरान? शहबाज शरीफ बोले, ऑफर ठुकराया
शहबाज शरीफ ने कहा कि, "इमरान खान वर्तमान में केवल अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं को पूरा करने के लिए सैन्य नेतृत्व को निशाना बना रहे हैं।"
Pakistan News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है, कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनसे नये आर्मी चीफ की नियुक्ति को लेकर विचार-विमर्श करने का ऑफर दिया था, लेकिन शहबाज शरीफ ने कहा है, कि उन्होंने इमरान खान के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा अगले महीने 29 तारीख को रिटायर्ट हो रहे हैं और उन्होंने अपनी सेवा में विस्तार लेने से इनकार कर दिया है। लिहाजा, पाकिस्तान में नये आर्मी चीफ की नियुक्ति को लेकर राजनीति काफी तेज है।

शहबाज के सामने गिड़गिड़ाए इमरान
जनरल बाजवा को पहली बार साल 2016 में पाकिस्तान का आर्मी चीफ नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल साल 2019 में खत्म हो रहा था। लेकिन, इमरान खान ने जनरल बाजवा के तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के के बाद उनकी सेवा का विस्तार कर दिया। उस वक्त ऐसा कहा गया, कि इमरान खान ने जनरल बाजवा को एक्सटेंशन देकर अहसान चुकाया है, क्योंकि वो जनरल बाजवा के आशीर्वाद से ही पाकिस्तान के प्रधामंत्री बने हैं। वहीं, इसी साल सितंबर में इमरान खान ने कहा था, कि जनरल बाजवा को नई सरकार चुने जाने तक एक और विस्तार दिया जाना चाहिए और उन्होंने शहबाज शरीफ से देश में जल्द चुनाव करवाने की मांग की थी, लेकिन शहबाज शरीफ ने उनके उस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था।

शहबाज शरीफ ने क्या दावा किया?
पाकिस्तान के एक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए शहबाज शरीफ ने 29 अक्टूबर को कहा है, कि इमरान खान ने एक महीने पहले सरकार के साथ दो मुद्दों को हल करने के लिए एक अपने एक कारोबारी दोस्त की मदद से उनके पास एक प्रस्ताव भेजा था। अपने प्रस्ताव में इमरान खान ने शहबाज शरीफ के साथ बातचीत की पेशकश की थी, लेकिन शहबाज शरीफ ने इमरान खान की उस पेशकश को नकार दिया था। शहबाज ने कहा कि, इमरान खान के दो मुद्दों में पहला मुद्दा आर्मी चीफ की नियुक्ति और दूसरा मुद्दा देश में जल्द आम चुनाव कराना था। वहीं, पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने रविवार को खबर दी है, सेना प्रमुख का चुनाव और पाकिस्तान में लोकसभा का चुनाव, दोनों अपने अपने समय पर होंगे। जिसका मतलब ये हुआ, कि शहबाज शरीफ अपनी मर्जी से नये आर्मी चीफ का चुनाव करेंगे।

इमरान खान का प्रस्ताव किया था?
शहबाज शरीफ ने कहा कि, "इमरान ने सुझाव दिया था, कि हम उन्हें तीन नाम दें और वह नये सेना प्रमुख के लिए तीन नाम देंगे और फिर हम दोनों मिलकर उन छह नामों में से किसी एक नाम को देश का नया आर्मी चीफ नियुक्त करें।" उन्होंने कहा कि, "यदि दोनों सूचियों में एक समान नाम है, तो हम सहमत होंगे।" शहबाज शरीफ ने इंटरव्यू में कहा कि, 'मैंने इमरान खान के प्रस्ताव को शुक्रिया कहकर खारिज कर दिया।' वहीं, शहबाज शरीफ ने इमरान खान को बदले में जवाब भिजवाया, कि देश में सेना प्रमुख की नियुक्ति एक संवैधानिक कर्तव्य है, जिसे प्रधानमंत्री को ही निभाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि, "मैंने इमरान खान को लोकतंत्र के चार्टर और अर्थव्यवस्था के चार्टर पर चर्चा करने की पेशकश की है।"

इमरान पर शहबाज का निशाना
शहबाज शरीफ ने कहा कि, "इमरान खान वर्तमान में केवल अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं को पूरा करने के लिए सैन्य नेतृत्व को निशाना बना रहे हैं।" उन्होंने कहा कि, पूर्व प्रधानमंत्री "अब उन लोगों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, जिन्होंने उनका पालन-पोषण किया। अब उनकी कोई भी शरारत चलने वाली नहीं है।" आपको बता दें कि, पाकिस्तानी संविधान के मुताबिक, देश में सेना प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री का एकमात्र विशेषाधिकार है। यानि, देश का सैन्य प्रमुख कौन होगा, इसका फैसला करने का अधिकार सिर्फ प्रधानमंत्री के पास होता है। और पाकिस्तान में एक यही वक्त होता है, जब प्रधानमंत्री दफ्तर की तरफ पाकिस्तान की आर्मी देखती है। अन्यथा, पाकिस्तान की राजनीति में जनता की चुनी हुई सरकार सेना के सामने नतमस्तक रहती है।












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