वैज्ञानिकों को कब्रिस्तान और चर्चों के नीचे मिले तीन नई प्रजाति के सांप, इस कारण से रहते हैं "अंडरग्राउंड"
वैज्ञानिकों को कब्रिस्तान और चर्चों के नीचे मिले तीन नई प्रजाति के सांप, इस कारण से रहते हैं "अंडरग्राउंड"
वाशिंगटन, 20 सितंबर : दुनिया में 150 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं वहीं इनमें तीन नए सांपों के संख्या जुड़ चुकी है।इसकी वजह है कि वैज्ञानिकों ने तीन नए सांपों की प्रजातियां ढूढ़ने में कामयाबी हासिल कर ली है। इतना ही नहीं ये सांप किसी जंगल में या चट्टानों पर नहीं बल्कि कब्रिस्तान और चर्चों में मिले हैं। ये सांप की ऐसी प्रजाति है जो अपने एक स्वभाव के कारण हमेशा अंडरग्राउंउ रहते हैं।

शहरों में कब्रिस्तानों और चर्चों के नीचे छिपे मिले हैं
वैज्ञानिकों ने जो ये सांपों की प्रजातियां खोजी है वो इक्वाडोर के एंडीज में दूरदराज के शहरों में कब्रिस्तानों और चर्चों के नीचे छिपे मिले हैं। ये तीन नए क्रिप्टोज़ोइक (जमीन के नीचे रहने वाले) सांप है। ये जो तीन प्रजाति के सांप मिले हैं उनका आकार बेलनाकार है और काफी पुरातन हैं।

कब्रिस्तान इनके जीने की भूमि है
कब्रिस्तान जहां मरने के बाद लोग दफन किए जाते है वहां ये सांप मिलने के बाद कहा जा रहा है कि कब्रिस्तान इनके जीने की भूमि है। वैज्ञानिकों ने जो ये सांप की प्रजातियों को खोजा है वे ग्राउंड स्नेक कहलाते हैं जो दुनिया में सबसे अधिक प्रजाति-समृद्ध सांप हैं। लेकिन बहुत कम लोगों ने उनके अस्तित्व के बारे में देखा या सुना भी है।

इस स्वभाव के बारे में ये अंडरग्राउंड रहते हैं
अपने इस स्वभाव के बारे में ये अंडरग्राउंड रहते हैं
वैज्ञानिकों का दावा है कि ये अंडग्राउंड इसलिए रहते हैं क्योंकि ये सांप शर्मीले और आम तौर पर दुर्लभ होते हैं, और वे अपने अधिकांश जीवन में छिपे रहते हैं। इसके अलावा ये नमी वाले वनों में रहते हैं ये भूमिगत या गहरी दरारों में दबे रहते हैं। हालांकि ये सांप जहां क्रिप्ट के बीच रहते हैं।

प्रजातियों की खोज की वो अचानक ही हो गई
वैज्ञानिकों ने जो ये तीन नई प्रजातियों की खोज की वो अचानक ही हो गई। ये वहां मिले हैं जहां होने की किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। डिस्कवरी ग्राउंड स्नेक (एट्रैक्टस डिस्कवरी) दक्षिणपूर्वी इक्वाडोर के एक दूरस्थ बादल वन शहर में एक छोटे से कब्रिस्तान में भूमिगत छिपा हुआ पाया गया, जबकि दो अन्य नई प्रजातियां एक पुराने चर्च और एक छोटे में पाईं गई।

सांपों के अधिकांश मूल निवास पहले ही नष्ट हो चुके हैं इसलिए....
इसकी खोज के बाद माना जा रहा है कि कम से कम एंडीज जहां ये पाए गए हैं वहां सांपों की नई प्रजातियां कोने के आसपास ही छिपी हो सकती हैं। दुर्भाग्य से, एक ही शहर में सांपों और ग्रामीणों का सह-अस्तित्व आमतौर पर सांपों के लिए बुरी खबर है। आर्टेगा की स्टडी के अनुसार इन नए सांपों के अधिकांश मूल निवास पहले ही नष्ट हो चुके हैं। यहीं कारण है कि ये अब ये मनुष्यों के जीवित और मृत होने बाद वाली जगहों (शमशान) पर शरण ले रहे हैं। जहां वे आमतौर पर देखते ही मारे जाते हैं।
Meet the new species of ground #snakes 🐍 we discovered in #Ecuador: 1) Atractus discovery; 2) Atractus zgap; and 3) Atractus michaelsabini.https://t.co/juUjZ70XdU pic.twitter.com/Xg9JLUYBgy
— Alejandro Arteaga (@ale_field_lab) September 21, 2022
प्रकृति रिजर्व स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
एक शिक्षक डिएगो पिनन ने बताया कि जब मैं पहली बार 2013 में एल चाको पहुंचा, तो मुझे सड़क पर कई मरे हुए सांप दिखाई दिए थे। वहीं आर्टेगा ने कहा इन नए सांपों की खोज एक बहुत बड़ी संरक्षण परियोजना की दिशा में पहला कदम है। हमने पहले से ही जमीन के सांपों की रक्षा के लिए एक प्रकृति रिजर्व स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे अद्वितीय और गुप्त सरीसृपों के अस्तित्व की खोज किए बिना संभव नहीं होगा। भले ही इसके लिए पल भर में कब्रिस्तान में मृतकों की शांति को भंग करना पड़े।

इन्हें दिया गया है ये नाम
1) एट्रैक्टस डिस्कवरी
2) एट्रैक्टस ज़गैप
3) अट्रैक्टस माइकल्साबिनी












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