एलियंस के साथ डायरेक्ट प्रजनन नहीं कर सकते इंसान, वैज्ञानिकों ने बताया, क्या हो सकता है समाधान?
Alien News: एलियंस को लेकर वैज्ञानिकों का कौतूहल बच्चों जैसा है और एलियंस के अस्तित्व को लेकर दुनिया भर के दर्जनों वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं। एलियंस की तलाश के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने तो एक अलग से डिपार्टमेंट और एजेंसी तक का निर्माण कर दिया है। लेकिन, अभी तक इंसानों को पता नहीं चल पाया है, कि क्या धरती के अलावा, किसी और ग्रह पर जीवन मौजूद है या नहीं।
लेकिन, एक वैज्ञानिक, जिन्होने धरती पर कम से कम 119 एलियंस विमान (UFO) के दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा कर चुके हैं, उन्होंने अपने एक ताजा इंटरव्यू में कहा है, कि इसकी संभावना नहीं है, कि इंसान, किसी बाहरी दुनिया से आने वाले आगंतुक, जिन्हें हम आम भाषा में एलियन कहते हैं, उनके साथ प्रजनन कर सकें।

क्या एलियंस से बच्चे पैदा कर सकते हैं इंसान?
मशहूर वैज्ञानिक डॉ स्टीवन ग्रीर, जो एलियंस से मिलने का दावा कर चुके हैं, उन्होंने यूट्यूब चैनल वीएलएडी टीवी से बात करते हुए इंसानों और एलियंस के बीच प्राकृतिक प्रजनन होने को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने कहा, कि इस बात की संभावना नगन्य है, कि इंसान प्राकृतिक प्रजनन के जरिए किसी एलियंस से बच्चों को जन्म दे सके।
कुछ प्रकार के बाह्य-स्थलीय जीवों का भौतिक रूप एक जैसा होने के बावजूद, उन्होंने कहा, कि यह संभवतः 'सामान्य' प्रजनन की स्थिति को उत्पन्न नहीं होने देगा। डॉ. ग्रीर ने कहा, कि एक प्रकार की प्रजाति थी जो चचेरे भाई-बहनों की तरह दिखती थी, लेकिन प्रजनन की उनकी समझ के कारण यह निश्चित नहीं था, कि यह संभव होगा या नहीं।
हालांकि, उन्होंने कहा है, कि प्राकृतिक तौर पर नहीं, लेकिन वैज्ञानिक तरीकों से एलियंस से इंसानी बच्चे को जन्म दिया जाना संभव हो सकता है।
उन्होंने कहा, कि "स्पष्ट रूप से सीआरआईएसपीआर (डीएनए तकनीक) और क्लोनिंग के साथ, और अन्य तकनीकों के साथ आप कुछ चीजें कर सकते हैं। लेकिन, सामान्य प्रजनन के संदर्भ में बात करें, तो मुझे इसमें बहुत संदेह है।"
हालांकि, डॉ. ग्रीर ने कहा, कि ऐसे प्रयोग किए गए हैं, जिनमें गोपनीय प्रोजेक्ट्स में मानव को किसी दूसरे स्थल के डीएनए से क्रॉस किया गया है। उन्होंने कहा, कि "नाजी जर्मनी में इस तरह से भयानक प्रयोगों को अंजाम दिया गया है।" उन्होंने दावा किया, कि "मैं उनके बारे में जानता हूं, मैं उन लोगों को जानता हूं, जिन्होंने उनमें काम किया है।"
डॉ. ग्रीर ने कहा, कि उन्होंने चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रमों की तह तक जाने में 33 साल लगा दिए हैं।
डॉ. ग्रीर ने कहा ने दावा किया, कि दुनिया में कुछ वैज्ञानिक ऐसे विभत्स और पागलपन भरे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिनमें इंसानी डीएनए को अलग अलग तरीके से क्रॉस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, कि कई प्रोजेक्ट्स काफी गुप्त हैं, तो कुछ प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी है।
डॉ. ग्रीर ने यह भी खुलासा किया, गरीब लोगों को पैसे देकर उन्हें ऐसे कार्यक्रम से जोड़ा जाता है, उनके शरीर के साथ भयानक मशीनी प्रयोग किए जाते हैं। उन्होंने कहा, कि अभी भी ऐसे प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, जिनमें इंसानी शरीर को एलियंस के साथ प्रजनन के लायक बनाने के तरीके शामिल हैं।

आपको बता दें, कि पूर्व इमरजेंसी रूम डॉक्टर ग्रीर ने अमेरिकी सरकार के ऊपर एलियंस और अंतरिक्ष यान से संबंधित जानकारियों को छिपाने का आरोप लगाया था और उन्होंने साल 1993 में डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट की स्थापना की थी।
उन्होंने कहा, कि पिछले कई दशकों में पृथ्वी के हवाई क्षेत्र में अनकही संख्या में विदेशी यान देखे गए हैं, जो लिफ्ट या प्रणोदन के किसी भी रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम हैं और वो धरती के गुरुत्वाकर्षण बल के ऊपर जाकर पृथ्वी की कक्षा में आकर अभ्यास भी करते हैं।
डॉ. ग्रीर ने कहा, कि इनमें से कुछ अलौकिक अंतरिक्षयानों को 'कम से कम 1940 के दशक से और संभवतः 1930 के दशक की शुरुआत में ही मार गिराया गया था, और फिर उसका अध्ययन किया गया है।' डॉ. ग्रीर ने 90 के दशक में दावा किया था, कि अमेरिकी सेना ने एक एलियंस यान को मार गिराया था, जिसे अभी भी अमेरिका में एक सुरक्षित प्रयोगशाला में रखा गया है।
आपको बता दें, कि इजराइली खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख ने भी दावा किया था, कि अमेरिका के पास एलियंस के अंतरिक्ष यान मौजूद हैं और अमेरिका अभी भी उस यान को लेकर रिसर्च करता है।












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