'अपनी तो जैसे-तैसे कट जाएगी, आपका क्या होगा जनाब-ए-आली', सऊदी ने दुनिया को दी चेतावनी
सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने बुधवार को कहा कि, जीवाश्म ईंधन से ग्रीन एनर्जी में ट्रांसफॉर्म होने में अभी दुनिया को कम से कम 30 सालों का और समय लग सकता है।
Saudi Arab News: सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने बुधवार को दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगले 6 महीने तो गल्फ देशों के लिए काफी अच्छे होने वाले हैं, लेकिन वर्ल्ड के लिए काफी मुश्किल होने वाले हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जादानी ने कहा कि, 6 महीने क्या, अगले 6 साल भी खाड़ी-अरब देशों के लिए काफी अच्छे होने वाले हैं, लेकिन व्यापक मिडिल ईस्ट के लिए काफी मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं। रियाद के प्रमुख निवेश सम्मेलन एफआईआई में बोलते हुए सऊदी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, अगले छह महीने वैश्विक स्तर पर कठिन होंगे और इस क्षेत्र की मदद करने के लिए सऊदी अरब की भूमिका काफी अहम होगी। उन्होंने कहा कि, सऊदी अरब ने कम आय वाले देशों और अन्य लोगों को भोजन और ऊर्जा सहित सहायता भेजी है।

सऊदी ऊर्जा मंत्री की चेतावनी
सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने बुधवार को कहा कि, जीवाश्म ईंधन से ग्रीन एनर्जी में ट्रांसफॉर्म होने में अभी दुनिया को कम से कम 30 सालों का और समय लग सकता है, लिहाजा ऊर्जा के पारंपरिक साधनों में लगातार निवेश की आवश्यकता है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि, इस वक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था कम से कम 6 महीने के लिए काफी कठनाई का सामना कर रही है। मोहम्मद अल-जादान ने कहा कि, खाड़ी अरब तेल उत्पादकों के लिए स्थिति काफी अच्छी है और संभवत: अगले 6 सालों तक अच्छे दिन रहने वाले हैं। सऊदी अरब, जो दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक देश है, उसने और उसके ओपेक के साथी उत्पादकों ने पहले ही चेतावनी दे रखी है, कि वो हाइड्रोकार्बन में कम निवेश करेंगे, जबकि तेल का अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पहले से ही कमजोर है, जबकि पूरी दुनिया में तेल का डिमांड काफी ज्यादा बना हुआ है।

30 साल तक नहीं है कोई विकल्प
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, भले ही जलवायु परिवर्तन की वजह से ऊर्जा के नवीनीकरण की बात हो रही है और ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ये ऊर्जा को लेकर ये बदलाव का फेज कोई एक साल के लिए नहीं है और ना ही 10 सालों के लिए है, बल्कि इसमें कम से कम 30 साल और लगेंगे। इसलिए हमें अपनी ऊर्जा सुरक्षा में निवेश करने की आवश्यकता है, लेकिन हम जलवायु परिवर्तन की उपेक्षा भी नहीं कर सकते हैं। सऊदी अरब में इन्वेस्टमेंट फोरम एफआईआई में बोलते हुए सऊदी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, 'सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए और विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस नई आर्थिक नीतियों पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि, हम कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए काफी कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन हम पारंपरिक ऊर्जा में भी निवेश कर रहे हैं और जलवायु परिवर्तन रोकने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

कार्बन की निलामी
फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) फोरम, जो मंगलवार से शुरू हुआ, उसमें 10 लाख टन कार्बन क्रेडिट की नीलामी होने की उम्मीद है। आयोजन से पहले, सऊदी अरब ने सऊदी वेल्थ फंड पीआईएफ ने क्षेत्रीय स्वैच्छिक कार्बन मार्केट कंपनी की स्थापना की घोषणा की है। सऊदी अरब और साथी खाड़ी अरब राज्यों ने अपनी ग्रीन क्रेडिट को मजबूत करने की मांग की है। रियाद ने पिछले साल कहा था, कि राज्य का लक्ष्य 2060 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को शून्य तक लाने का उसका लक्ष्य है, जो ज्यादातर जीवाश्म ईंधन को जलाने से उत्पन्न होते हैं। वहीं, सऊदी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, स्थिरता लाने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है और सऊदी अरब खाड़ी देशों को इस कठिन रास्ते पर चलने में मदद करेगा।












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