फिलिस्तीन विवाद: सऊदी अरब ने कहा- इजरायल को अपनी धरती पर रहने का अधिकार
रियाद। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) ने कहा है कि इजरायल को शांतिपूर्वक उनकी जमीन पर रहने का अधिकार है। यूएस मैगजीन में छपे एक इंटरव्यू में सलमान ने कहा कि रियाद और तेल अवीव के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने के लिए समझौतों पर सहमति बनी हुई है। गौरतलब है कि अरब देश इजरायल के अस्तित्व को ही इनकार करता आया है। वहीं, मोहम्मद बिन सलमान ने यहूदी लोगों के अधिकार की बात करते हुए कहा है, 'मेरा मानना है कि फिलीस्तीनियों और इजरायल को अपनी जमीन पर रहने का अधिकार है, लेकिन हमें सभी के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने और सामान्य संबंध स्थापित करने के लिए शांति समझौता करना होगा।'

इस्लाम की जन्म भूमि सऊदी अरब ने इजरायल के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता है। लेकिन, 1967 में मिडिल ईस्ट वॉर में अरब भूमि पर इजरायल के कब्जे के बाद भी सऊदी अरब ने दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाए रखा है। मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, 'हमें यरूशलेम में पवित्र मस्जिद के भाग्य और फिलीस्तीनी लोगों के धार्मिक अधिकारों के बारे में चिंता है। हमें सिर्फ इसी की चिंता है। हमें किसी भी शख्स के खिलाफ कोई भी आपत्ति नहीं है।'
ईरान के साथ सऊदी अरब और इजरायल दोनों की रिश्ते बिगड़े हुए हैं, वहीं मिडिल ईस्ट में ये दोनों देश अमेरिका के सबसे करीब है। ईरान की चुनौतियों का सामना करने के लिए सऊदी अरब और इजरायल एक साथ काम कर सकते हैं। प्रिंस सलमान ने कहा कि हम इजरायल के साथ कई हित साझा करते रहे हैं और अगर वहां शांति है, तो गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल कंट्रीज और इजरायल एक दूसरे के साथ मिलकर अपने हित साझा कर सकते हैं।
सऊदी अरब 2002 से इजराइल और फिलीस्तीन विवाद को खत्म करने के लिए कोशिश में लगा है, लेकिन सलमान पहले ऐसे सीनियर अधिकारी है जिन्होंने इजरायल के अधिकार की बात कही है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब में अब तक के सबसे लोकप्रीय प्रिंस साबित हो रहे हैं, जो जल्द ही अपने पिता की जगह लेकर प्रिंस बनेंगे।
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