'सऊदी अरब ने ख़ाशोगी हत्याकांड जांच में अड़ंगे लगाए'
पत्रकार जमाल ख़ाशोगी की हत्या की जांच कर रहे संयुक्त राष्ट्र की जांचकर्ता ने कहा है कि ये हत्या सुनियोजित थी और इसे सऊदी अधिकारियों ने अंजाम दिया था.
शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की के अधिकारियों को सऊदी दूतावास में दाख़िल नहीं होने दिया गया जहां ख़ाशोगी की हत्या की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह सऊदी अरब ने जांच में अड़ंगे लगाए.
ख़ाशोगी को बीते साल दो अक्तूबर को आख़िरी बार तब देखा गया था जब वो सऊदी दूतावास के भीतर जा रहे थे.
ख़ाशोगी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के मुखर आलोचक थे.
इस तरह के हत्या मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष जांच अधिकारी एग्नेस केलमर्ड ने कहा है कि इस तरह से किसी को मारने के लिए क्राउन प्रिंस की मंज़ूरी लेनी पड़ती है.
एग्नेस केलमर्ड इस हत्या की जांच कर रहे अंतरराष्ट्रीय दल का नेतृत्व कर रही हैं. उनकी शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़ाशोगी को बर्बर तरीके से मारा गया और सऊदी अधिकारियों ने इसकी योजना पहले से बनाई गई थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की को हत्या की जांच करने से रोका गया और सऊदी अधिकारियों ने हत्या के बाद 13 दिन तक जांचकर्ताओं को दूतावास में दाख़िल नहीं होने दिया.
एग्नेस केलमर्ड ने कहा है कि वो सऊदी अरब के आधिकारिक दौर पर जाना चाहती हैं ताकि 11 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ बताए गए सबूतों को को जांच सकें.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़ाशोज्जी का शव अभी तक नहीं मिला है जो उनके परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है.
इस आशय की अंतिम रिपोर्ट जून में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को सौंपी जाएगी.
सऊदी अधिकारियों का कहना है कि ख़ाशोगी की मौत दूतावास में एक संघर्ष के दौरान हुई. तुर्की के अधिकारी मानते हैं कि दूतावास में उनकी हत्या सऊदी एजेंटों की एक टीम ने की थी.
सऊदी अरब ने ख़ाशोगी की हत्या के लिए 11 लोगों पर अभियोग चलाया है लेकिन उन्हें तुर्की के हवाले करने की मांग को ठुकरा दिया है.












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