सऊदी अरब में ऐतिहासिक बदलाव, दो महिलाओं को सरकार में मिली ये अहम जिम्मेदारी
महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद दकियानूसी विचार रखने वाले सऊदी अरब ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सरकार में दो महिलाओं की नियुक्ति की है।
रियाद, 05 जुलाईः महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद दकियानूसी विचार रखने वाले सऊदी अरब ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सरकार में दो महिलाओं की नियुक्ति की है। किंग सलमान ने रविवार को कई शाही आदेश जारी किए, जिसके मुताबिक मंत्रालयों में महिलाओं को जगह दी गई है। इसके साथ ही सऊदी सेंट्रल बैंक में प्रमुख पदों पर नए महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सऊदी किंग ने राजकुमारी हाइफा बिन्त मोहम्मद को सऊदी अरब के पर्यटन उप मंत्री और शिहाना अलजाज को मंत्रिपरिषद के उप महासचिव के रूप में नियुक्त किया है।
तस्वीर- ट्विटर

100 शक्तिशाली महिलाओं में शामिल
शिहाना अलजाज पूर्व में सार्वजनिक निवेश कोष (पीआईएफ) में सामान्य वकील का पद संभाला चुकी हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलजाज सऊदी अरब में वकालत का लाइसेंस प्राप्त करने वाली शुरूआती महिलाओं में से एक थीं। अलाजाज 2017 में लीगल डिवीजन में लेन-देन के प्रमुख के रूप में PIF में शामिल हुईं। उन्होंने यूके में डरहम विश्वविद्यालय में कानून का अध्ययन किया। वह कानूनी फर्म बेकर मैकेंजी में 3 साल से अधिक समय तक काम कर चुकी हैं। 2020 में उन्हें फोर्ब्स मिडिल ईस्ट द्वारा 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक के रूप में चुना गया था।

लंदन बिजनेस स्कूल से एमबीए कर चुकीं हैं हाइफा
प्रिंसेस हाइफा अल सऊद ने अमेरिका के न्यू हेवन विश्वविद्यालय में व्यवसाय प्रशासन का अध्ययन किया और लंदन बिजनेस स्कूल, यूके से एमबीए पूरा किया। वह 2014 में शुरू किए गए गैर-लाभकारी संगठन द एम्पावरमेंट हब के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं, जो महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाता है। पर्यटन के उप मंत्री होने के अलावा, अल सऊद सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (जीएसीए), किदिया, पर्यटन विकास कोष (टीडीएफ) और पर्यटन विकास परिषद (टीडीसी) के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं।

रूढ़िवादी छवि सुधारना चाहता है सऊदी
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार कार्यबल में विविधता लाना चाहती है। मोहम्मद बिन सलमान के शासनकाल में सऊदी अरब पहले के मुकाबले उदार, बाजार के लिए खुला और नए धंधों के लिहाज से तैयार नजर आता है। दुनिया भर में इस्लामिक देशों का नेता बनने की बजाय अब यह देश घरेलू स्तर पर खुद को मजबूत करने पर फोकस कर रहा है। सऊदी क्राउन प्रिंस अपने महत्वाकांक्षी 'विजन 2030' के तहत देश की रूढ़िवादी छवि को सुधारकर देश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करने की कोशिश में हैं।

चंद सालों में ही आया बदलाव
चंद सालों में ही सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान देश के सांस्कृतिक मूल्यों से लेकर अर्थव्यवस्था में जबरदस्त बदलाव ले आए हैं। 2017 में क्राउन प्रिंस का पद संभालने के बाद से उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत आजादी पर खूब काम किया है। अब सऊदी में महिलाओं को कई तरह की छूट दी गई हैं। अब वे ड्राइविंग कर सकती हैं, बाहर निकल सकती हैं और मनोरंजन के इवेंट्स में शामिल हो सकती हैं।












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