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कुरान जलाकर बार बार इस्लाम का अपमान करने वाले शख्स की मौत, कौन थे सलवान मोमिका, जानिए

Salwan Momika Death News: कुरान जलाकर बार बार इस्लाम और पैगंबर का अपमान करने वाले शख्स सलवान मोमिका की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई है। सलवान मोमिका वो शख्स थे, जो स्वीडन में बार बार कुरान जला रहे थे, जिसकी वजह से दुनिया भर में प्रदर्शन हो चुके हैं।

इराक के रहने वाले सलवान मोमिका, जो पहले इराकी मिलिशिया में थे, वो बाद में इस्लाम के कट्टर आलोचक बन गये और उन्होंने फ्री स्पीच के आधार पर बार बार कुरान जलाकर इस्लाम का अपमान किया, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में उनकी आलोचना की गई थी।

Salwan Momika found dead

सलवान मोमिका, एक ईसाई नागरिक थे, जो बाद में जाकर नास्तिक बन गये थे और उन्हें इस्लाम के कट्टर आलोचकों में गिना जाता था। खासकर उनके भाषणों में इराक में ईसाइयों का हुआ नरसंहार का जिक्र अकसर होता था और उन्हें भी बाद में इराक छोड़कर भागना पड़ा था।

जून 2023 में ईद के दिन, सलवान मोमिका ने उस वक्त दुनिया को चौंका दिया, जब उन्होंने मुसलमानों की पवित्र पुस्तक कुरान की एक प्रति पर हमला किया और फिर उसे स्टॉकहोम की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने जला दिया। उनके एक दोस्त ने इस पूरे दृश्य को फिल्माया था।

मृत पाए गये सलवान मोमिका

रेडियो जेनोआ ने मंगलवार को खबर दी है, कि सलवान मोमिका को मृत पाया गया है, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने बताया, कि फिलहाल मौत की पुष्टि का इंतजार है। रेडियो जेनोआ ने एक्स पर पोस्ट किया, कि "जिन लोगों ने 1 मिलियन से ज्यादा इंप्रेशन के साथ मोमिका की मौत की घोषणा की, उन्होंने ट्वीट हटा दिया है। हम आगे की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"

रेडियो जेनोआ ने पहले कहा था, कि "इराकी शरणार्थी और इस्लाम के आलोचक सलवान मोमिका का निर्जीव शरीर नॉर्वे में पाया गया है। मोमिका को स्वीडन में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए जाना जाता था, जहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से कई बार कुरान को जलाया था।"

इराक से भागकर पहुंचे थे स्वीडन

स्वीडन से नॉर्वे शिफ्ट होने के बाद से सलवान मोमिका चर्चा में थे। उन्हें 2021 में स्वीडिश रेजीडेंसी परमिट प्रदान किया गया था। मोमिका शरण की तलाश में 2018 में इराक से बाहर चले गये थे। इसके अलावा, पूर्व मुसलमानों के बीच भी सलवान मोमिका काफी चर्चित चेहरा बन गये थे।

आपको बता दें, कि इंटरनेट की मदद से पूर्व मुसलमानों के एक आंदोलन ने दुनिया भर में अपनी पकड़ बना ली है। सलवान मोमिका ने 27 मार्च को पोस्ट किया था, कि "आज मैंने स्वीडन छोड़ दिया और अब नॉर्वे में अधिकारियों की सुरक्षा में हूं।"

उन्होंने लिखा था, कि "मैंने नॉर्वे में शरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवेदन किया था, क्योंकि स्वीडन दार्शनिकों और विचारकों के लिए शरण स्वीकार नहीं करता है, बल्कि केवल आतंकवादियों के लिए शरण स्वीकार करता है। स्वीडिश लोगों के लिए मेरा प्यार और सम्मान वही रहेगा, लेकिन मुझे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। स्वीडिश अधिकारी, पूरे स्वीडन का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।"

उन्होंने मुसलमानों की पवित्र किताब कुरान को 'दुनिया की सबसे खतरनाक किताब' बताया था।

सलवान मोमिका ने 27 मार्च के अपडेट में जोर देते हुए कहा था, कि "मैं इस्लामी विचारधारा के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखूंगा। जब से मैंने इस्लाम के खिलाफ संघर्ष शुरू किया है, मैंने इसकी कीमत चुकाई है और चुकाऊंगा, और मैं इसके लिए तैयार हूं, चाहे जो भी कीमत हो, ये मेरा संकल्प है।"

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