जर्मनी की विदेश मंत्री के सामने ही एस. जयशंकर ने यूरोपीय देशों को लगाई फटकार, पाकिस्तान को भी सुनाया

एस जयशंकर ने कहा कि यूरोप फरवरी से नवंबर तक रूस से इतना तेल आयात कर चुका है, जितना 10 देश मिलकर भी नहीं कर पाए हैं। वहीं गैस की बात करें तो भारत इस पैमाने दूर-दूर तक नहीं है।

S. Jaishankar with Minister for Foreign Affairs of Germany Annalena Baerbock

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    India के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने European देशों को लगाई फटकार | वनइंडिया हिंदी | *News

    जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक दो दिवसीय भारत दौर पर हैं। इस दौरान उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर के साथ मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोहराया कि भारत पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के रहते हुए बातचीत नहीं कर सकता है। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भी यूरोप को खरी-खोटी सुनाई।

    भारत की ऊर्जा जरूरतें सिर्फ भारत तय करेगा

    भारत की ऊर्जा जरूरतें सिर्फ भारत तय करेगा

    एस जयशंकर ने साफ लहजे में कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें सिर्फ भारत ही तय करेगा। भारत की प्राथमिकताएं यूरोप या कोई विदेशी देश तय नहीं कर सकता। विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोप खुद कुछ करे और भारत से कुछ और कहने के लिए कहे, यह कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ फरवरी से नवंबर तक रूस से इतना तेल आयात कर चुका है, जितना 10 देश मिलकर भी तेल, गैस और कोयला नहीं कर पाए हैं।

    भारत से कई गुणा तेल आयात करता है यूरोप

    एस जयशंकर इससे पहले भी कई बार यूरोप को आईना दिखा चुके हैं कि वह दूसरों को सिखाने से पहले अपने गिरेबान पर नजर डाले। भारत से यूरोप के आयात की तुलना करते हुए जयशंकर ने कहा कि यूरोपीय देशों का ऑयल इम्‍पोर्ट भारत की तुलना में 5 से 6 गुना ज्‍यादा है। यह तो हुई तेल की बात अगर गैस के बारे में बात की जाए तो अनगिनत गुना ज्‍यादा है क्‍योंकि भारत इसका आयात नहीं करता है। वहीं रूस से पश्चिमी देशों का कोयला आयात भारत की तुलना में 50 फीसदी ज्‍यादा है।

    जब तक आतंकवाद रहेगा तब तक कोई बात नहीं

    जब तक आतंकवाद रहेगा तब तक कोई बात नहीं

    संयुक्त प्रेस संबोधन में जयशंकर ने कहा, ‘‘ हमने अफगानिस्तान की स्थिति और पाकिस्तान के बारे में चर्चा की जिसमें सीमा पार आतंकवाद से जुड़ा विषय भी शामिल था। विदेशमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश सख्ती से निपटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के संबंध में, मैंने हमारे संबंधों की प्रकृति और सीमा पार आतंकवाद की चुनौती को रेखांकित करते हुए मंत्री के साथ कुछ समय बिताया, लेकिन आज मुख्य चुनौती यह है कि आतंकवाद के रहते हम बातचीत नहीं कर सकते।"

    भारत-जर्मनी के बीच 10 समझौते पर हस्ताक्षर

    भारत-जर्मनी के बीच 10 समझौते पर हस्ताक्षर

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच दस समझौतों पर हस्ताक्षर अधिक समकालीन द्विपक्षीय साझेदारी के आधार का मजबूत संकेत है। वहीं, जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है तो हमारे लिये मिलकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री ने कहा, "आज, हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में समय बिताया है। इसमें यूक्रेन में संघर्ष, भारत-प्रशांत सामरिक स्थिति, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से संबंधित कुछ हद तक ईरान, सीरिया से संबंधित घटनाक्रम शामिल थे, और हम में से प्रत्येक ने मुद्दों के इस सेट पर अपना दृष्टिकोण रखा। मैंने इसे बहुत उपयोगी और कई मामलों पर आपके दृष्टिकोण को सुनने के लिए बहुत फायदेमंद पाया।"

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