वैश्विक मंच पर आज दिखेगा भारत का दम: पहली बार UNSC की अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी, आएंगे पुतिन
अगस्त महीने में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल का अध्यक्ष बनने के बाद भारत ने अपने तीन कोर एजेंडे में एक एजेंडा समुद्री सुरक्षा को रखा था और बाकी दो एजेंडों में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पर बहस है।
नई दिल्ली, अगस्त 09: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्रपति फेलिक्स-एंटोनी त्सेसीकेदी त्शिलोम्बो, जो अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष भी हैं, और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन उन शीर्ष गणमान्य व्यक्तियों में शामिल हैं, जिनके संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बहस में भाग लेने की उम्मीद है। आज भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बतौर यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के अध्यक्ष पूरी दुनिया को संबोधित करेंगे, जिसका मुद्दा समुद्री सुरक्षा होगा और निशाने पर चीन होगा।
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पहली बार अध्यक्ष बना है भारत
यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के जानकार एक राजनयिक ने पुष्टि करते हुए कहा है कि विश्व के कई गणमान्य नेता आज की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। हालांकि, कोविड-19 की वजह से ये बैठक वर्चुअल होगा, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समुद्री सुरक्षा पर अपनी बात रखेंगे। सोमवार की बैठक किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में पहली यूएनएससी बहस होगी, हालांकि यह आठवीं बार है जब भारत के पास एक गैर-स्थायी सदस्य के रूप में शीर्ष विश्व निकाय की अध्यक्षता आई है।

समुद्री सुरक्षा पर होगी बहस
अगस्त महीने में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल का अध्यक्ष बनने के बाद भारत ने अपने तीन कोर एजेंडे में एक एजेंडा समुद्री सुरक्षा को रखा था और बाकी दो एजेंडों में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पर बहस है। खासकर एक मुद्दा आतंकवाद है, जिसका शिकार पिछले कई सालों से भारत रहा है। भारत ने पिछले हफ्ते आतंकवाद के मुद्दे पर यूएनएससी में पाकिस्तान को जमकर फटकार भी लगाई थी। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित भारत ने यूनाइटेड नेशंस में इस मुद्दे पर काफी ज्यादा जोर दिया है और पिछले हफ्ते जब अफगानिस्तान के मुद्दे पर बहस हो रही थी, तो भारत ने पाकिस्तान को बहस में हिस्सा ही नहीं लेने दिया। बतौर अध्यक्ष भारत ने साफ कहा कि अफगानिस्तान में भी आतंकियों की सप्लाई करने वाले पाकिस्तान को इस बैठक में शामिल होने का हक तब तक नहीं है, जबतक वो आतंकवादियों को बॉर्डर पार भेजना बंद नहीं करता है।

15 साल बाद आएंगे पुतिन
भारतीय प्रधानमंत्री आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को बतौर अध्यक्ष संबोधित करने वाले हैं और सबसे खास बात ये है कि करीब 15 सालों के बाद आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसमें हिस्सा लेंगे। रूस के राष्ट्रपति के बारे में कहा जाता है कि वो इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेते हैं और आखिरी बार उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में 15 साल पहले भाग लिया था। लेकिन, इस बार जब राष्ट्रपति पुतिन को बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद बैठक को संबोधत करने वाले हैं, तो वो इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए खुशी से तैयार हो गये।

अफ्रीकन देशों के नेता रहेंगे मौजूद
पीएम मोदी के संबोधन के दौरान डीआरसी के अध्यक्ष त्सेसीकेदी हिस्सा लेंगे। जो अफ्रीकी संघ की तरफ से बतौर ब्रीफर इस बहस में भाग लेंगे। इस ग्रुप में अफ्रीका के 55 देशों में 54 देश शामिल हैं और ये ग्रुप भौगोलिक तौर पर यूनाइटेड नेशंस का सबसे बड़ा ग्रुप है। इसके अलावा सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस के भी भाग लेने की पुष्टि की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया और उनकी जगह पर उनका बेटा इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

पाकिस्तान को दिया झटका
अगस्त महीने के लिए यूएनएससी अध्यक्ष बनने के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर धोया है। अफगानिस्तान के मुद्दे पर यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंट मिशन की बैठक में पाकिस्तान ने शामिल होने की अर्जी दी थी, जिसे बतौर अध्यक्ष भारत ने खारिज कर दिया था। जिसके ऊपर पाकिस्तान ने कड़ा ऐतराज जताया था, लेकिन भारत ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता रहेगा, भारत उसे ऐसी बैठकों में नहीं आने देगा। जिसपर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ''"यह गहरे अफसोस की बात है कि, अफगानिस्तान के निकटतम पड़ोसी के रूप में, जिसका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा जारी शांति प्रक्रिया में योगदान को मान्यता दी गई है, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष से परिषद के सत्र को संबोधित करने पाकिस्तान ने अनुरोध किया था, लेकिन पाकिस्तान के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया''












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