रूस की महिला जासूस का खुलासा, 10 सालों तक करती रही NATO की जासूसी, हाथ आने से पहले फरार
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली में ला रिपब्लिका और जर्मनी में डेर स्पीगल सहित कई मीडिया आउटलेट्स के साथ साझेदारी में बेलिंगकैट के शोध के अनुसार, ये महिला रूस की जासूसी एजेंसी जीआरयू की एक प्रमुख अधिकारी है।
नेपल्स, अगस्त 27: जासूसों की दुनिया काफी रहस्यमयी होती है और कहते हैं और आपने जासूसों को लेकर कई कहानियां पढ़ी होंगी और जासूसों की जिंदगी पर बनी कई फिल्में भी देखी होंगी, जो काफी रोमांचित करती हैं, लेकिन जासूसों की दुनिया जितनी रहस्यमय होती हैं, उतनी ही खतरनाक भी। नाटो और रूस की दुश्मनी तो किसी से छिपी नहीं है और नाटो की वजह से ही रूस ने यूक्रेन पर हमला भी किया है। लेकिन, अब रूस की एक महिला जासूस का खुलासा हुआ है, जिसने नाटो की नाक में दम कर दिए। लेकिन, लाख कोशिशों के बाद भी नाटो के तमाम शक्तिशाली देश उस महिला जासूस को नहीं पकड़ पाए।

बेहद शातिर रूसी महिला जासूस
जांचकर्ताओं की एक टीम ने रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी, जीआरयू से एक बेहद गुप्त जासूस का पर्दाफाश करने का दावा किया है। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है, कि ये महिला जासूस पिछले जिसने एक दशक तक लैटिन सालों से एक ज्वैलरी डिजाइनर के तौर पर खुद को प्रोजेक्ट कर रही थी और तमाम जानकारियां जुटा रही थी। रूस की ये महिला जासूस नाटो के अधिकारियों के काफी करीबी बन गई थी और उनके साथ पार्टियां किया करती थी। दिखने में बेहद खूबसूरत इस महिला जासूस को लेकर नाटो के अधिकारियों को एक सेकंड के लिए पता नहीं चला, कि वो गोपनीय जानकारियां रूस के साथ साझा कर रही है। जांचकर्ताओं का कहना है, कि ये महिला जासूस मारिया एडेला कुहफेल्ट रिवेरा के नाम से जानी जाती थी और उसने लोगों को बता रखा था, कि वह एक जर्मन पिता और पेरू की मां की संतान है, जो पेरू के कैलाओ शहर में पैदा हुई थी।

रूसी जासूसी एजेंसी की थी अधिकारी
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली में ला रिपब्लिका और जर्मनी में डेर स्पीगल सहित कई मीडिया आउटलेट्स के साथ साझेदारी में बेलिंगकैट के शोध के अनुसार, ये महिला रूस की जासूसी एजेंसी जीआरयू की एक प्रमुख अधिकारी है, जो अब फरार हो चुकी है। इस महिला को लेकर पश्चिमी देशों की खुफिया समुदाय का कहना है, कि वो एक डीव कवर एजेंट थी, जिसे रूस ने विदेशों में जासूसी करने के लिए काफी कड़ा प्रशिक्षण दे रखा था। आपको बता दें कि, मॉस्को की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सोवियत काल की शुरुआत से ही अपने जासूसों का जाल पूरी दुनिया में फैला रखा है और रूसी जासूस कई कई दशक तक अपने नकली नाम और पहचान के साथ जासूसी करते आ रहे हैं और कई जासूस तो अपनी नकली नाम और पहचान के साथ ही इस दुनिया से चले गये, लेकिन उनके बारे में कभी किसी भी पता नहीं चल पाया।

कई देशों में करती थी जासूसी
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की महिला जासूस रिवेरा ने कई देशों में जासूसी की और खासकर उसका नेटवर्क रोम, माल्टा और पेरिस हुआ करता था, जहां नाटो की काफी गतिविधियां होती रहती हैं। साल 2013 में रूसी महिला जासूस ने टो के एलाइड ज्वाइंट फोर्स कमांड के घर नेपल्स में अपना स्थाई ठिकाना बना लिया, जहां उसने सेरीन नामक एक आभूषण बुटीक की स्थापना की और एक सक्रिय सामाजिक जीवन जीने लगी। नेपल्स में बड़े लोगों से संपर्क करने के लिए उसने अपनी खूबसूरती और ग्लैमर भरी जिंदगी का काफी इस्तेमाल किया।

नाटो अधिकारी से बनाई संबंध
जासूस के संपर्क में आए अधिकारियों ने कहा कि, वो अंतरराष्ट्रीय लायंस क्लब की नेपल्स शाखा में सचिव की भूमिका भी निभा रही थी, जहां से उसने कई नाटो कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों से काफी गहरी दोस्ती कर ली थी। नाटो के एक अधिकारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि, उसका "रिवेरा" के साथ एक संक्षिप्त रोमांटिक संबंध था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसियों के लिए ऐसे जासूसों की पहचान करना काफी ज्यादा मुश्किल रहा है, लेकिन बायोमेट्रिक डेटा, चेहरे की पहचान सॉफ्टवेयर और ओपन सोर्स जांच की वजह से अब कई जासूसों के चेहरे से नकाब हटने लगे हैं।

कैसे हुआ महिला जासूस का खुलासा?
जांच एजेंसी बेलिंगकैट के सीईओ और प्रमुख अन्वेषक क्रिस्टो ग्रोज़ेव ने एक इंटरव्यू में कहा कि, उन्हें सबसे पहले उस वक्त शक हुआ, जब वो बॉर्डर क्रॉसिंग के एक मामले में लीक हुए कुछ डेटा की जांच कर रहे थे और इस दौरान वो तमाम पासपोर्टों को खंगाल रहे थे। ये डेटाबेस बेलारूस बॉर्डर गार्ड्स ने बनाए थे, जिसे हैकर्स ने हैक कर लिया था और वो डेटा बेलिंगकैट को बेच दिया गया। इस दौरान उन्होंने रूसी खुफिया एजेंसी जीआरयू अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पासपोर्ट नंबर से मिलता जुलता एक नंबर पाया और इसी दौरान महिला जासूस मारिया एडेला कुहफेल्ट रिवेरा के बारे में उन्हें पता चला। उन्होंने कहा कि, "रिवेरा" के बारे में और करीबी से जानकारी जुटाने के बाद उन्हें पता चला कि, उसने कई रूसी पासपोर्टों पर सीरियल नंबर के साथ यात्रा की है, जिसका उपयोग अन्य ज्ञात जीआरयू ऑपरेटरों द्वारा किया जाता था। जिसमें एक अधिकारी भी शामिल था, जिसने बल्गेरियाई हथियार डीलर एमिलियन गेब्रेव को जहर देकर मार दिया था, क्योंकि वो रूस के लिए खतरनाक हो रहा था। वहीं, एक और जीआरयू अधिकारी के बारे में भी उन्हें पता चला, जिसने कथित तौर पर 2018 में सैलिसबरी में सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी पर हमले में शामिल था।

रिवेरा के बारे में क्या क्या पता चला?
उन्होंने यह भी पता लगाया कि, 15 सितंबर 2018 को "रिवेरा" ने नेपल्स से मास्को के लिए एक टिकट खरीदा था, जबकि उसके ठीक एक दिन पहले जांच एजेंसी बेलिंगकैट और उसके रूसी खोजी साथी इनसाइडर ने दो सैलिसबरी जहरों को लेकर एक लेख प्रकाशित किया था। जिसमें कहा गया था, कि रूसी जासूस कैसे नर्व एजेंट नाम के जहर से अपने विरोधियों की हत्या कर रहे हैं। इस लेख में दो रूसी जासूसों रुस्लान बोशिरोव और अलेक्जेंडर पेट्रोव की पहचान की गई थी और उसके ठीक अगले दिन रिवेरा मॉस्को चली गई। उन्होंने कहा कि, ऐसा लगता है कि "रिवेरा" को उसके मालिकों ने वापस बुला लिया, क्योंकि उन्हें डर था कि, समान पासपोर्ट नंबर वाले अन्य ऑपरेटरों के जरिए उसतक पहुंचा जा सकता है और अब ऐसा लगता है कि वह फिर से रूस नहीं छोड़ने वाली है।












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