रूस ने किया जंग का ऐलान, कितनी देर ठहर पाएगी यूक्रेन की सेना, जानिए दोनों देशों की सैन्य शक्ति?

तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और विश्व नेताओं के मुताबिक, यूक्रेन की सीमा के आसपास लगभग 200,000 रूसी सैनिक तैनात हैं। वहीं, रूस हाल के हफ्तों में अपनी सैन्य उपस्थिति में और भी इजाफा किया है।

मॉस्को/कीव, फरवरी 24: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है और रूसी राष्ट्रपति के ऐलान के ठीक बाद यूक्रेन ने दावा किया है कि, उसकी राजधानी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया है। रूस द्वारा जंग के ऐलान के बाद अब बहुत आशंका है, कि ये लड़ाई अब विश्वयुद्ध में बदल सकती है। लेकिन, सवाल ये उठता है कि, आखिर दोनों देशों की सैन्य क्षमता कितनी है और आखिर यूक्रेन कितनी देर तक रूस का मुकाबला कर सकता है?

यूक्रेन सीमा पर कितने रूसी सैनिक?

यूक्रेन सीमा पर कितने रूसी सैनिक?

तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और विश्व नेताओं के मुताबिक, यूक्रेन की सीमा के आसपास लगभग 200,000 रूसी सैनिक तैनात हैं। वहीं, रूस हाल के हफ्तों में अपनी सैन्य उपस्थिति में और भी इजाफा किया है और यूक्रेन की सीमा से लगते इलाकों में कई अस्पतालों का निर्माण किया गया है। करीब 35,000 सैन्य कर्मियों को स्थायी रूप से यूक्रेन के साथ अपनी सीमा के करीब तैनात किया गया है।

रूस की सैन्य क्षमता क्या है?

रूस की सैन्य क्षमता क्या है?

सैटेलाइट छवियों ने यूक्रेन की सीमा के आसपास कई सैन्य स्टेशनों का खुलासा किया है, जिसमें यूक्रेन के उत्तरी सीमा के करीब बेलारूस में रूस के विध्वंसक Su-25 जमीनी हमले वाले विमानों को तैनात देखा गया है। वहीं, सैटेलाइट तस्वीरों में यूक्रेन की सीमा के करीब भारी संख्या सैनिकों और सैन्य उपकरणों को भी दिखाया गया है। इस महीने की शुरुआत में, छह रूसी युद्धपोत और एक पनडुब्बी ने काला सागर की यात्रा की थी, जिसे मास्को ने यूक्रेन के पानी के पास नौसैनिक अभ्यास के रूप में वर्णित किया। वहीं, ब्रिटेन ने कहा है कि, सोमवार सुबह तक काला सागर में 9 क्रूज-मिसाइल से लैस रूसी जहाज तैनात किए गये हैं।

बेहद खतरनाक है रूसी सेना

बेहद खतरनाक है रूसी सेना

नेशन मास्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस हर साल अपनी सेना पर अपनी जीडीपी का 4.3 प्रतिशत यानि करीब 93.76 अरब डॉलर खर्च करता है। इसके साथ ही रूस के पास सैन्य टेक्नोलॉजी भी करीब करीब अमेरिका के बराबर ही मानी जाती है। यूक्रेन की सेना पर रूस ने सिर्फ अपने सैनिकों को ही नहीं, बल्कि वायुसेना को भी तैनात किया हुआ है और रूस की नेवी भी नाटो से भिड़ने के लिए तैयार है। वहीं, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि, रूस ने अपनी कुल सैन्य क्षमता का करीब 60 प्रतिशत यूक्रेन और बेलारूस के पास तैनात किया है।

रूस-यूक्नेन सैन्य ताकत- तुलना

रूस-यूक्नेन सैन्य ताकत- तुलना

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के पास कुल 29 लाख सैनिक हैं, जबकि यूक्रेन के पास 11 लाख सैनिक हैं। लेकिन, बात अगर एक्टिव सैनिकों की करें, तो रूस के पास 9 लाख एक्टिव सैनिक हैं, जबकि यूक्रेन के पास सिर्फ 2 लाख एक्टिव सैनिक हैं। यूक्रेन के पास 98 लड़ाकू विमान हैं, तो रूस के पास 1511 लड़ाकू विमान हैं। यूक्रेन के पास 34 अटैक हेलीकॉप्टर हैं, तो रूस के पास 544 लड़ाकू हेलीकॉप्टर हैं। वहीं, रूस के पास 12 हजार 240 टैंक हैं, तो यूक्रेन के पास 2596 टैंक हैं। रूस के पास 30122 बख्तरबंद गाड़ियां हैं, जबकि यूक्रेन के पास 12 हजार के करीब बख्तरबंद गाड़ियां हैं। वहीं, रूस के पास 7571 तोपखाना हैं, जबकि यूक्रेन के पास 2040 तोपखाना हैं।

यूक्रेन को नाटो का साथ

यूक्रेन को नाटो का साथ

रूस की तुलना में यूक्रेन की सैन्य क्षमता तो काफी कम है, लेकिन उसे अमेरिकी वर्चस्व वाले नाटो गठबंधन का साथ मिला हुआ है। हालांकि, अभी तक अमेरिका ने यूक्रेन के भीतर अभी तक सैनिकों को नहीं भेजा है, लेकिन पोलैंड और रोमानिया में अमेरिका ने नाटो गठबंधन को मजबूत करने के लिए कम से कम 3 हजार सैनिकों को भेजा है। वहीं, अमेरिका ने करीब 8500 सैनिकों को अलर्ट पर रखा हुआ है। इसके साथ ही अमेरिका ने यूक्रेन को करीब 20 करोड़ डॉलर के हथियार भी भेजे हैं। अमेरिका ने यूक्रेन को जो हथियार भेजे हैं, उनमें जेवलिन टैंक-रोधी मिसाइल, स्टिंगर लड़ाकू विमान-रोधी मिसाइसल भी शामिल हैं।

ब्रिटेन ने भी भेजे हथियार

ब्रिटेन ने भी भेजे हथियार

इसके साथ ही यूक्रेन की मदद के लिए ब्रिटेन ने भी हथियार भेजे हैं। जिनमें 2000 कम दूरी के टैंक-रोधी मिसाइल शामिल हैं। वहीं, ब्रिटेन ने 350 सैनिकों को भी पोलैंड भेजा है। इसके साथ ही ब्रिटेन ने अपने कई लड़ाकू विमानों को भी दक्षिणी यूरोप में भेजा है। वहीं, भूमध्यसागर में नाटो की मदद के लिए ब्रिटेन ने एक नौसैनिक जहाज को भेजा है। वहीं, ब्रिटेन ने अपने एक हजार सैनिकों को भी अलप्ट पर रखा है। ब्रिटेन के अलावा डेनमार्क, स्पेन, फ्रांस और नीदरलैंड्स ने भी यूक्रेन की मदद के लिए अपने लड़ाकू विमानों और जहाजों को पूर्वी यूरोप और पूर्वी भूमध्यसागर में भेज दिया है। यानि, ये लड़ाई कभी भी विश्वयुद्ध में बदल सकती है और रूस के खिलाफ कई यूरोपीय देश खड़े हो सकते हैं।

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