यूक्रेन की जंग में रूस में कैद जाम्बिया का छात्र मारा गया! युद्ध जीतने के लिए और क्या करेंगे पुतिन?
लेमेखानी नाथन न्यिरेंडा मास्को में पढ़ रहा था लेकिन अप्रैल 2020 में कैद कर लिया गया और इस साल यूक्रेन में लड़ने के लिए भेजा गया। दक्षिणी अफ्रीकी देश के एक अधिकारी ने कहा कि रूस में कैद जाम्बिया का एक छात्र यूक्रेन में लड
यूक्रेन की जंग (Russia-Ukraine Conflict) में जाम्बिया (Zambia) के एक छात्र के मारे जाने की खबर प्राप्त हुई है। जाम्बिया के विदेश मंत्रालय के मुताबिक छात्र रूस की जेल में बंद था। मास्को जाम्बिया सरकार के सवालों के घेरे में है। विदेश मंत्रालय ने रूसी सरकार से पूछा कि कैसे उसके एक नागरिक को यूक्रेन के जंग की आग में झोंक दिया गया। रूस ने पिछले कुछ समय से जेल में बंद अपराधियों के हाथों में बंदूक थमाकर उसे जंग में यूक्रेनी सैनिकों से लोहा लेने के लिए भेज रहा है।

जाम्बिया का छात्र यूक्रेन जंग में मारा गया
जाम्बिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि रूस में जेल में बंद जाम्बिया का एक छात्र यूक्रेन में लड़ाई के दौरान मारा गया। मंत्रालय ने इसको लेकर रूसी सरकार से जवाब तलब किया है। मंत्रालय के मुताबिक लेमेखानी नाथन न्यिरेंडा (Lemekhani Nathan Nyirenda) मास्को में पढ़ाई कर रहा था। अप्रैल 2020 से लेमेखानी नाथन रूसी जेल में बंद था। यह स्पष्ट नहीं है कि न्यारेंडा को किन आरोपों के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में 9 साल और छह महीने के लिए जेल भेज दिया गया था।

रूस में पढ़ाई करने के लिए आया था छात्रा
इसके बाद उसे वहां से जंग लड़ने के लिए मास्को की तरफ से यूक्रेन भेजा गया। दक्षिणी अफ्रीकी देश के एक अधिकारी ने कहा कि रूस में कैद जाम्बिया का छात्र यूक्रेन में रूसी पक्ष की तरफ से लड़ते हुए मारा गया है। जाम्बिया के विदेश मंत्री स्टेनली काकुबो के मुताबिक 23 वर्षीय लेमेखानी नाथन न्यारेंडा मॉस्को इंजीनियरिंग फिजिक्स इंस्टीट्यूट (एमईपीएचआई) में परमाणु इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।

22 सितंबर को यूक्रेन जंग में मारा गया था
जाम्बिया के विदेश मंत्रालय ने बताया कि मास्को में जाम्बियन दूतावास से बातचीत के दौरान 9 नवंबर को न्यारेंडा की मौत की सूचना मिली। दूतावास ने बताया कि छात्र 22 सितंबर को ही यूक्रेन जंग में मारा गया था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि, छात्र की यूक्रेन के किस हिस्से में मौत हुई थी।

यूक्रेन जंग में हो रही भारी बर्बादी
बता दें कि 24 फरवरी के बाद से लेकर अब तक यूक्रेन जंग में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सितंबर में सैनिकों की कमी से जूझते रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सैन्य लामबंदी की घोषणा की थी। यह घोषणा उन लोगों पर लागू होता है जिन्होंने पहले से ही सशस्त्र बलों में सेवा कर चुके थे।












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