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रूस ने कहा हमारी वजह से माना नॉर्थ कोरिया और किम जोंग उन, अमेरिका न ले सारा क्रेडिट

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    मॉस्‍को। रूस की ओर से आया नया बयान अमेरिका के साथ पहले ही तनावपूर्ण हो चुके संबंधों में और ज्‍यादा तनाव ला सकता है। रूस ने उत्‍तर कोरिया और यहां के शासक किम जोंग उन के रुख में आए बदलाव का श्रेय खुद लिया है। मॉस्‍को ने इस पूरे मामले में अमेरिका की भूमिका को श्रेय देने से इनकार कर दिया है और कहा है कि चीन और रूस के संयुक्‍त प्रयासों का ही नतीजा है कि आज नॉर्थ कोरिया इतना आगे बढ़ पाया है। एक रूसी सांसद की ओर से इस पूरे मसले पर बयान दिया है।

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    रूस और चीन की भूमिका सबसे अहम

    रूसी सांसद और रूस की विदेश मामलों पर बनी कमेटी के अध्‍यक्ष कोन्‍स्‍टैनटिन कोसाशेव ने रशिया टुडे के साथ बातचीत में कहा है कि नॉर्थ कोरिया क ओर से परमाणु और मिसाइल परीक्षणों को रोकने का जो ऐलान किया गया है वह संयुक्‍त प्रयासों का नतीजा है जिसमें रूस और चीन भी शामिल हैं। कोसाशेव के मुताबिक अमेरिका की ओर से नॉर्थ कोरिया का नाम दुनिया के नक्‍शे से मिटाने की धमकी दी गई थी। इस धमकी का कभी कोई असर नहीं हुआ बल्कि उसके प्रयासों की वजह से आज सकारात्‍मक नतीजे मिल रहे हैं। उनका कहना था कि जो कुछ भी हो रहा है वह 'न्‍यूज ऑफ द ईयर' है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना है। अभी कुछ ऐसे प्रयास बाकी हैं जिनके बाद ही ही इस क्षेत्र में मौजूद संकट का हल हो सकेगा। उन्‍होंने कहा कि अभी नॉर्थ कोरिया को एनपीटी की ओर वापस लाना है और साथ ही अमेरिका को भी अपने आक्रामक रवैये पर लगाम लगानी होगी। वहीं दूसरी ओर तरफ कोरियाई प्रायद्वीप में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका के अलावा नॉर्थ और साउथ कोरिया के अलावा जापान, चीन और रूस के प्रयासों का ही नतीजा है।

    अमेरिका को दी कम न समझने की सलाह

    कोन्‍स्‍टैनटिन की मानें तो चीन और रूस को हमेशा से लगता था कि नॉर्थ कोरिया के साथ लगातार बातचीत होनी चाहिए और इसके सभी माध्‍यमों का खुला रखने की जरूरत है। बातचीत में रूस और चीन की भूमिका को अमेरिका कम करके न आंके। नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ऐलान किया है कि उनका देश अब किसी भी तरह के परमाणु परीक्षण को अंजाम नहीं देगा। उन्‍होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया हर तरह के परमाणु परीक्षण को बंद कर रहा है। उनके इस ऐलान को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक गुड न्‍यूज करार दिया। वहीं, किम के इस बदले हुए अंदाज ने अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति पर नजर रखने वाले कई विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। पहले साउथ कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन से किम जोंग की मीटिंग होगी और फिर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। ट्रंप से उनकी मुलाकात मई के अंत या फिर जून माह के शुरुआत में हो सकती है।

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    English summary
    Russia has taken the credit for the development in Korean Peninsula and said US will say they saved the world' while peaceful Russian approach on N. Korea won.

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