पुतिन की फटकार के बाद रूसी रक्षा मंत्री को आया हार्ट अटैक, यूक्रेन युद्ध का प्रेशर नहीं कर पाए बर्दाश्त?
युद्ध के बीच रक्षा मंत्री का लंबे वक्त के लिए गायब होना कई सवाल खड़े कर रहे हैं और यूक्रेनी मंत्री के दावों के सच होने की तरफ इशारे कर रहे हैं।
मॉस्को, मार्च 26: यूक्रेन के मंत्री एंटोन गेराशचेंको ने दावा किया है कि, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीखी नोकझोंक के बाद दिल का दौरा पड़ा है और वो अस्पताल में भर्ती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री को यूक्रेन में आशातीत सफलता नहीं मिलने के लिए जमकर फटकार लगाई थी।

रूसी रक्षा मंत्री को हार्ट अटैक?
यूक्रेन के मंत्री एंटोन गेराशचेंको ने रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु को लेकर ये सनसनीखेज दावा किया है और उन्होंने कहा है कि, पुतिन ने यूक्रेन में अपने विशेष सैन्य अभियान की 'विफलता' के लिए उन्हें दोषी ठहराते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई थी। यूक्रेन के मंत्री ने दावा किया है कि, यही कारण है कि रक्षा मंत्री, जिसे युद्ध का दूसरा मास्टरमाइंड माना जाता है, 11 मार्च के बाद से जनता के बीच नहीं देखा गया है। हालांकि, 24 मार्च को रूसी रक्षा मंत्री को फिर से टेलीविजन पर जरूर देखा गया था, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि फुटेज नया था या पुराना।

युद्ध के बीच रक्षामंत्री गायब
युद्ध के बीच रक्षा मंत्री का लंबे वक्त के लिए गायब होना कई सवाल खड़े कर रहे हैं और यूक्रेनी मंत्री के दावों के सच होने की तरफ इशारे कर रहे हैं। रिपोर्ट है कि, रूसी राष्ट्रपति ने अपने रक्षा मंत्री को फटकार लगाते हुए यूक्रेन युद्ध में खारकीव और कीव पर कब्जा नहीं कर पाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था और फिर उन्हें फटकार लगाई थी। कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि, पुतिन ने अपने रक्षा मंत्री को दंडित भी किया था। आपको बता दें कि, 11 मार्च के बाद से ही रूसी रक्षा मंत्री सार्वजनिक तौर पर नहीं देखे गये हैं। गार्जियन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि क्रेमलिन द्वारा आयोजित दैनिक प्रेस मीट में इस मुद्दे को उठाया भी गया था और पत्रकारों ने रक्षा मंत्री के ठिकाने के बारे में पूछा था, लेकिन क्रेमलिन के प्रवक्ता ने गोलमटोल जवाब दिया था।

रक्षा मंत्री पर झूठ बोल रहा रूस?
रिपोर्ट के अनुसार क्रेमलिन के प्रवक्ता ने पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर कहा था कि, रक्षा मंत्री विशेष सैन्य अभियान के बीच व्यस्त हैं और उनके पास मीडिया गतिविधियों के लिए बिल्कुल सही समय नहीं है। इसके तुरंत बाद, रक्षा मंत्री को टेलीविजन पर पुतिन के साथ सुरक्षा परिषद के टेलीकांफ्रेंस की एक क्लिप में देखा गया, जिसमें कहा गया था कि मंत्री ने विशेष सैन्य अभियान में प्रगति को लेकर राष्ट्रपति को जानकारियां दी थी। लेकिन, कई रिपोर्ट में ये दावा किया गया है, कि रक्षा मंत्री का वो वीडियो रिकॉर्डेट है और वो लाइव नहीं थे। सीएनएन ने हालिया फुटेज पर संदेह व्यक्त करने हुए कहा कि, 'रूसी रक्षा मंत्री को सैन्य अभियान पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलते नहीं देखा गया, लेकिन उनकी तस्वीर दिखाई दे रही थी और उनका सोर्स बार बार ब्रेक हो रहा था।'

खुफिया अधिकारियों पर गिरी गाज
वहीं, 12 मार्च को ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि, यूक्रेन की सेना रूसी सेना का इस तरह से प्रतिरोध करेगी, इसका अंदाजा बिल्कुल भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन को नहीं था और पुतिन ने इसके लिए खुफिया एजेंसी एफएसबी की विदेश सेवा के प्रमुख और उनके डिप्टी को जिम्मेदार ठहराया गया है और दोनों ही बड़े अधिकारियों को 'हाउस अरेस्ट' कर लिया गया है। रूसी गुप्त सेवाओं के एक सम्मानित लेखक एंड्री सोलातोव ने दावा किया था कि, एफएसबी के अंदर के सूत्रों ने उन्हें बताया कि, खुफिया एजेंसी की विदेश सेवा के प्रमुख 68 वर्षीय सर्गेई बेसेडा को पुतिन के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है। सोलातोव के अनुसार, बेसेडा के डिप्टी अनातोली बोल्युख को भी गिरफ्तार किया गया है।

काफी गुस्से में हैं राष्ट्रपति पुतिन
रूसी खुफिया एजेंसी एफएसबी के बारे में अंदरूनी जानकारी रखने वाले रूसी लेखक सोलातोव के अनुसार यूक्रेन में अभी तक जो स्थिति बनी है, उसको लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन 'वास्तव में नाखुश' हैं, और ये वो अभियान है, जिसे पुतिन ने राष्ट्रपति बनने से पहले ही चलाया था। रूसी खुफिया एजेंसी के अंदर के सूत्रों ने खुलासा किया था कि, राष्ट्रपति पुतिन खुफिया एजेंसी के उन अधिकारियों को दोषी मान रहे हैं, जिन्होंने उन्हें यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले उन्हें आश्वासन दिया था, कि रूसी सेना को यूक्रेन में सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध का ही सामना करना पड़ेगा और यूक्रेनियन खुद अपने नेताओं से छुटकारा पाने के लिए उत्सुक थे।

गलत निकला आकलन
रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया अधिकारियों का आकलन था, कि यूक्रेन में 'गुप्त कार्यों' के लिए जो धन का इस्तेमाल किया गया है, उसका असर होगा, लेकिन उनका आकलन गलत निकला। वहीं, पुतिन का मानना है कि, यूक्रेन में राजनीतिक स्थिति के बारे में उन्हें जानबूझकर गलत जानकारी दी गई है।












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