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'सोने के इस देश' में गृहयुद्ध करवाकर खरबों का खजाना लूट रहा रूस, पुतिन के खतरनाक नेटवर्क का खुलासा

सीएनएन की रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि अभी तक कई टन सोना रूस ले जा चुका है।

खार्तूम, अगस्त 01: एक देश जातीय हिंसा में जल रहा है और दूसरा देश वहां से सोना लूट रहा है। जी हां, ये कहानी है सूडान की, जहां जमीन में इतना सोना दफ्न है, कि ये देश देखते ही देखते एक विकसित मुल्क बन जाए। लेकिन, गृहयुद्ध की आग ने इस देश को बर्बाद कर दिया है और दूसरे बड़े देश यहां की संसाधनों को लूटकर अपना खजाना भर रहे हैं। 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन में खूनी संघर्ष शुरू किया था और उसके बाद से रूसी खजाने को हर दिन लाखों डॉलर का नुकसान हो रहा है, लेकिन रूस सुडान में उसके बाद से लगातार करोड़ों अरबों डॉलर का सोना लूट रहा है और जातीय हिंसा में धधकता सूडान हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

सूडान का सोना लूटता रूस

सूडान का सोना लूटता रूस

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दिन रूस ने यूक्रेन युद्ध शुरू किया था, उसके कुछ दिनों के बाद एक एक रूसी मालवाहक विमान सूडान की राजधानी खार्तूम के एयरपोर्ट पर रनवे पर खड़ा था। विमान के मेनिफेस्ट में कहा गया था, कि यह कुकीज़ से भरा हुआ है। लेकिन, सूडान कुकीज का निर्यात नहीं करता है। खार्तूम एयरपोर्ट के एक बैक ऑफिस में अधिकारियों के बीच तीखी बहसबाजी हो रही थी, क्योंकि अधिकारियों में डर था, कि अगर वो उस विमान की तलाशी लेते हैं, तो रूसी नेतृत्व उनसे नाराज हो जाएगा और फिर सूडान के अधिकारियों ने फैसला लिया, कि संदिग्ध रूसी विमान में चढ़कर देखा जाए, कि विमान के अंदर क्या है? जब सूडान के एयरपोर्ट अधिकारी विमान में सवार होते हैं, तो उन्होंने विमान के अंदर कुकीज़ के रंग में रंगे कई दर्जनों रंगीन बक्से देखे और उन लकड़ी के बक्सों के नीचे छिपा था, करीब एक टन सोना। ये घटना फरवरी की है और सूडान के अधिकारियों ने सीएनएन से बात करते हुए बताया, कि पिछले डेढ़ साल में सूडान से ऐसे कम से कम 16 ज्ञात रूसी मालवाहक विमान उड़ान भर चुके हैं और इस अफ्रीकी देश से कीमती धातु की आधिकारिक तौर पर तस्करी कर चुके हैं, जिसकी कीमत अरबों डॉलर होने की संभावना है।

सूडान को बर्बाद कर खजाना भरता रूस

सूडान को बर्बाद कर खजाना भरता रूस

सीएनएन से बात करते हुए उच्च-स्तरीय सूडानी अधिकारियों ने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि, यूक्रेन में युद्ध को जारी रखने और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गये आर्थिक प्रतिबंधों से देश को बचाने के लिए रूस ने सूडान को लूटने की काफी बड़ी योजना बना रखी है और अभी तक कई टन सोना सूडान से लूटा जा चुका है। सबूत यह भी बताते हैं कि रूस ने सूडान के संकटग्रस्त सैन्य नेतृत्व के साथ मिलीभगत की है, जिससे सूडानी राज्य को बायपास करते हुए सूडान से अरबों डॉलर का सोना रूस ले जाना काफी आसान हो चुका है और राज्य के राजस्व को करोड़ों डॉलर का नुकसान होने के साथ साथ उस देश में गरीब मर रहे हैं, जिनके बाद अकूत मात्रा में सोना भरा हुआ है। सूडान से सोना निकालने के बदले में रूस सीधे तौर पर सूडान के सैन्य शासन को शक्तिशाली राजनीतिक और सैन्य समर्थन देता है, जिसकी वजह से सूडान का सैन्य शासन काफी क्रूरता से देश के अंदर उठे विद्रोह की आवाज को दबा देता है। सूडान में लोकतांत्रिक आंदलनों को काफी बर्बरता से दबा दिया जाता है और सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है।

सैन्य शासन की मदद करता रूस

सैन्य शासन की मदद करता रूस

पूर्व और वर्तमान अमेरिकी अधिकारियों ने सीएनएन को बताया कि, रूस ने सक्रिय रूप से सूडान के 2021 सैन्य तख्तापलट का समर्थन किया है, जिसने एक लोकतांत्रिक नागरिक सरकार को उखाड़ फेंका, जो सूडान के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के लिए एक विनाशकारी झटका था। सैन्य सासन ने दो साल पहले सूडान के राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को शासन से हटा दिया था। इस मामले से परिचित एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि, "हम लंबे समय से जानते हैं कि रूस सूडान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है और उन संसाधनों तक पहुंच बनाए रखने के लिए रूस ने सैन्य तख्तापलट को प्रोत्साहित किया।"

जनरलों के साथ सांठगांठ

जनरलों के साथ सांठगांठ

पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने सीएनएन को कहा कि, 'रूस के लिए दुनिया के कई बड़े देशों के दरवाजे बंद हैं, लिहाजा रूस ने सूडान के जनरलों के साथ रिश्ता और मजबूत कर लिया है और उन्हें सत्ता में बने रहने में मदद कर रहा है, ताकि सूडान से बहुत कुछ हासिल किया जा सके।' उन्होंने कहा कि, 'रूस सूडानी जनरलों को सैन्य सहायता के साथ साथ खुफिया सहायता और सूडान से चुराए गये सोने के बदले उन्हें लाभान्वित करता है।' पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा कि, मॉस्को और सूडान के सैन्य शासन के बीच इस सौदे के केंद्र में व्लादिमीर पुतिन के काफी करीबी माने जाने वाले सहयोगी येवगेनी प्रिगोझिन शामिल हैं।

सूडान को कैसे कंट्रोल करता है रूस?

सूडान को कैसे कंट्रोल करता है रूस?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन के 61 वर्षीय सहयोगी येवगेनी प्रिगोझिन ने सूडान के सैन्य जनरलों की मदद करने और सूडान के शासन को कंट्रोल करने के लिए एक सैडो नेटवर्क बना रखा है, जिसमें आतंकी तत्व वैगनर शामिल है, जो सीरिया और मध्य अफ्रीकी गणराज्य (सीएआर) सहित कई युद्धग्रस्त देशों में कथित यातना, सामूहिक हत्याओं और लूटपाट से जुड़ा एक अर्धसैनिक समूह है। हालांकि, पुतिन के सहयोगी प्रिगोझिन ने वैगनर के साथ संबंधों से इनकार किया है। लेकिन, सूडान में, प्रिगोझिन का मुख्य वाहन मेरो गोल्ड नामक एक यूएस-स्वीकृत कंपनी है, जो कि प्रिगोझिन के स्वामित्व वाली एम-इन्वेस्ट की एक सहायक कंपनी है, और ये कंपनी ही सूडान की सेना और अर्धसैनिक बलों को हथियार और प्रशिक्षण प्रदान करते हुए वहां की धरती से सोना निकालती है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन के सहयोगी प्रिगोझिन कर्मचारियों और दूसरी कंपनियों के माध्यम से अफ्रीकी देशों से प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का नेटवर्क चला रहा है और वहां की सरकार सत्ता में बने रहने के लिए रूस के साथ होती हैं।

सोना लूटने के लिए विशालकाय नेटवर्क

लंदन स्थित डोजियर सेंटर की मदद से सीएनएन ने खुलासा किया है, कि ज्यादातर अफ्रीकी देशों में उच्च स्तरीय वैगनर को ऑपरेट किया जाता है और पुतिन के एक और सहयोगी अलेक्जेंडर सर्गेयेविच कुज़नेत्सोव ने उस वैगनर को ऑपरेट किया है और वही हाल के वर्षों में सूडान से सोना निकालने और उसे सुरक्षित तरीके से रूस तक पहुंचाने का काम देखता है। कुज़नेत्सोव के कई नाम है और उसे "रतिबोर" और "रेडमिर" से भी जाना जाता है, जो एक सजायाफ्ता अपहरणकर्ता है, जो पड़ोसी लीबिया में लड़ चुका है और 2014 में वैगनर के पहले हमले और टोही कंपनी की कमान संभाली थी। वह रूस से चार बार ऑर्डर ऑफ करेज सम्मान हासिल कर चुका है और साल 2017 में राष्ट्रपति पुचिन के साथ उसकी तस्वीर भी रूसी मीडिया में छपी थी।

सोना तस्करी का एक जटिल नेटवर्क

सोना तस्करी का एक जटिल नेटवर्क

सूडान के सैन्य शासकों और मास्को के बीच बढ़ते संबंधों ने सोने की तस्करी के एक जटिल नेटवर्क को जन्म दिया है। सूडान के आधिकारिक सूत्रों के साथ-साथ फ्लाइट ट्रैकर ट्विटर अकाउंट गेरजोन के सहयोग से सीएनएन ने सूडान से रूस गये विमानों की पड़ताल की, तो पता चला कि, पिछले साल कम से कम 16 विमानवाहक जहाजों ने सूडान से रूस के लिए उड़ान भरी थी, जिन्हें सूडानी अधिकारियों ने रोकने की कोशिश की थी, लेकिन रोक नहीं पाए थे। रूस की ये विमानें सीरिया के बंदरगाह शहर लताकिया से आई थीं। जहां रूस का बड़ा एयरबेस है। कई सूडानी आधिकारिक स्रोतों और डोजियर सेंटर के अनुसार,सोने की शिपमेंट मध्य अफ्रीकी गणराज्य के लिए एक भूमि मार्ग का अनुसरण करती है, जहां वैगनर एक दमनकारी शासन की मदद करता है और देश की आबादी को काफी क्रूरता से कंट्रोल करता है।

सूडान में गृहयुद्ध

सूडान में गृहयुद्ध

सूडान में पिछले एक दशक से खतरनाक गृहयुद्ध चल रहा है और रूस वहां के सैन्य साशन को हथियारों की सप्लाई करता है। एक आंकड़े के मुताबिक, साल 2013 से 2018 के बीच सूडान में हुए संघर्ष में एक करोड़ 20 लाख की आबादी में से करीब 43 लाख लोग विस्थापित हुए थे और करीब 4 लाख लोगों की मौत हो गई थी। सूडान में कई गुट बने हुए हैं और वो सत्ता पर काबिज होने के लिए खून-खराबा करते रहते हैं और रूस जैसे देश इन संघर्षों की आग में घी डालने का काम करता रहता है। लिहाजा, सोने से भरा ये देश पूरी तरह से तबाह और बर्बाद हो चुका है। राजनीतिक अस्थिरता और भीषण हिंसा की वजह से देश के पास बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है और हजारों लोग भूख से मर जाते हैं। दक्षिणी सूडान में सिर्फ 300 किलोमीटर की पक्की सड़क है, जबकि देश के 90 प्रतिशत हिस्से में बिजली नहीं है। देश की 65 प्रतिशत जनता निरक्षर है और मानव विकास सूचकांक में ये देश 186वें स्थान पर है। (तस्वीर- बेदखल राष्ट्रपति-Omar al-Bashir)

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