रूस से तेल खरीद तो महज़ बहाना, भारत पर 50% टैरिफ के पीछे ट्रंप की बचकानी हरकत, New York Times ने किया पर्दाफाश
Trump India visit cancelled: भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अपना प्रस्तावित भारत दौरा रद्द कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अब ट्रंप क्वाड शिखर सम्मेलन में भी भारत आने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं।
पहले ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वस्त किया था कि वे साल के अंत में भारत का दौरा करेंगे, लेकिन अब इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। इस पर दोनों सरकारों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं रिपोर्ट में भारत-अमेरिका संबंधों में खटास की असली वजहों को लेकर कई अहम खुलासे किए गए हैं।

रूस का तेल नहीं, नोबेल पर समर्थन बना विवाद की जड़
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास केवल रूस से तेल खरीदने के मुद्दे से नहीं जुड़ी थी, बल्कि असल कारण राष्ट्रपति ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार की महत्वाकांक्षा थी। 17 जून की फोन कॉल में ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल के लिए नामित करने जा रहा है और अप्रत्यक्ष रूप से संकेत दिया कि प्रधानमंत्री मोदी को भी उनका समर्थन करना चाहिए। लेकिन मोदी ने न केवल इस दावे को खारिज किया, बल्कि नोबेल अभियान में किसी भी तरह का सहयोग देने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, यही वह मोड़ था जब दोनों नेताओं के रिश्तों में वास्तविक दरार पड़ी। रूस से तेल खरीदना तो महज़ एक बहाना था, असली नाराज़गी नोबेल नामांकन को लेकर थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने क्या कहा?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून को हुई मोदी-ट्रंप कॉल केवल औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि दोनों नेताओं के बीच रिश्तों की दिशा तय करने वाली अहम वार्ता साबित हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि,
- ट्रंप ने बातचीत के दौरान ज़ोर देकर कहा कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव कम करने का पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है।
- उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने वाला है, और संकेत दिया कि मोदी को भी इस प्रयास का समर्थन करना चाहिए।
- भारत ने साफ कर दिया कि सीमा पर युद्धविराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं रही और इस दावे को औपचारिक रूप से खारिज किया।
- रिपोर्ट के अनुसार, मोदी का यह रुख ट्रंप के लिए गहरी निराशा का कारण बना और यहीं से रिश्तों में दरार की शुरुआत हुई।
- अखबार ने यह भी जोड़ा कि व्हाइट हाउस ने कॉल पर चुप्पी साधे रखी, जबकि ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों पर इसे लेकर 40 से अधिक बार श्रेय लेने की कोशिश की।
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नोबेल नामांकन से इनकार, ट्रंप ने लगाया भारी-भरकम टैरिफ
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे को सिर्फ बहाना बनाया। दरअसल, भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क और कुल 50% टैरिफ का असली मकसद रूस पर दबाव डालना नहीं, बल्कि भारत को निशाना बनाना था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप बार-बार दावा कर रहे थे कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव खत्म कराया और इसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान उन्हें नामित करेगा, इसलिए भारत को भी समर्थन करना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया कि युद्धविराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी और नोबेल मुद्दे पर भी समर्थन से इनकार कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी नाराज़गी के कारण ट्रंप ने भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया, जबकि रूस से तेल खरीदने की बात मीडिया के लिए प्रचारित की गई। असली वजह थी - भारत का ट्रंप के लिए नोबेल नामांकन न करना।
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