यूक्रेन के खिलाफ रूस ने लॉंच किया 'ऑपरेशन Z', राष्ट्रपति पुतिन के पहले वार से ही यूक्रेन होगा धाराशाई?
ऐसा माना जा रहा है कि, जमीनी सैनिकों द्वारा यूक्रेनी शहरों और कस्बों पर कब्जा करने के प्रयास से पहले और मिसाइल और हवाई हमले के अभियान को शुरू करने से पहले, रूस साइबर हमले के साथ आक्रमण शुरू करेगा।
कीव/मॉस्को, फरवरी 21: रूस और यूक्रेन के बीच का तनाव लगता है आखिरी दौर में पहुंच चुका है और अब रूस ने आखिरकार हमले की तैयारी पूरी कर ली है। यूक्रेन संकट के बीच अब रूस ने 'ऑपरेशन Z' लांच कर दिया है और इसी के साथ रूस के विध्वंसकर बख्तरबंद तोपों और टैंकों का काफिला यूक्रेन की सीमा की तरफ बढ़ चला है। रूस किसी भी हाल में पश्चिमी देशों को एक पल के लिए भी शांत नहीं होने देना चाहता है और रूस के 'ऑपरेशन Z' ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को काफी ज्यादा परेशान कर दिया है।
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क्या है रूस का 'ऑपरेशन Z'
ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की तरफ जो बख्तरबंद तोप बढ़ रहे हैं, उन तोपों के ऊपर Z लिखा हुआ है और ऐसी संभावना है कि, इन तोपों को किसी खास भूमिका के लिए चुना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Z सिर्फ तोपों पर ही नहीं लिखा हुआ है, बल्कि रूसी सैनिकों के बंदूकों, ट्रकों और रसद आपूर्ति करने वाली गाड़ियों पर भी Z लिखा हुआ है। लिहाजा इस बात की पूरी संभावना है कि, रूस का ये ऑपरेशन Z कोई खास मिशन को अंजाम देने के लिए है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, Z लिखे हुए तोपों और रूसी सैनिकों को यूक्रेन की सीमा के बेहद पास स्थिति कस्क्र के पास बेलेगोरोद में देखा गया है औकर कम से कम 200 तोप वहां पर मौजूद हैं।
मिल चुके हैं आक्रमण के आदेश
यूक्रेन की सीमा के पास महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर आ चुके रूसी सैनिकों को लेकर अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने कहा है कि, जमीन पर रूसी कमांडरों को पहले ही कीव पर आक्रमण करने के आदेश मिल चुके हैं और वे अब इस पर विशिष्ट युद्ध योजना बना रहे हैं, कि वे कैसे हमला करेंगे। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि, रूस ने अपने पारंपरिक सैनिकों में से करीब 75 प्रतिशत सैनिकों को यूक्रेन की सीमा पर तैनात कर दिया गया है और अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा है कि, 'अब हम आक्रमण के कगार पर हैं'।

किस तरह से हमला करेगा रूस?
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि, जमीनी सैनिकों द्वारा यूक्रेनी शहरों और कस्बों पर कब्जा करने के प्रयास से पहले और मिसाइल और हवाई हमले के अभियान को शुरू करने से पहले, रूस साइबर हमले के साथ आक्रमण शुरू करेगा। खुफिया एजेंसियों के पास ऐसी रिपोर्ट है कि, रूसी सैनिकों का वो टुकड़ा, जो सबसे पहले यूक्रेन में हमला करने के लिए दाखिल होगी, उसके पास इतुी क्षमता है, कि वो हमला करने के बाद यूक्रेन के ज्यादा से ज्यादा हिस्से पर कम से कम वक्त में कब्जा जमा सकता है। इसके साथ ही बेलारूस पूरी तरह से रूस के साथ खड़ा है और बेलारूस के तानाशाह राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, जिन्हें पुतिन का 'चेला' माना जाता है, वो बेलारूस में रूसी ऑपरेशन को देख रहे हैं और रूस की सेना बेलारूस के अंदर युद्धाभ्यास कर रही है। रिपोर्ट है कि, कम से कम 30 हजार रूसी सैनिक बेलारूस के रास्ते यूक्रेन पर हमला कर सकते हैं।

आक्रमण को तैयार डेढ़ लाख सैनिक
अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि, यूक्रेन की सीमा पर रूस के करीब डेढ़ लाख स्ट्राइक सैनिक मौजूद हैं, जिनके पास युद्धक विमान, विध्वंसक हथियार, 500 लड़ाकू और बम वर्षक विमान मौजूद हैं और ये काफी असामान्य है। रूस की इस आक्रामकता को देखते हुए वॉशिंगटन का मानना है कि, अब रूस पीछे हटने वाला नहीं है और वो किसी भी हाल में हमला करके ही रहेगा। इस बीच रूस ने यूक्रेन के ऊपर बमबारी करने का भी आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है और माना जा रहा है कि, ये सब रूस के 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' का ही हिस्सा है।

'पूरी ताकत के साथ हमला करेगा रूस'
अमेरिका के अलावा नाटो ने भी कहा है कि, रूस पूरी ताकत के साथ यूक्रेन पर हमला करेगा। वहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रूस के पास कम से कम 460 बटालियन हैं, जिनमें से उसने करीब 120 बटालियन को यूक्रेन की सीमा पर 38 मील के अंदर तैनात कर रखा है और ये आंकड़ा रूस की लड़ाकू सैन्य इकाइयों का 75 प्रतिशत है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अलगाववादी ताकतों के साथ मिलकर रूसी सैनिकों की संख्या यूक्रेन के आसपास करीब 190,000 तक हो सकती है। इसके अलावा रूस की 50 में से 35 वायु रक्षा बटालियन भी यूक्रेन के खिलाफ तैनात हैं। इसके अलावा, अमेरिका का अनुमान है कि करीब 500 लड़ाकू और लड़ाकू-बमवर्षक विमान यूक्रेन की सीमा के भीतर हैं, साथ ही 50 मध्यम से भारी बमवर्षक विमानों को भी यूक्रेन की सीमा पर तैनात किया गया है।

सिर्फ यूक्रेन नहीं है पुतिन का लक्ष्य
वहीं, ब्रिटिश प्रधान मंत्री ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि, वह चाहते हैं कि लोग "मानव जीवन की भारी लागत को समझें"। उन्होंने कहा कि, अगर यूक्रेन पर रूस हमला करता है, तो सिर्फ यूक्रेन में ही लोग नहीं मरेंगे, बल्कि रूस के लोग भी मरेंगे। दोनों पक्षों के लोग इस युद्ध में मारे जाएंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने एक बार फिस रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शांति वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया है। इस बीच, ब्रिटेन के विदेश सचिव, लिज ट्रस ने एक अलग इंटरव्यू में कहा कि, व्लादिमीर पुतिन "यूक्रेन में नहीं रुकेंगे"। उनका इशारा ये था, कि यूक्रेन पर हमला करने और उसे जीतने के बाद रूसी राष्ट्रपति कभी सोवियत संघ में शामिल रहे दूसरे देशों को भी जीतने की कोशिश करेंगे।

नाटो का सदस्य नहीं है यूक्रेन
आपको बता दें कि, यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं है, और गठबंधन के पास वहां कोई ताकत नहीं है। लेकिन 1990 के दशक के बाद से इसने कीव में दो कार्यालय बना लिए। यूक्रेन में नाटो का एक संपर्क कार्यालय और एक नाटो सूचना और दस्तावेज़ीकरण केंद्र है। संपर्क कार्यालय का काम यूक्रेन के रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के लोकतांत्रिक परिवर्तन को प्रोत्साहित करते हुए नाटो और यूक्रेन की सरकार के बीच संवाद बनाए रखना है। नाटो की वेबसाइट के अनुसार, इसमें नाटो सैन्य और नागरिक कर्मियों की मिश्रित टीम का नेतृत्व करने वाला एक नागरिक प्रमुख शामिल था। अंतिम बार 2016 में अपडेट किए गए वेब पेज पर लिखा है कि, यूक्रेन स्थिति नाटो के कार्यालय में कुल 16 कर्मचारी थे।












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