महंगे पेट्रोल डीजल से मिल सकती है राहत, रूस ने भारी डिस्काउंट पर ऑफर किया कच्चा तेल

मास्को, 31 मार्च: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी उपर पहुंच गई हैं। जिसके चलते देश में भी हर दिन तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है। इसी बीच रूस ने भारत को सस्ती दरों पर कच्चा तेल देने का ऑफर दिया है। यही नहीं रूस ने भारत को कच्चे तेल बेचने के दौरान शिपिंग और बीमा खर्च की भी जिम्मेदारी खुद लेने का ऑफर दिया है। रूस की ओर ये ऑफर युद्ध के चलते लगाए गए प्रतिबंधों के कारण दिया गया है।

रूस ने दिया सस्ते क्रूड का ऑफर

रूस ने दिया सस्ते क्रूड का ऑफर

ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण किए जाने के बाद अमेरिका और दूसरे नाटो देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए रूस ने भारत को प्रति बैरल 35 डॉलर डिस्काउंट पर कच्चा तेल देना का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में भी कुछ दिनों पहले कहा था कि भारत रूस से डिस्काउंट वाला कच्चे तेल खरीदने पर विचार कर रहा है।

 35 डॉलर प्रति बैरल कम पर देने का प्रस्ताव रखा

35 डॉलर प्रति बैरल कम पर देने का प्रस्ताव रखा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिबंधों से जूझ रहें रूस ने भारत को अपना यूराल ग्रेड कच्चा तेल युद्ध के पहले के भाव से 35 डॉलर प्रति बैरल कम पर देने का प्रस्ताव रखा है। इसका लक्ष्य भारत को रूस से ज्यादा तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब से रूस और यूक्रेन के बीच यह लड़ाई शुरु हुई है तब से ब्रेंट के भाव में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी देखने को मिली है। युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद इसकी कीमतें 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

1.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के लिए हो सकता है कॉन्ट्रैक्ट

1.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के लिए हो सकता है कॉन्ट्रैक्ट

रिपोर्ट के मुताबिक रूस चाहता है कि भारत के साथ इस साल के लिए 1.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के लिए कॉन्ट्रैक्ट के साथ शुरुआत करें। इस बारे में सरकार के स्तरों पर बातचीत हो रही है। भारत एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑयल इंपोर्ट करने वाला देश है। भारत उन कुछ देशों में शामिल है जो अंतराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंधों के आगे ना झुकते हुए रूस से होने वाले कच्चे तेल के आयात को लगातार बढ़ा रहा है।

लेकिन इस डील में अमेरिका ने खड़ी की मुश्किल

लेकिन इस डील में अमेरिका ने खड़ी की मुश्किल

हालांकि इस डील में एक मुश्किल भी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, हमने रूस पर जो प्रतिबंध लगाए हैं वे किसी भी देश को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोकते। हालांकि, यह एक सीमा तक है और उससे ज्‍यादा खरीद करने पर दिल्ली को परेशानी हो सकती है। भारत अगर रुपये या डॉलर में रूस को भुगतान करता है तो इससे अमेरिका को कोई समस्‍या नहीं है। हमें रूस और भारत के बीच होने वाले सौदे की जानकारी है और हम चाहते हैं कि भारत प्रतिबंधों के दायरे में रहकर ही फैसले ले।

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