रूस की चेतावनी, कहा- अब खतरनाक है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, दिख रहीं दरारें, मशीनें हो रहीं फेल

रूस ने कहा है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मशीनें बड़ी संख्या में फेल हो रही हैं और स्पेस स्टेशन के फ्लोर पर दरारें नजर आने लगी हैं। russia International space station dangerous Roscosmos chief Yuri Borisov

मॉस्को, 01 सितंबर : छह महीने से अधिक समय से जारी रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच संभवत: दुनिया का कोई हिस्सा ऐसा नहीं होगा जो प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन अब धरती के अलावा अंतरिक्ष में भी इसका असर पड़ने की आशंका है। रूस ने चेतावनी जारी कर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अब खतरनाक और काम करने के अनुकूल नहीं रहा है। यानी रूस ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को डेंजरस और अनफिट करार दिया है। रूस ने कहा है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मशीनें बड़ी संख्या में फेल हो रही हैं और स्पेस स्टेशन के फ्लोर पर दरारें नजर आने लगी हैं। रूस का दावा है कि मशीनों के फेल होने के अलावा तेज से स्टेशन पर लगाई गई मशीनों की वारंटी भी खत्म हो चुकी है।

अंतरिक्ष के उपकरण फेल हो रहे

अंतरिक्ष के उपकरण फेल हो रहे

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कॉसमॉस के प्रमुख यूरी बोरिसोव ने बताया कि बड़ी संख्या में अंतरिक्ष के उपकरण फेल हो रहे हैं और पुराने भी हो रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने होने के कारण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मौजूद क्रू मेंबर्स की सुरक्षा खतरे में है। बता दें कि रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 1 महीने पहले ही रूस की तरफ से यह घोषणा की गई कि वह चीन की तर्ज पर खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा। चीन ने जीरो ग्रेविटी नाम का खुद का स्पेस स्टेशन तैयार किया है।

अमेरिका से खफा रूस

अमेरिका से खफा रूस

यह भी दिलचस्प है कि 6 महीने 7 दिन यानी 187 दिन पहले शुरू हुए रूस और यूक्रेन के युद्ध के बाद अमेरिकी हस्तक्षेप से खफा रूस ने यह चेतावनी दी थी कि वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अपने हाथ पीछे खींच लेगा। मीडिया रपटों में यह भी छपा कि रूस ने अमेरिका से सीधे-सीधे या पूछा कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को धरती के किस भूभाग पर गिराना है ? उस समय इन खबरों को लेकर हड़कंप जैसी स्थिति भी देखी गई थी।

अमेरिका रूस का तनाव, अंतरिक्ष में खतरा !

अमेरिका रूस का तनाव, अंतरिक्ष में खतरा !

बता दें कि रूस और अमेरिका के रिश्ते में तल्खी उस समय से है जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में मिलिट्री कार्रवाई शुरू की। व्लादिमीर पुतिन ने विगत 24 फरवरी को यूक्रेन में विशेष अभियान शुरू किया था मीडिया रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के मुताबिक राष्ट्रपति पुतिन नहीं चाहते कि यूक्रेन किसी भी तरह से अमेरिका के करीब या अमेरिका समर्थित संस्था नाटो के करीब जाए। तनाव के कारण व्यापार संबंध खटाई में पड़ गए लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के संदर्भ में दोनों एक दूसरे पर निर्भर हैं इसलिए दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है।

रूस खुद का अंतरिक्ष स्टेशन लांच करेगा

रूस खुद का अंतरिक्ष स्टेशन लांच करेगा

यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के बीच पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से तिलमिलाया हुआ रूस 2024 के कुछ समय बाद खुद के इंटरनेशनल अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) लांच करने पर तत्परता से काम कर रहा है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख बोरिसोव के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि बोरिसोव ने तकनीकी रूप से यह स्वीकार किया है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर लगी मशीनें और फ्लोर खतरनाक हो चुके हैं। (ISS मॉडल की फोटो- साभार Reuters)

क्यों खतरनाक हुआ ISS

क्यों खतरनाक हुआ ISS

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख के मुताबिक वर्तमान ISS की वारंटी की अवधि खत्म हो चुकी है और दरारों के कारण स्पेस स्टेशन क्रू मेंबर्स के लिए खतरनाक हो कर चुका है। उन्होंने कहा कि रूस का स्पेस स्टेशन धरती के चारों ओर परिक्रमा करेगा और रूस के विशाल क्षेत्र को अधिक नीचे से देखने में सक्षम होने के कारण कॉस्मिक रेडिएशन यानी ब्रह्मांडी विकीरण पर नए सिरे से डाटा जमा किया जा सकेगा।

रूस चीन के साथ सहयोग पर मंथन कर रहा

रूस चीन के साथ सहयोग पर मंथन कर रहा

जानकारों का मानना है कि रूस की खुद की अंतरिक्ष स्टेशन की योजना रूसी कौशल के साथ साथ साहस (prowess) भी दिखाता है। खास बात ये कि रूस के पास विशेष रूप से दो दशकों तक ISS पर रहने और काम करने का अनुभव भी है। बोरिसोव ने कहा कि चंद्रमा और गहरे अंतरिक्ष का पता लगाने के प्रयासों को एकजुट करने के लिए रूस "अपने सबसे करीबी सहयोगियों, सबसे पहले चीन के साथ बातचीत कैसे करें" इस पर मंथन कर रहा है। इन महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बीच भारत की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।

रूस राजनीतिक हस्तक्षेप से तिलमिलाया !

रूस राजनीतिक हस्तक्षेप से तिलमिलाया !

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के चीफ बोरिसोव ने कहा कि रूस के अंतरिक्ष उद्योग पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों ने भावी सहयोग की संभावनाओं को खत्म कर दिया है। उन्होंने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ समाप्त हुए ExoMars रोवर की ओर भी इशारा किया। बोरिसोव ने रॉयटर्स के हवाले से कहा, "उस पर बहुत बड़ी मात्रा में प्रयास और बड़ी रकम खर्च की गई थी ... लेकिन राजनीति ने हस्तक्षेप किया, और नतीजा क्या हुआ? ऐसा नहीं होना चाहिए, यह गलत है।"

Dubbed Ross नाम का स्पेस स्टेशन

Dubbed Ross नाम का स्पेस स्टेशन

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य तकनीकी फॉर्म आर्मी 2022 के मौके पर रूस ने अंतरिक्ष स्टेशन का मॉडल सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया था। रूस ने कहा था कि मित्र देशों के लिए रूस का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन खुला रहेगा और इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। रूस ने अपने स्पेस स्टेशन को Dubbed Ross नाम दिया है। यह स्टेशन दो चरणों में लांच किया जाएगा। पहले चरण में चार-मॉड्यूल अंतरिक्ष स्टेशन का संचालन और विज्ञान से जुड़े प्रयोग शुरू होंगे। इसके बाद दो और मॉड्यूल और एक सर्विस प्लेटफॉर्म पर काम होगा। अंत में रूसी स्टेशन पर चार अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ वैज्ञानिक उपकरणों को रख जा सकेगा।

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