सेक्स अड्डे के रूप में बदले रोहिंग्या मुसलमानों के रिफ्यूजी कैंप
ढाका। म्यांमार से पलायन होकर बांग्लादेश पहुंचे लाखों रोहिंग्या मुसलमान ना सिर्फ खाना-पानी के लिए जूझ रहे हैं बल्कि कई रिफ्यूजी कैंप सेक्स अड्डे के रूप में तब्दील हो रहे हैं। UNHCR के अनुसार, पिछले दो महीने में म्यांमार से 6 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं। बांग्लादेश सरकार ने रोहिंग्याओं को बसाने के लिए ज्यादातर रिफ्यूजी कैंप कुटुपलांग और नयापारा में स्थापित किए हैं।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के कुटुपलांग रिफ्यूजी कैंप तेजी से एक बड़े सेक्स कैंप के रूप में बदल रहा है। कई सेक्स वर्कर्स ने अपने घर में लंबे समय के लिए इस काम को शुरू कर दिया है। वहीं, हजारों महिलाओं और लड़कियों को मजबूरन इस देह व्यापार में अपने आपको धकेलना पड़ रहा है। इस रिपोर्ट की मानें तो कुटुपलांग में कम से कम 500 रोहिंग्या मुस्लिम महिलाएं सेक्स वर्कर के रूप में काम कर रही है, लेकिन वैश्याओं की जो भर्ती कर रहे हैं वे लोग नई लड़कियों की तलाश में है।
यूएन एजेंसियों ने कहा है कि उनके पास बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के सेक्स वर्कर के बारे में कोई आंकड़े मौजूद नहीं है। यूएन पॉपुलेशन एजेंसी UNFPA में लिंग आधारित हिंसा की एक विशेषज्ञ सबा जारीव ने बताया कि इन रिफ्यूजी कैंपो में कितने सेक्स वर्कर है इनको लेकर हमारे पास कोई आंकड़े नही और ना ही हमने आंकड़े इस प्रकार के एकत्र किए हैं। उनके अनुसार, कैंपों में सेक्स वर्कर के आंकड़े इकट्ठा करना बहुत मुश्किल है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर सेक्स वर्कर बच्चे हैं, जिन्हें दो वक्त का भोजन नहीं मिल पा रहा है इसलिए उन्हें सेक्स वर्कर के रूप में काम करके पेट भरना पड़ रहा है। जि नाबालिग बच्चों को सेक्स वर्कर के रूप में काम करना पड़ रहा है, उनके पेरेंट्स को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इन सेक्स वर्कर के ग्राहक ना सिर्फ वहां के लोकल है बल्कि यूनिवर्सिटी के लड़के और पॉलिटिशियन भी शामिल है।












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