समुद्र के अंदर मिली 'दूसरी दुनिया', उड़ने वाली मछली समेत कई रहस्यमयी जीव आए नजर
पृ्थ्वी के 71 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर पानी है, जिसमें जीवों की लाखों प्रजातियां रहती हैं। अभी बहुत से जीव ऐसे हैं, जिनके बारे में इंसानों को नहीं पता। वो समुद्र के अंदर इतनी ज्यादा गहराई में रहते हैं कि वहां इंसानों का पहुंचाना मुश्किल है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर स्थित दो मरीन पार्क में शोधकर्ता जांच कर रहे थे, जहां पर बड़ी संख्या में अजीबोगरीब जीव मिले हैं। जिनको देखकर ऐसा लग रहा जैसे समुद्र के अंदर कोई दूसरी दुनिया थी। जिसका पता अब चला है। (फोटो-साभार- Ben Healley-Museums Victoria)

30 सितंबर को खत्म हुआ शोध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शोधकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट से 2500 किमी दूर दो नए मरीन पार्कों में शोध शुरू किया। ये 30 सितंबर 2022 को खत्म हुआ। वहां पर शोधकर्ताओं को अजीबोगरीब जीव मिले, जिनको पहले कभी नहीं देखा गया था। ये जीव पारिस्थितिकी तंत्र के हिसाब से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उनकी कुछ तस्वीरों को भी अब जारी किया गया है।

एक तिहाई प्रजातियां नई
शोधकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने 35 दिनों के अंदर 13 हजार किमी से ज्यादा इलाका खोजा। इस दौरान हाईटेक सोनार, छोटे जाल समेत कई चीजों का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने समुद्र की गहराइयों में छोटे जाल फेंके थे, जिसमें ऐसे जीव फंसे, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। प्रारंभिक जांच में ये माना जा रहा कि यहां मिली एक तिहाई प्रजातियां वैज्ञानिकों के लिए नई हैं। जिनके बारे में अभी तक किसी को कुछ पता नहीं था।

उड़ने वाली मछली दिखी
सबसे ज्यादा दिलचस्प एक मछली है, जिसके छोटे-छोटे पंख थे। उनकी मदद से वो हवा में तैरने की कोशिश कर रही थी। इसकी तस्वीरें उन्होंने ली हैं। हालांकि उनको शिकारी पक्षियों से खतरा है। इसके अलावा उनके हाथ एक ब्लाइंड कस्क ईल लगी। ये देखने में बहुत डरावनी है, जिसकी त्वचा ढीली, चिपचिपी है। खास बात ये है कि इसका ज्यादातर शरीर पारदर्शी है।

करोड़ों साल पुराने पहाड़ मिले
शोधकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने जब उस इलाके की सोनार से जांच की तो पता चला कि कोकोस कीलिंग आईलैंड दो समुद्री पहाड़ों से बना है। ये समुद्र तल से करीब 5000 मीटर दूर हैं। इसके अलावा पानी के अंदर एक तीसरी चोटी भी है। वहीं ज्वालामुखी, अन्य पहाड़ और रिज मिले हैं, जो करोड़ों साल पुराने हैं।

बैटफिश भी मिली
इसके अलावा समुद्र की गहराई में एक बैटफिश भी मिली। इसके पिछले पंख पैर की तरह दिखते हैं, जिसकी मदद से समुद्र तल में भी आसानी से तैर लेती है। इसके अलावा एक मछली ऐसी भी मिली, जिसके पैर बहुत बड़े थे। वो अपने पैर को तल से लगाए हुए थी, जबकि खुद काफी ऊपर थी। ये ठीक वैसा था, जैसे एक जहाज तल पर लंगर डालता है। इसकी मदद से वो मछली शिकार करती है। इसका नाम टाइपोड रखा गया है।












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