फुस्स हो गया ब्रिटेन में खालिस्तानियों का जनमत संग्रह अभियान, 200 पाकिस्तान भी नहीं पहुंचे
लंदन में पंजाब को अलग देश बनाने की मांग को लेकर खालिस्तान समर्थकों का जनमत संग्रह अभियान फेल हो गया।
लंदन, नवंबर 02: भारत को कई हिस्से में करने की साजिश आज से नहीं, पिछले कई दशकों से चल रही है और एक बार ये साजिश कामयाब भी हो चुकी है, जब पाकिस्तान का निर्माण हुआ था। लेकिन, अब वैसी परिस्थितियां नहीं हैं, जब देश को काटने की बात करे। हालांकि, देश में भी टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग मौजूद हैं, लेकिन भारत के अभिन्न हिस्से पंजाब को देश से काटकर अलग देश की मांग करने वाले खालिस्तानियों की लंदन में हवा निकल गई है।

खालिस्तानियों की निकली हवा
रविवार को ब्रिटेन की राजधानी में सिखों के एक समूह ने पंजाब को भारत से अलगकर अलग देश खालिस्तान बनाने की मांग को लेकर तथाकथित जनमत संग्रह का आयोजन किया था, जिसमें ये फैसला किया जाना था कि, पंजाब को भारत से अलग कर खालिस्तान का निर्माण हो या नहीं हो। इस जनमत संग्रह का आयोजन अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) द्वारा किया गया था, जो भारत में प्रतिबंधित संगठन है। लेकिन, इस तथाकथित जनमत संग्रह की हवा निकल गई। वहीं, एक बार फिर साबित हो गया कि, सिखों के इस आतंकी समूह को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है, क्योंकि इस मौके पर वहां पर कई पाकिस्तानी भी पहुंचे थे।

200 लोग भी नहीं पहुंचे
भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस यानि एसएफजे के सोशल मीडिया चैनल्स पर दावा किया गया था कि, ब्रिटेन में जनमत संग्रह कार्यक्रम के दौरान हजारों लोग जुटेंगे और खालिस्तान के पक्ष में वोट करेंगे। सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि, जनमत संग्रह में करीब 10 हजार से 12 हजार लोग शामिल होंगे, लेकिन 'यूके वाचर्स' के अनुसार, जनमत संग्रह के शुरुआती घंटों के दौरान सिर्फ 100-150 लोगों का जमावड़ा देखा गया और इस कार्यक्रम की हवा निकल गई। 'यूके वाचर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजकों ने पूरे ब्रिटेन से लोगों को लाने के लिए लगभग 300 बसों की व्यवस्था की थी और तथाकथित जनमत संग्रह में कुल 1,500-1,700 लोगों को मतदान के लिए लाया गया था।

गुरुद्वारों से भी नहीं मिला साथ
'यूके वाचर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तानियों के इस कार्यक्रम को लंदन स्थिति सिर्फ तीन गुरुद्वारों का ही साथ मिल पाया, जो पहले से ही खालिस्तानी आंदोलन के समर्थक रहे हैं, लेकिन लंदन के बाकी गुरुद्वारों ने खालिस्तानियों का साथ देने से पूरी तरह इनकार कर दिया और आयोजकों को अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए अपना मंच नहीं दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एसएफजे और कुलदीप सिंह चाहरू, फेडरेशन ऑफ सिख संगठन (एफएसओ) के नेता और बब्बर खालसा ने जनमत संग्रह का सक्रिय समर्थन किया। 'यूके वाचर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तान समर्थकों ने अवैध प्रवासी सिखों को भी अपने कार्यक्रम तक लाने के लिए झूठ बोला और उन्हें डॉलर्स देने की कोशिश की।

गुरुद्वारों ने खालिस्तानियों पर लगाया आरोप
वहीं, कई गुरुद्वारों की तरफ से बयान जारी कर खालिस्तानियों की आलोचना की गई है और कहा गया है कि, आयोजकों ने लंदन के सिखों को बर्गलाने के लिए करीब 100 गुरुद्वारों के करीब बसें लगाईं थी, ताकि लोगों के बीच ये संदेश जाए कि, खालिस्तानियों को समर्थन लंदन के गुरुद्वारे कर रहे हैं और ये संदेश देने की कोशिश कर रहे थे, जैसे कि इन बसों का इंतजाम गुरुद्वारों की तरफ से किया गया हो। गुरुद्वारों की तरफ से कहा गया है कि, लोगों को खालिस्तानियों ने पूरी तरह से बर्गलाने की कोशिश की है। वहीं, 'यूके वाचर्स' ने कहा है कि, जनमत संग्रह में आने वाले लोग कहां के थे, ये भी साबित नहीं हो पाया है और लोगों को शक है कि, जो लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे, वो पाकिस्तान के थे या फिर अफगानिस्तान के। इसके साथ ही कार्यक्रम के कवरेज से यह भी पता चलता है कि एक ही समूह के लोगों को बार-बार मतदान करने के लिए लाया गया था।

खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी
यूके वाचर्स के मुताबिक, ब्रिटेन पर नजर रखने वालों ने कहा कि खालिस्तानियों का समर्थन देने के लिए कई पाकिस्तानी सिख आये थे और उन्होंने खालिस्तान के समर्थन में काफी नारेबाजी की और एसएफजे ने जनमत संग्रह में 18 साल से ऊपर के सभी सिखों को वोट देने के लिए बुलाया था। कथित जनमत संग्रह वेस्टमिंस्टर में हुआ था और खालिस्तान समर्थकों ने इस दौरान खालिस्तान का झंडा लहराने के साथ नारेबाजी भी की।












Click it and Unblock the Notifications