ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ ।। की कितनी थी संपत्ति, जानिए कहां से होती थी कमाई, अब कहां जाएगी जायदाद?
ब्रिटेन की महारानी को कई स्रोत से आमदनी होती थी, जिसमें एक बड़ा हिस्सा टैक्स से मिले पैसे होते थे, जिसे सॉवरेन ग्रांट के रूप में जाना जाता है, जिसे ब्रिटिश शाही परिवार को सालाना भुगतान किया जाता है।
लंदन, सितंबर 09: ब्रिटेन में सबसे लंबे वक्त तक शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। महज 25 साल की उम्र में साल 1953 में उन्हें महारानी का ताज पहनाया गया था और पिछले कुछ वर्षों में कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद बाल्मोरल एस्टेट में अपने स्कॉटिश महल में उनका निधन हो गया। इंग्लैंड की महारानी अपने पीछे अपने बड़े परिवार को छोड़ गई हैं और अपने जीवनकाल में उन्हें विश्व की सबसे ताकतवर महिलाओं में से एक माना गया और आपको जानकर हैरानी होगी, कि क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय दुनिया की इकलौती महिला थीं, जिन्हें दुनिया में कहीं भी यात्रा करने के लिए पासपोर्ट या वीजा की जरूरत नहीं पड़ती थी। अब जब महारानी अपना शरीर छोड़ चुकी हैं, तो आइये जानते हैं, अपने पीछे वो कितनी दौलत छोड़ गई हैं और उनके जाने के बाद उनकी संपत्ति का क्या होगा?
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कितनी थी एलिजाबेथ ।। की संपत्ति
हालांकि, एलिजाबेथ ।। की संपत्ति को लेकर कई दावे किए गये हैं, लेकिन फॉर्च्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वीन एलिजाबेथ ।। अपने पीछे 500 मिलियन डॉलर की संपत्ति छोड़ गई हैं, जो उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स के किंग बनने पर उनके पास चला जाएगा। हालांकि, एलिजाबेथ ।। की संपत्ति पर सिर्फ उनका ही हक नहीं है, बल्कि संपत्ति पर रॉयल फर्म का भी हक है। हालांकि, उनकी संपत्ति को लेकर अलग अलग दावे किए गये हैं, लेकिन जो जानकारी सार्वजनिक है, उसके मुताबिक,रॉयल फैमिली की संपतत्ति 28 अरब डॉलर की है, जिसे किंग जॉर्ज VI और प्रिंस फिलिप जैसे ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्यों ने एक बार "पारिवारिक व्यवसाय" के रूप में जानकारी सार्वजनिक की थी।

रानी को कैसे किया जाता था भुगतान?
ब्रिटेन की महारानी को कई स्रोत से आमदनी होती थी, जिसमें एक बड़ा हिस्सा टैक्स से मिले पैसे होते थे, जिसे सॉवरेन ग्रांट के रूप में जाना जाता है, जिसे ब्रिटिश शाही परिवार को सालाना भुगतान किया जाता है। यह किंग जॉर्ज III ने ब्रिटिश संसद से एक समझौता किया था, जिसके मुताबिक शाही परिवार के भावी पीढ़ियों को देश की तरफ से एक निश्चित भुगतान करना था और ब्रिटिश शाही परिवार ने अपनी संपत्ति देश की संसद को आत्मसमर्पण कर दिया था। इस समझौते के तहत ब्रिटिश संसद से टैक्स का एक बड़ा हिस्सा शाही परिवार को मिलता है। वहीं, साल 2012 में इसे सॉवरेन ग्रांट द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अनुदान राशि 2021 और 2022 में 86 मिलियन पाउंड से ज्यादा निर्धारित की गई थी। ये धनराशि आधिकारिक यात्रा, संपत्ति के रखरखाव, और रानी के घर-बकिंघम पैलेस के संचालन या रखरखाव की लागत के लिए आवंटित की जाती है। लेकिन रानी को सिर्फ वार्षिक वेतन नहीं मिलता है, बल्कि इसके अलावा भी उनके धन प्राप्ति के अलग अलग स्रोत हैं।

द रॉयल फर्म: 28 अरब डॉलर का साम्राज्य
रयल फर्म, जिसे राजशाही पीएलसी के रूप में भी जाना जाता है, हाउस ऑफ विंडसर के वरिष्ठ सदस्यों और सार्वजनिक सदस्यों का एक समूह है, जिसकी प्रमुख क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय थीं। इससे साथ ही शाही परिवार का कई वैश्विक व्यापार भीा है, जिसका संचालन राज परिवार करता है और इसके साथ ही हर साल टेलीविज़न कार्यक्रमों और पर्यटन के माध्यम से हर साल यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था में सैकड़ों मिलियन पाउंड आते हैं। इसके अलावा शाही परिवार के वैश्विक व्यापार में परिवार के सात सदस्यों की हिस्सेदारी है। ये हिस्सेदारी प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला, डचेस ऑफ कॉर्नवाल; प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट, डचेस ऑफ कैम्ब्रिज; रानी की बेटी राजकुमारी ऐनी; और रानी के सबसे छोटे बेटे प्रिंस एडवर्ड और उनकी पत्नी सोफी, जो काउंटेस ऑफ वेसेक्स कह जाती हैं।

संपत्ति की नहीं हो सकती है बिक्री
फोर्ब्स के अनुसार, राजशाही के पास 2021 तक लगभग 28 अरब डॉलर की अचल संपत्ति है, जिसे बेचा नहीं जा सकता। यह संपत्ति अलग अलग हिस्सो में हैं।
- द क्राउन एस्टेट: 19.5 अरब डॉलर
- बकिंघम पैलेस: 4.9 अरब डॉलर
- द डची ऑफ कॉर्नवाल: 1.3 अरब डॉलर
- द डची ऑफ लैंकेस्टर: 748 मिलियन डॉलर
- केंसिंग्टन पैलेस: 630 मिलियन डॉलर
- स्कॉटलैंड का क्राउन एस्टेट: 592 मिलियन डॉलर
हालांकि, शाही परिवार को व्यवसाय से व्यक्तिगत रूप से लाभ नहीं होता है और इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है, जो बदले में मुफ्त मीडिया कवरेज और शाही वारंट के माध्यम से विंडसर को धन प्रदान करता है, लेकिन उसके बाद भी शाही परिवार को इसका एक हिस्सा मिलता है। वहीं, अगर महारानी की संपत्ति और होने वाली आय को एक साथ देखा जाए, तो उन्हें तीन अलग अलग स्रोत से इनकम होता है, जिसमें सोवेरन ग्रांट, प्रिवी पर्स और उनकी निजी संपत्ति से होने वाली इनकम शामिल है।

क्राउन एस्टेट
क्राउन एस्टेट ब्रिटिश राजशाही से संबंधित जमीनों का एक संग्रह है, जो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पास था। लेकिन यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है, लेकिन उसकी मालकिन वहीं थीं। इसरा रख-रखाव एक अर्ध-स्वतंत्र सार्वजनिक बोर्ड की तरफ से किया जाता था। जून में, क्राउन एस्टेट ने 2021-2022 वित्तीय वर्ष के लिए $312.7 मिलियन शुद्ध राजस्व लाभ की घोषणा की थी, जो एक साल पहले की तुलना में $43 मिलियन ज्यादा है। वहीं, अनुदान का उपयोग कर्मचारियों, सुरक्षा, यात्रा, हाउसकीपिंग और रखरखाव के लिए पेरोल सहित आधिकारिक खर्चों के भुगतान के लिए किया जाता है। लेकिन रानी और उनके विस्तारित परिवार के निजी खर्चों का भुगतान प्रिवी पर्स नामक एक अलग भत्ते के माध्यम से किया जाता है।

प्रिवी पर्स
रानी का प्रिवी पर्स अनिवार्य रूप से उन संपत्तियों का एक पोर्टफोलियो है, जो 14 वीं शताब्दी में ट्रस्ट में रखे गए थे, जो लैंकेस्टर के डची से मेजेस्टी को निजी आय प्रदान करता है। प्रिवी पर्स में जो भी पैसा आता है, वो रानी की निजी संपत्ति है। डची ऑफ लैंकेस्टर वेबसाइट पर एक बयान में कहा गया है कि, "मार्च 2022 के अंत में डची ऑफ लैंकेस्टर के पास 652.8 मिलियन डॉलर की शुद्ध संपत्ति थी, जो 24 मिलियन डॉलर का शुद्ध अधिशेष प्रदान करती थी। शुद्ध संपत्ति का भुगतान सीधे रानी को नहीं किया जाता है, लेकिन अतिरिक्त धनराशि में 24 मिलियन डॉलर हैं। इस फंडिंग पर टैक्स लगाया जाता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से उन खर्चों को कवर करने के लिए किया जाता है जो पहले से ही सॉवरेन ग्रांट द्वारा कवर नहीं किए गए हैं।

क्वीन की पर्सनल प्रॉपर्टी
बिजनेस इनसाइडर के अनुसार, रानी ने अपने निवेश, कला संग्रह, गहने और रियल एस्टेट होल्डिंग्स की संपत्ति की कुल कीमत 500 मिलियन डॉलर के करीब है और ये संपत्ति पूरी तरह से रानी की निजी संपत्ति है, जिसमें सैंड्रिंघम हाउस और बाल्मोरल कैसल शामिल हैं। हालांकि, अब जब उनकी मृत्यु हो गई है, तो उनकी अधिकांश निजी संपत्ति प्रिंस चार्ल्स को सौंप दी जाएगी, जब वह सिंहासन ग्रहण करेंगे। वहीं, साल 2002 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की मां की मौत हुई थी, तो उनसे उन्हें 70 मिलियन डॉलर की संपत्ति विरासत में मिली थी, जिसमें अलग अलग कलाकृतियां, एक स्टाम्प संग्रह, ज्वैलरी, घोड़े और यहां तक कि एक मूल्यवान फैबरेज संग्रह भी शामिल था। संग्रह में पेंटिंग्स में मोनेट, नैश और कार्ल फैबर्ज के काम शामिल हैं।
पूरे राजशाही की कुल कीमत
फोर्ब्स मैग्जीन की रिपोर्ट के मुताबिक, शाही परिवार की सभी संपत्तियों को जोड़कर अगर सिर्फ रानी की निजी संपत्ति का हिसाब लगाया जाए तो वो 72.5 अरब पाउंड यानि करीब 6 हजार 631 अरब रुपये के आसपास है। लंदन के अलावा शाही परिवार की संपत्ति स्कॉटलैंड, वेल्स के साथ साथ उत्तरी आयरलैंड में भी है और महारानी की इस निजी संपत्ति को उनके उत्तराधिकारी बेच नहीं सकते हैं और यह संपत्ति एक उत्तराधिकारी से दूसरे उत्तराधिकारी तक ट्रांसफर होती रहेगी, जिसका इस्तेमाल करने का अधिकार उन्हें होगा। इसके अलावा महारानी के रॉयल कलेक्शन में, जिसे उन्हें अलग अलग देशों से सम्मान के तौर पर प्राप्त हुआ है, जिसमें ज्लैलरी, कला संग्रह, हीरे-जवाहरात वगैरह शामिल हैं, उसकी कीमत करीब 10 अरब डॉलर के आसपास होगी।
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