QUAD SUMMIT: भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी को समर्थन, एशियाई देशों के लिए एक अरब खुराक बनाएगा भारत
क्वाड की बैठक में पूरे एशिया में 2022 के अंत तक सभी देशों में वैक्सीन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई दिल्ली/टोकियो: क्वाड की बैठक में कोरोना वायरस से परेशान दुनिया को निजात दिलाने के लिए कई अहम फैसले लिए गये हैं। जिनमें एक बड़ा फैसला अमेरिकी वैक्सीन जॉनसन एंड जॉनसन का उत्पादन भारत में करने का फैसला लिया गया है। वहीं, एक साल के अंदर एशियाई देशों को वैक्सीन पहुंचाने का भी लक्ष्य क्वाड की बैठक में लिया गया है। क्वाड देशों की इस मीटिंग में भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी का समर्थन करने के साथ उसे आगे बढ़ाने का फैसाल भी लिया गया है।
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एशिया के लिए वैक्सीन पॉलिसी
कोरोना वायरस से परेशान एशियाई देशों को वायरस के प्रकोप से बाहर लाने के लिए क्वाड की बैठक में एक अरब वैक्सीन की खुराक एशियाई देशों में एक साल के अंदर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में फैसला लिया गया है कि साल 2022 के अंत तक सभी एशियाई देशों में वैक्सीन पहुंचा दिया जाएगा। भारतीय विदेश सचिव ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन, प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर क्वाड की बैठक में फैसले लिए गये हैं। क्वाड की बैठक में चारों देश ने तय किया है कि चीन की वैक्सीन डिप्लोनमेसी के खिलाफ क्वाड देशों ने एशियाई देशों तक वैक्सीन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। साउथ इस्ट एशियाई देशों के अलावा विश्व के उन देशों में भी वैक्सीन की सप्लाई की जाएगी जो जरूरतमंद होंगे। भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के मुताबिक क्वाड का ये फैसला काफी ज्यादा लाभदायक साबित होने वाला है।

चीन की वैक्सीन नीति को काउंटर
चीन भी अपनी वैक्सीन डिप्लोमेसी चला रहा है। लेकिन, चीन काफी कम मात्रा में वैक्सीन की खुराक अपने दोस्त देशों को दे रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को सिर्फ 5 लाख वैक्सीन की डोज मुहैया करवाई है। जबकि क्वाड की बैठक में फैसला लिया गया है कि एक अरब वैक्सीन डोज एशियाई देशों में खासकस इंडो पैसेफिक रीजन में आने वाले देशों को मुफ्त में बांटे जाएंगे। भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि 'कोरोना वैक्सीन के प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और सप्लाई का खर्च क्वाड के चारों देश एक साथ उठाने के लिए तैयार हुए है। चारों देश वैक्सीन निर्माण से लेकर सप्लाई तक काम सामूहिक तौर पर करेंगे।' भारत की तरफ से कहा गया है कि जल्द से जल्द हर शख्स तक वैक्सीन पहुंचा देने से कोरोना वैक्सीन से निजात पाने में मदद मिलेगी और महामारी के बाद उपजे हालात से जूझने में कम वक्त लगेगा। अमेरिका में निर्मित जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन का भारत में उत्पादन किया जाएगा जिसमें आर्थिक मदद अमेरिका करेगा।

वैक्सीन उत्पादन के लिए प्लानिंग
क्वाड की बैठक में चारों देशों ने तय किया है कि भारत में वैक्सीन का उत्पादन काफी तेज गति से होता है और चूंकी भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा निर्माता भी है, लिहाजा वैक्सीन उत्पादन की जिम्मेदारी भारत को दी गई है। जबकि, वैक्सीन उत्पादन में आने वाले खर्च का वहन अमेरिका करेगा। वहीं, जापान का जापान बैंक ऑफ इंटरनेशनल भी वैक्सीन उत्पादन में आने वाले खर्च में अपनी भागीदारी निभाएगा। जबकि, ऑस्ट्रेलिया वैक्सीन उत्पादन से डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल लोगों को ट्रेनिंग देने के साथ वैक्सीन हर एक आदमी तक कैसे पहुंचे, इस काम को संभालने का काम करेगा। क्वाड द्वारा उत्पादित वैक्सीन पहले इंडो पैसेफिक देशों को पहले भेजा जाएगा। आपको बता दें कि इंडो पैसिफिक रीजन में 38 देश हैं।












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