इजराइल को हथियार देने पर वोट नहीं, कमला हैरिस का बहिष्कार करेंगे मुस्लिम, डेमोक्रेटिक कन्वेंशन के बाहर बवाल
Democratic Convention 2024: डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में जहां डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया है, वहीं कार्यक्रम स्थल के बाहर गाजा में इजराइली हमलों का विरोध करने वाली भीड़ ने धमदी दी है, कि अगर इजराइल को हथियारों की सप्लाई नहीं रोकी गई, तो कमला हैरिस को वोट नहीं दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारी रिच बार्न्स का कहना है, कि गाजा में इजराइल के युद्ध का विरोध करना कोई जटिल मुद्दा नहीं है।

उन्होंने सोमवार को शिकागो में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन (DNC) के पास फिलिस्तीनी और आयरिश झंडे को पकड़े हुए कहा, कि "क्या हम बच्चों की सामूहिक हत्या के पक्ष में हैं, या हम इसके खिलाफ हैं? मेरे लिए, यह एक बहुत ही सरल समीकरण है।"
बार्न्स उन हजारों प्रदर्शनकारियों में से एक हैं, जिन्होंने डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन से कुछ ब्लॉक दूर यूनियन पार्क में इजराइल के युद्ध के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के समर्थन को खत्म करने की मांग की है। जब डेमोक्रेट उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के लिए कन्वेंशन में एकत्र हुए, तो कई फिलिस्तीनी अधिकार अधिवक्ताओं ने कहा, कि वे कमलै हैरिस को तब तक वोट नहीं देंगे, जब तक कि वह इजराइल के खिलाफ हथियार प्रतिबंध के लिए कदन में सहमति नहीं हो जातीं।
"मार्च ऑन द डीएनसी" नामक प्रदर्शन के दौरान गाजा में तत्काल और स्थायी युद्धविराम की भी मांग की गई।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, कि "मैं चिंतित हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि उसके साथ कोई बड़ा, बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है। हम वामपंथियों पर यह कहने के लिए ज्यादा से ज्यादा दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, कि 'सुनो, आप हमारे वोट की उम्मीद नहीं कर सकते।"
प्रदर्शनकारियों ने हैरिस और राष्ट्रपति जो बाइडेन को गाजा में अत्याचारों से जोड़ते हुए पोस्टर्स पकड़ रखे हुए थे, जिसे वे नरसंहार बता रहे थे। उनका कहना था, कि लगातार बमबारी और भुखमरी के माध्यम से फिलिस्तीनी लोगों को नष्ट करने की कोशिस की जा रही है।
एक पोस्टर पर लिखा था, कि "डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों के हाथ खून से रंगे हैं।" दूसरे पोस्टर पर लिखा था, कि "इजराइल पर हथियार प्रतिबंध लगने तक कमला के लिए कोई वोट नहीं।"

क्या गाजा पर बदलेगा कमला हैरिस का रूख?
डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन अमेरिकी समय के मुताबिक, सोमवार को शुरू हुआ है, जब हजारों डेमोक्रेटिक अधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक, नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले कमला हैरिस की उम्मीदवारी का जश्न मनाने के लिए शिकागो पहुंचे हैं। वहीं,डेमोक्रेटिक का ये कार्यक्रम गुरुवार को खत्म होगा, और उसी दिन कमला हैरिस अपना नामांकन स्वीकार करेंगी।
लेकिन सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन ने इस धारणा को अमेरिका में और पुख्ता कर दिया है, कि बाइडेन- एक कट्टर इजरायल समर्थक हैं, जिन्होंने गाजा पर युद्ध के लिए समर्थन का नेतृत्व किया है। हालांकि, जो बाइडेन अब राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हो चुके हैं, लेकिन कमला हैरिस पर इस विरोध की गर्मी झेलनी पड़ सकती है।
कई प्रदर्शनकारियों के लिए, नए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए उनका संदेश वही है, कि पार्टी को उन लाखों मतदाताओं की बात सुननी चाहिए, जो फिलिस्तीनियों के खिलाफ अमेरिका समर्थित मानवाधिकारों के हनन को खत्म करना चाहते हैं।
कमला हैरिस ने हालांकि, गाजा में फिलिस्तीनियों के दर्द को स्वीकार किया है, फिर भी उन्होंने इस मुद्दे पर कोई वास्तविक नीतिगत बदलाव का वादा नहीं किया है। सोमवार के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विस्कॉन्सिन से गाड़ी चलाकर आए शिक्षक अमल जाबेर ने फिलिस्तीनियों के लिए कमला हैरिस की कथित सहानुभूति को "दिखावटी" बताकर खारिज कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि "फिलिस्तीनी आज भी मारे जा रहे हैं। जब तक हम वास्तविक बदलाव नहीं देखते, मुझे नहीं लगता कि विस्कॉन्सिन में मुस्लिम समुदाय अभी कमला हैरिस का समर्थन करेगा। अब बहुत हो गया है।"
अमेरिका ने गाजा पर युद्ध का समर्थन करने के लिए इजराइल को सैन्य सहायता और अरबों डॉलर की सहायता प्रदान की है, जिसमें 40,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के मारे जाने का दावा हमास ने किया है।
लेकिन जो बाइडेन, जो खुद को जायोनी मानते हैं, वो इजराइल के कट्टर समर्थक रहे हैं।
हालांकि, अमेरिका में उप-राष्ट्रपति आमतौर पर विदेश नीति तय नहीं करते हैं, लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा है, कि गाजा के प्रति अमेरिकी दृष्टिकोण की देखरेख में हैरिस "पूर्ण भागीदार" रही हैं।
लेकिन पिछले महीने, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद कमला हैरिस ने युद्ध को "विनाशकारी" कहा था।
कमला हैरिस ने कहा था, कि "हम खुद को पीड़ा के प्रति सुन्न नहीं होने दे सकते और मैं चुप नहीं रहूंगी।"
लेकिन इसके बाद भी उपराष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों के माध्यम से कहा है, कि वह इजरायल के खिलाफ हथियार प्रतिबंध लगाने का समर्थन नहीं करती हैं, जिससे कई युद्ध-विरोधी प्रदर्शनकारियों की उम्मीदें निराश हो गई हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि कमला हैरिस की नीति भी इजराइल को लेकर निराश करने वाली है और उन्होंने उनका बहिष्कार करने की धमकी दी है।
गुरुवार को सम्मेलन के समापन तक पूरे सप्ताह गाजा से संबंधित विरोध प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है।
शिकागो, जिसका राजनीतिक सक्रियता का एक लंबा इतिहास रहा है, वो अमेरिका में सबसे बड़े फिलिस्तीनी समुदायों में से एक का घर है।
एक नकाबपोश प्रदर्शनकारी, जिसने अपना नाम नहीं बताया, उन्होंने अल जजीरा को बताया, कि उन्हें यह असंगत लगा कि डेमोक्रेट्स ने शिकागो में अपना सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया, जो गाजा युद्धविराम प्रस्ताव पारित करने वाला सबसे बड़ा अमेरिकी शहर है।
प्रदर्शनकारी ने कहा, कि "यह चेहरे पर तमाचा जैसा लगता है, कि डेमोक्रेट्स वर्तमान में इस नरसंहार को वित्तपोषित कर रहे हैं, फिर भी उन्होंने यहां आने का फैसला किया।"
गाजा युद्ध को लेकर काफी समय समय से अमेरिकी मुस्लिम, जो बाइडेन का बहिष्कार करने की धमकी देते आए हैं, लेकिन सवाल ये है, कि क्या वो डोनाल्ड ट्रंप को वोट करेंगे?












Click it and Unblock the Notifications