श्रीलंका में गहराया आर्थिक संकट, स्टॉक एक्सचेंज बंद होने पर पीएम राजपक्षे और राष्ट्रपति के देश छोड़ने की मांग
नई दिल्ली, 16 अप्रैल। श्रीलंका में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। शनिवार को श्रीलंका (Sri lanka) का स्टॉक एक्सचेंज 5 दिन के लिए बंद हो गया है। इसके बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) और महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया। आंदोलनकारियों ने राजपक्षे सरकार पर तानाशाही और भाई भतीजावाद करने का आरोप लगाते हुए दोनों नेताओं को श्रीलंका से बाहर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हम कोई भी बाधा सहन नहीं करेंगे।

पीएम औैर राष्ट्रपति के देश छोड़ने की मांग
शनिवार को श्रीलंका के सिक्योरिटीज कमीशन ने 18 अप्रैल से 22 अप्रैल तक कोलांबो स्टॉक एक्सचेंज को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया। रिपोर्ट की मानें तो ये बड़ा फैसला निवेशकों को देश की आर्थिक स्थिति को समझने और उसे स्वीकार करने के लिए समय देने को लेकर लिया गया। वहीं गहराते आर्थिक संकट के बीच विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को देश में प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के विरोध में राजधानी कोलंबो के मुख्य समुद्र तट गाले फेस पर भारी भीड़ जमा हो गई है। यहां राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। विरोध कर रहे लोगों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है।

राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन
गाले फेस पर प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगों ने राजपक्षे सरकार पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए कहा कि राजपक्षे सरकार ने हमसे वर्षों तक पैसा लिया। लेकिन देश के लिए कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे दोनों भाई हैं। यहां सिर्फ परिवारवाद हो रहा है। लोगों ने कहा कि इससे देश में कोई समृद्ध नहीं हो रही। वे चाहते हैं कि वे पीएम और राष्ट्रपति दोनों भाई यहां से चले जाएं।

श्रीलंका में मंहगाई चरम पर
श्रीलंका में खाद्य सामग्री और ईंधन की कमी बढ़ती कीमतों, बिजली कटौती के साथ गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यह देश दीवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है। यहां अब हर वर्ग के लोग सरकार के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।

प्रदर्शन में पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या शामिल
श्रीलंका के राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर गेल फेल में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विरोध में पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या भी शामिल हुए। श्रीलंका में विरोध कर रहे लोग अब राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और प्रधान मंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।












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