अमेरिकी संसद में पेश इस बिल से खतरे में आई हजारों भारतीयों की नौकरी
नई दिल्ली। अमेरिकी संसद में ट्रंप सरकार ने एक ऐसा बिल पेश किया है जिससे कॉल सेंटर में काम करने वाले हजारों भारतीयों की नौकरी खतरे में आ गई है। दरअसल, ट्रंप सरकार के इस बिल के तहत विदेशों में काम करने वाले कॉल सेंटर कर्मचारी अपना लोकेशन बताना होगा और साथ ही ग्राहकों को ये अधिकार भी होगा कि वे अपनी कॉल को विदेशी कॉल सेंटर कर्मचारी की जगह अमेरिकी कॉल सेंटर कर्मचारी को ट्रांसफर करने को कह सकें।

इस बिल को अमेरिकी के ओहोयो से सांसद, शरॉड ब्राउन से पेश किया है। इस बिल के तहत उन सभी कंपनियों का नाम सार्वजनिक करने को कहा गया है जो विदशों से आउटसोर्स करती है। बिल में कहा गया है कि जो कंपनियां आउटसोर्स के जरिए अपनी नौकरियों को विदेश में नहीं भेज रही है उन्हें अमेरिकी कॉन्ट्रैक्ट्स में प्राथमिकता दिया जाए।
शरॉड ब्राउन ने कहा कि सबसे अमेरिकी में ज्यादातर कॉल सेंटर की नौकरी विदेशों से आउटसोर्स की जाती है। कई कंपनियों ने ओहयो समेत अमेरिकी के कई भागों में अपनी कॉल सेंटर को बंद करके भारत और मैक्सिको से इन नौकरियों को आउटसोर्स कर लिया है। इससे अमेरिका को काफी नुकसान उठाना पड़ा।












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