पुतिन ने परखी सेना की ताकत तो ट्रंप ने किया परमाणु हथियारों पर ट्वीट
नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अमेरिका को सैन्य क्षमताएं बढ़ाने के लिए बनाने चाहिए और ज्यादा परमाणु हथियार। रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के बयान के बाद ट्रंप का बड़ा बयान।
वाशिंगटन। अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी एक नई टिप्पणी से खलबली मचा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को अपनी परमाणु क्षमताओं को बड़े स्तर पर ताकतवर करना होगा और इन्हें बढ़ाना होगा।

व्हाइट हाउस से कुछ दिन दूर ट्रंप
अगले माह की 20 तारीख को ऑफिस संभालने वाले ट्रंप ने कहा कि जब तक दुनिया परमाणु हथियारों को लेकर बुद्धिमान नहीं होती अमेरिका को ऐसा करना ही होगा।
हालांकि बाद में ट्रंप के प्रवक्ता ने सफाई दी कि ट्रंप दरअसल परमाणु प्रसार के बारे में बात कर रहे थे।
ट्रंप का यह बयान रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने रूस की सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए परमाणु हथियारों की संभावनाओं को बढ़ाने की बात कही थी।
किसके पास कितने परमाणु हथियार
अमेरिका के पास वर्तमान समय में 7,100 और रूस के पास 7,300 परमाणु हथियार हैं।
ट्रंप की यह टिप्पणी ट्वीट के रूप में सामने आई है। ट्रंप के बयान के बाद उनकी ट्रांजिशन टीम के कम्यूनिकेशन मैनेजर जैसन मिलर ने सफाई दी।
मिलर ने कहा कि ट्रंप दरअसल परमाणु प्रसार के बारे में बात कर रहे थे। वह कहना थे कि परमाणु प्रसार को रोकना काफी अहम है। खास तौर पर आतंकवादियों के हाथों में इसे पड़ने से बचाना होगा।
पुतिन के एक्शन के कुछ घंटे बाद ट्वीट
मिलर ने यह बात भी कही के नए राष्ट्रपति ने अमेरिका के सुरक्षा उपायसें से जुड़े तमाम संसाधनों में सुधार करना होगा और उनका आधुनिकीकरण करना होगा।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने वर्ष 2016 में रूस की सैन्य गतिविधियों का जायजा लिया और इसके कुछ घंटों बाद ही ट्रंप का यह ट्वीट सामने आया।
मिलिट्री को करना होगा मजबूत
पुतिन ने जायजा लेने के बाद कहा कि रूस को अपनी रणनीतिक परमाणु ताकतों से जुड़ी मिलिट्री संभावनाओं को और मजबूत बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि मिसाइल कॉम्पलेक्स को और मजबूत करना होगा ताकि किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम का मुकाबला किया जा सके।
पुतिन की नजरें दुनिया पर
उन्होंने यह भी कहा कि रूस बहुत सावधानी से दुनिया में सत्ता के संतुलन में बदलाव और राजनीतिक-मिलिट्री समीकरणों पर नजर रखेगा।
खासतौर पर रूस की सीमाओं पर। पुतिन का इशारा ईस्टर्न यूरोप में मौजूद अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की ओर था। पेंटागन का इस बारे में कहना है कि यह ईरान का जवाब देने के लिए इंस्टॉल किया गया है।












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