UAE-कुवैत से होगी पीएम मोदी के साल 2022 विदेश यात्रा की शुरूआत, संबंधों के नये अध्याय की शुरूआत
पीएम मोदी की साल 2022 की विदेश यात्रा की शुरूआत विश्वसनीय सहयोगी देश संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से होगी।
नई दिल्ली, दिसंबर 07: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले साल की शुरूआत अपने सबसे विश्वसनीय सहयोगी देश की यात्रा से करने वाले हैं। पीएम मोदी साल 2022 की विदेश यात्रा की शुरूआत विश्वसनीय सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से करने जा रहे हैं। पीएम मोदी की यात्रा का उद्येश्य खाड़ी देशों के साथ संबंध को और ज्यादा मजबूत करना है।

दुबई एक्सपो में जाएंगे पीएम
ऐसी संभावना है कि, अगले महीने पीएम मोदी जब संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा करेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी दुबई 2020 एक्सपो में जाएंगे। पीएम मोदी की यीएई यात्रा का वास्तविक उद्देश्य कॉविड-19 महामारी की दूसरी लहर के साथ-साथ इन दो अमीरात देशों में विशाल भारतीय डायस्पोरा की देखभाल करने के दौरान भारत के साथ खड़े दोनों सहयोगियों को धन्यवाद देना है। संयुक्त अरब अमीरात में करीब 40 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, जबकि कुवैत में करीब 10 लाख भारतीय रहते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और जरूरत के वक्त भारत की काफी मदद करते हैं, लिहाजा पीएम मोदी भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे।

पहले हफ्ते में होगी यात्रा
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनवरी 2022 के पहले 10 दिनों में इन दोनों देशों की यात्रा कर सकते हैं। इन दो विदेशी यात्राओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है क्योंकि दोनों राष्ट्र भारत की मध्य पूर्व नीति के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। खासकर अफगानिस्तान में तालिबान राज स्थापित होने के बाद बदली वैश्विक परिस्थितियों में भारत अपने सहयोगियों के साथ और मजबूत संबंध कायम करना चाहता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे पहले अगस्त 2015 में संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस मोहम्मद हिन जाएद अल नाहान के निमंत्रण पर यूएई की यात्रा कर चुके हैं। वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर अबू धाबी के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं और इसी साल दोनों देशों ने व्यापारिक रिश्ते को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

भारत-यूएई संबंध
आपको बता दें कि, संयुक्त अरब अमीरात, भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है और इस वक्त भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच 60 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार है। पिछले महीने ही भारत अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए संयुक्त अरब अमीरात का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना है। जनवरी 2022 की यात्रा पीएम मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की चौथी यात्रा होगी। पीएम मोदी से पहले भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी।

नये स्तर पर भारत-यूएई संबंध
भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने आज अपने संबंधों को एक नए स्तर विस्तार किया है। दोनों देशों के बीच सीवर-सुरक्षा, काउंटर-रेडिकलाईजेशन, रक्षा और खुफिया साझाकरण के साथ साथ आर्थिक क्षेत्र में भी संबंधों को नये स्तर पर विस्तार दिया है। मोदी सरकार के आने के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ काफी ज्यादा कार्रवाईयां की हैं और एंटी-इंडिया तत्वों को लेकर भारत को खुफिया जानकारी भी संयुक्त अरब अमीरात उपलब्ध करवाता है। भारत के एक पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि, "पूर्व में जिस तरह से भारत के लिए प्रमुख राजनयिक और व्यापारिक केन्द्र सिंगापुर रहा है, उसी तरह से अबू धाबी मध्य-पूर्वीय क्षेत्र में भारत में निवेश करने के लिए अन्य केंद्र है।" इसके साथ ही भारत के लिए संयुक्त अरब अमीरात एक प्रमुख रक्षा भागीदार बन गया है।

भारत-कुवैत संबंध
संयुक्त अरब अमीरात की तरह कुवैत के साथ भी भारत के संबंध बाद काफी अहम हो गये है। खासकर कोविड 19 के दूसरी लहर के दौरान कुवैत ने भारत की भारी मदद की थी और बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति भारत को की थी। वहीं, कुवैत से चिकित्सा उपकरणों की भी आपूर्ति भारत को की गई। पिछले दिनों भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चिट्ठी लेकर कुवैत गये थे, जिसमें पीएम मोदी ने मदद के लिए कुवैत रे अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-सबाह का आभार जताया था।












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