पिछले 4 वर्षों में हमनें न्यू इंडिया बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी: PM मोदी
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स्टॉकहोम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 3 देशों की यात्रा में पहले दिन स्वीडन पहुंचे। यहां पर स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के साथ मिलकर कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पीएम मोदी भारतीय मूल के लोगों से मिलने पहुंचे। प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, स्वीडन में मेरे और मेरे डेलीगेशन के स्वागत-सत्कार के लिए यहां की जनता और सरकार का, विशेष रूप से स्वीडन के राज और स्वीडन के प्रधानमंत्री श्रीमान लवैन का, मैं हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि, स्वीडन में बसने वाले भारतीयों के लिए स्वीडन के प्रधानमंत्री के मन में जो स्नेह है, और भारत के प्रति उनके प्यार और जुनून के लिए मैं उनका कोटि-कोटि अभिनन्दन करता हूँ।
पीएम मोदी ने कहा कि, आज भारत में एक ऐसी सरकार है जो भारत के सम्मान और स्वाभिमान के लिए दिन रात एक कर रही है, पिछले 4 वर्षों में हमनें विकसित और समावेशी न्यू इंडिया बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। भाषा अलग हो सकती है, स्थितियां-परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, लेकिन एक बात है जो हम सभी को एक सूत्र में पिरोती है। और वो बात है भारतीय होने का गर्व।
पीएम ने सबोधित करते हुए कहा कि, सरकार के काम करने के तरीकों की जो तस्वीर पहले आपके दिमाग में थी, वो अब बदल चुकी है। अब सरकार दफ्तरों में फाइल रोककर रखने का कल्चर नहीं है, बल्कि जो काम सालों से अटका पड़ा है, उसे पूरा करने पर जोर है। गरीबी हटाने की पहले जो सिर्फ बातें और नारे होते थे, अब उस कल्चर को भी हम पीछे छोड़ आए हैं। देश के गरीब का जीवन ऊपर उठाने के लिए सशक्तिकरण को हथियार बनाया गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि, अफ्रीका हो या प्रशांत महासागर के छोटे देश, या फिर आसियान या यूरोप या एशिया, सभी आज भारत को एक विश्वसनीय साथी, एक भरोसेमंद मित्र के रूप में देख रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश में हुए कई सुधारों का अपने भाषण में जिक्र किया। पीएम ने कहा कि स्वीडन में हमारा कोई दूतावास नहीं है। लेकिन हमारे पास कई राजदूत हैं। स्वीडन में रह रहे सभी भारतीय हमारे राजदूत हैं। यदि आपके दिल में इनोवेशसन का कोई आइडिया है तो नई भारत के उद्यम का हिस्सा बनें।












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